पंजाब विधानसभा में जिस कानून को सत्ता और विपक्ष ने सर्वसम्मति से पास किया था. अब वही कानून मान सरकार के लिए सबसे बड़ा सियासी और धार्मिक इम्तिहान बन गया है. श्री अकाल तख्त साहिब में हुई पेशी के दौरान सरकार से एक के बाद एक तीखे सवाल पूछे गए. मुख्यमंत्री भगवंत मान के पुराने बयानों पर जवाब मांगा गया. कानून बनाने की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाया गया. इस पूरी कार्रवाई के दौरान हैरान करने वाली बात ये पता चली कि विधानसभा के अंदर जिस बिल के समर्थन में विधायकों ने हाथ उठाया था उसे उन्होने पढ़ा तक नहीं था.