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एक जुलाई से सरिस्का, रणथंभौर, मुकुंदरा टाइगर रिजर्व हुए बंद, जानिए कब तक नहीं मिलेगी जंगल सफारी

अगर आप जुलाई, अगस्त या सितंबर में राजस्थान के किसी टाइगर रिजर्व में जंगल सफारी की योजना बना रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए जरूरी है. मानसून सीजन की शुरुआत के साथ ही 1 जुलाई से राज्य के सभी प्रमुख टाइगर रिजर्व और नेशनल पार्क पर्यटकों के लिए बंद कर दिए गए हैं.

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मॉनसून में वन्यजीवों की होगी विशेष निगरानी.(Photo:Screengrab)
मॉनसून में वन्यजीवों की होगी विशेष निगरानी.(Photo:Screengrab)

जुलाई, अगस्त व सितंबर महीने में अगर आप जंगल सफारी का आनंद लेने की योजना बना रहे हैं, तो आपके लिए यह खबर काम की हो सकती है. 1 जुलाई से सरिस्का, रणथंबोर, मुकुंदरा व विषधारी सहित सभी टाइगर रिजर्व बंद हो गए हैं. मानसून सीजन के दौरान 3 महीने यहां पर्यटकों का प्रवेश बंद रहेगा. 1 अक्टूबर से नए पर्यटन सीजन में लोगों को प्रवेश मिलेगा. इस दौरान पर्यटक बफर जोन में सफारी का आनंद ले सकते हैं. साथ ही सरिस्का में मंगलवार और शनिवार को पांडुपोल जाने की अनुमति मिलेगी व रणथंबोर में पर्यटक गणेश मंदिर जा सकेंगे.

सरिस्का, रणथंबोर, मुकुंदरा व विषधारी सहित सभी टाइगर रिजर्व व नेशनल पार्क में प्रतिदिन बड़ी संख्या में पर्यटक घूमने व सफारी का आनंद लेने के लिए आते हैं. लेकिन मानसून सीजन के दौरान सभी नेशनल पार्क व टाइगर रिजर्व को 1 जुलाई से बंद कर दिया गया है. 3 महीने जुलाई अगस्त सितंबर में यहां पर्यटकों को प्रवेश नहीं दिया जाएगा.

इस दौरान सरिस्का में बाला किला बफर जोन में पर्यटक सफारी का आनंद ले सकते हैं. बफर जोन में 11 टाइगर घूम रहे हैं. साथ ही दो ट्रैक पर सफारी होती है. इसके अलावा मंगलवार और शनिवार को सरिस्का के जंगल स्थित पांडुपोल हनुमान मंदिर में लोग अपनी निजी वाहन से जा सकेंगे.

इसी तरह से रणथंबोर में अन्य जगह भी बफर राउटर जोन में पर्यटक घूम सकते हैं. इस दौरान जानवरों की मॉनिटरिंग के लिए भी खास इंतजाम किए गए हैं. सरिस्का बफर जोन के रेंजर शंकर सिंह ने बताया कि सुबह-शाम दो समय पर पर्यटक सफारी का आनंद ले सकते हैं. सरिस्का बफर जोन में 11 बाघ, बाघीन व उनके शावक घूम रहे है. यहां आने वाले पर्यटकों को बाघों की बेहतर साइटिंग होती है, इसलिए बफर जोन में प्रतिदिन पर्यटकों की संख्या में भी इजाफा हो रहा है. देखें VIDEO:- 

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बफर जोन में 35 जिप्सी लगी हुई है. जो निर्धारित समय पर संचालित होती है. मानसून सीजन के दौरान बाघ व अन्य वन्य जीवों की मॉनिटरिंग के लिए भी बेहतर इंतजाम किए गए हैं. मुख्यालय से मिलने वाले निर्देश के आधार पर गस्त व मॉनिटरिंग की जाती है.

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