scorecardresearch
 

राजस्थान के इतिहास में पहली बार आधी रात खुला हाईकोर्ट, पार्षदों की गिरफ्तारी पर रोक

राजस्थान हाईकोर्ट ने बीकानेर मेयर चुनाव से पहले नव निर्वाचित पार्षद मकसूद अहमद की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी. रविवार देर रात करीब 12 बजे हाईकोर्ट में विशेष सुनवाई हुई, जिसमें करीब दो माह पुरानी FIR से जुड़े मामले में यह राहत दी गई.

Advertisement
X
राजस्‍थान हाई कोर्ट से पार्षदों को मिली बड़ी राहत. (Photo: ITG)
राजस्‍थान हाई कोर्ट से पार्षदों को मिली बड़ी राहत. (Photo: ITG)

राजस्थान में बीकानेर और हनुमानगढ़ में जीते हुए पार्षदों की गिरफ्तारी पर सुनवाई के लिए राज्य के इतिहास में पहली बार हाईकोर्ट ने रात 12 बजे कोर्ट गठित किया और रात दो बजे तक सुनवाई के बाद गिरफ्तारी पर रोक लगी.

इससे पहले रविवार को दिन में छुट्टी के दिन भी हाईकोर्ट को नागौर और श्री गंगानगर के पार्षदों की गिरफ्तारी पर सुनवाई के लिए कोर्ट गठित करना पड़ी और दोनों जगहों पर पार्षदों की गिरफ्तारी रोक लगी.

रविवार देर रात करीब 12 बजे राजस्थान हाईकोर्ट जोधपुर के गेट खुले. बीकानेर मेयर चुनाव से जुड़ी याचिका पर विशेष सुनवाई हुई. बीकानेर नगर निगम के वार्ड-18 से नव निर्वाचित पार्षद मकसूद अहमद की याचिका पर सुनवाई हुई.

हाईकोर्ट से मिली राहत

मकसूद अहमद को राजस्थान हाईकोर्ट से बड़ी अंतरिम राहत मिली. हाईकोर्ट में जस्टिस सुनील बेनीवाल की एकलपीठ ने गिरफ्तारी पर रोक लगाई. करीब दो माह पुरानी FIR से जुड़े मामले में गिरफ्तारी पर रोक लगी.मकसूद अहमद को 15 सितंबर को कोटगेट थाने से गवाह के रूप में नोटिस जारी हुआ था. गिरफ्तारी की आशंका के चलते रविवार देर शाम हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई. आज सोमवार को बीकानेर मेयर पद के लिए चुनाव होना है. याचिका की तात्कालिकता को देखते हुए राजस्थान हाईकोर्ट में विशेष सुनवाई हुई.

Advertisement

अधिवक्ता कौशल गौतम के माध्यम से याचिका दाखिल हुई. वरिष्ठ अधिवक्ता सचिन आचार्य ने राजस्थान हाईकोर्ट जोधपुर में पैरवी की. जोधपुर हाईकोर्ट में कल रात को सुनवाई हुई. मकसूद अहमद पर सरकारी डिस्पेंसरी में सरकारी काम में बाधा की शिकायत और डॉक्टर से अभद्रता की शिकायत पर कोटगेट में 2 माह पूर्व शिकायत हुई थी.

यह भी पढ़ें: राजस्थान मेयर चुनाव LIVE: 18 पार्षदों को पुलिस ने रोका? कांग्रेस बोली- वोट डालने नहीं जाने दे रहे

मेयर, सभापति और अध्यक्ष का चुनाव

राजस्थान में 9 सितंबर को हुए निकाय चुनाव के परिणाम आने के बाद शहरों की सरकार चुनने की प्रक्रिया शुरू हुई. सोमवार को प्रदेश के 305 नगर निकायों में मेयर, सभापति और अध्यक्ष का चुनाव होगा. चुनाव में कांग्रेस और भाजपा दोनों ही पार्टियों ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है. भाजपा सत्ता का इस्तेमाल कर रही है. कांग्रेस सरकार पर गंभीर आरोप लगा रही है. प्रदेश में 32 निकायों में मेयर, सभापति और अध्यक्ष का चुनाव निर्विरोध हो चुका है. जबकि जोधपुर, जयपुर और कोटा नगर निगम व सुकेत नगर पालिका के कुछ वार्डों में दोबारा मतदान होने के कारण इन जगहों पर अध्यक्ष पद का चुनाव 25 सितंबर को होगा. ऐसे में 273 नगरीय निकायों में अध्यक्ष पद के लिए मतदान प्रक्रिया आज होगी.

---- समाप्त ----
Live TV

Advertisement
Latest News in Hindi »
Advertisement