नए पर्यटन सीजन में अलवर स्थित सरिस्का बदला हुआ नजर आएगा. यहां आने वाले पर्यटकों को बेहतर सुविधा मिलेगी. एंट्री गेट से लेकर सफारी तक नया डेवलपमेंट दिखाई देगा. सरिस्का व बाला किला बफर जोन में नए एंट्री गेट बनेंगे. साथ ही पर्यटकों के लिए साफ टॉयलेट, इंटीग्रेटेड वेटिंग रूम व ट्रैक को भी बेहतर करने का काम किया जा रहा है. इसका सीधा फायदा यहां आने वाले पर्यटकों को मिलेगा.
सरिस्का बाघ अभ्यारण्य में पर्यटकों क़ो बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए सरिस्का प्रशासन ने विकास कार्यों की रफ्तार तेज कर दी है. क्षेत्रीय निदेशक संग्राम सिंह कटियार ने बताया कि पर्यटकों की सुविधा और पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कई महत्वपूर्ण योजनाओं पर काम किया जा रहा है. सबसे बड़ा प्रस्ताव बफर क्षेत्र में नया प्रवेश द्वार (गेट) बनाने का है, जहां वर्तमान में सबसे अधिक टाइगर साइटिंग हो रही है.
बजट स्वीकृत होते ही नए गेट का निर्माण शुरू किया जाएगा. उन्होंने बताया कि प्रतापबंध, टहला और सरिस्का के मौजूदा प्रवेश द्वारों का भी सुदृढ़ीकरण और सौंदर्यीकरण किया जाएगा. इसके लिए बजट की मांग भेजी गई है. इन गेटों को आकर्षक स्वरूप दिया जाएगा ताकि पर्यटकों को बेहतर अनुभव मिल सके. पर्यटकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए अभ्यारण्य में बैठने की पर्याप्त व्यवस्था की गई है.
जंगल में कराया जा रहा है शौचालयों का निर्माण
गर्मी से राहत के लिए छायादार स्थान विकसित किए गए हैं. साथ ही सरिस्का के आंतरिक मार्गों की मरम्मत कर उन्हें बेहतर बनाया गया है, जिससे जंगल सफारी पहले से अधिक सुगम हो सके. क्षेत्रीय निदेशक ने बताया कि जंगल के विभिन्न स्थानों पर नए शौचालयों का निर्माण कराया गया है व पुराने शौचालयों का जीर्णोद्धार भी किया जा रहा है. इनकी नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित करने के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू की जा रही है, ताकि पर्यटकों को स्वच्छ और बेहतर सुविधाएं मिल सकें.
सरिस्का प्रशासन का मानना है कि इन विकास कार्यों के पूरा होने के बाद पर्यटकों की संख्या में और बढ़ोतरी होगी तथा विश्व प्रसिद्ध सरिस्का बाघ अभ्यारण्य में आने वाले देशी-विदेशी पर्यटकों को पहले से अधिक सुविधाजनक और यादगार अनुभव मिलेगा. आपको बता दें कि बफर क्षेत्र में बढ़ती टाइगर साइटिंग भी पर्यटकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बनी हुई है.