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गुजरात में BJP बना रही तीसरी बार क्लीन स्वीप की रणनीति, जानें- सूबे में कांग्रेस की क्या है तैयारी

गुजरात में एक ओर बीजेपी लगातार तीसरी बार सभी 26 लोकसभा सीटें जीतने की तैयारी कर रही है, तो वहीं कांग्रेस की हालत खस्ताहाल होती जा रही है. बीजेपी ने इसी सप्ताह 26 में से 25 लोकसभा सीटों के लिए लोकसभा प्रभारी और संयोजकों की घोषणा कर दी, जिसमें पुराने चेहरों को जिम्मेदारी दी गई है. तो कांग्रेस के नेता पार्टी का दामन छोड़ रहे हैं.

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 गुजरात में कांग्रेस और बीजेपी दोनों पार्टियां लोकसभा चुनाव की तैयारियों में जुट गई हैं
गुजरात में कांग्रेस और बीजेपी दोनों पार्टियां लोकसभा चुनाव की तैयारियों में जुट गई हैं

राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव के माहौल के बीच गुजरात में बीजेपी और कांग्रेस दोनों ही पार्टियां लोकसभा चुनाव की तैयारी में जुटी हुई हैं. बीजेपी ने जहां लोकसभा के लिए प्रभारियों की घोषणा कर दी है तो वहीं कांग्रेस ने अपने नेताओं से हर लोकसभा सीट के लिए तीन-तीन उम्मीदवारों के नाम मांगे हैं. हालांकि पूरे देश में राम मय माहौल है, लेकिन गुजरात में कांग्रेस और बीजेपी लोकसभा चुनाव की तैयारियों में जुटी हुई हैं. हालांकि तैयारी की रेस में बीजेपी, कांग्रेस से आगे चल रही है. उधर, कांग्रेस में घमासान मचा हुआ है. कांग्रेस के एक और विधायक ने इस्तीफा देकर पार्टी की स्थिति पर सवाल खड़े कर दिए हैं. कांग्रेस से वीजापुर के विधायक रहे सीजे चावड़ा ने कांग्रेस और विधायक पद से इस्तीफा देते हुए उन्होंने कांग्रेस नेताओं की बयानबाजी और राम मंदिर विरोध पर नाराजगी व्यक्त की. 

चावड़ा ने कांग्रेस छोड़ने की वजह बताते हुए कहा कि राम मंदिर और सरकार के हर फैसले का विरोध करने से कांग्रेस की छवि धूमिल हो रही है. गुजरात का वोटर कांग्रेस से बहुत ज्यादा नाराज है. हाल ही में कांग्रेस के राष्ट्रीय नेतृत्व द्वारा राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह के बहिष्कार के फैसले के बाद गुजरात कांग्रेस के काफी नेताओं ने नाराजगी व्यक्त की थी. कांग्रेस की गुजरात में स्थिति पहले से खराब रही है.  ऐसे में एक के बाद एक विधायक कांग्रेस का दामन छोड़ रहे हैं. इससे कांग्रेस कार्यकर्ताओं में भी नाराजगी देखने को मिल रही है. शक्ति सिंह गोहिल के कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद 2 विधायकों ने कांग्रेस और विधायक पद छोड़ दिया है. इतना ही नहीं, आने वाले दिनों में दो-तीन और विधायक इस्तीफा दे सकते हैं, ऐसी संभावनाएं व्यक्त की जा रही हैं. 

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BJP की गुजरात में तीसरी बार सभी सीटें जीतने की तैयारी

गुजरात में एक ओर बीजेपी लगातार तीसरी बार सभी 26 सीटें जीतने की तैयारी कर रही है, वहीं कांग्रेस की हालत खस्ताहाल होती जा रही है. बीजेपी ने इसी सप्ताह 26 में से 25 लोकसभा सीटों के लिए लोकसभा प्रभारी और संयोजकों की घोषणा कर दी, जिसमें पुराने चेहरों को जिम्मेदारी दी गई है. लिहाजा बीजेपी पूरी तरह से चुनावी मोड में नजर आ रही है और आने वाले दिनों में राष्ट्रीय नेतृत्व का दौरा गुजरात में होने वाला है. भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सीआर पाटिल ने सभी 26 लोकसभा सीटों के लिए 5 लाख से ज्यादा की लीड का लक्ष्य तय किया है. साथ ही कार्यकर्ताओं से कहा है कि अपनी लोकसभा में एक भी बूथ माइनस में नहीं होना चाहिए. इसी सप्ताह भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और मुख्यमंत्री ने वॉल पेंटिंग कर चुनावी अभियान की शुरुआत कर दी और अब आने वाले सप्ताह में सभी 26 सीटों पर ऑफिस खोलकर भाजपा अपने चुनावी अभियान में तेजी लाने की तैयारी में है.

कांग्रेस ने हर लोकसभा के लिए तीन-तीन कैंडिडेट्स के नाम मांगे 

हालांकि कांग्रेस ने भी अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं. इसी सप्ताह कांग्रेस प्रभारी मुकुल वासनिक 2 दिन के गुजरात दौरे पर आए थे. जहां उन्होंने सभी जिलों के बड़े नेताओं-पदाधिकारीयों के साथ बैठक की. जिसमें हर लोकसभा सीट की स्थिति की समीक्षा की गई और उस लोकसभा सीट पर कांग्रेस के संभावित उम्मीदवार के तौर पर सबसे अच्छे तीन-तीन नाम मांगे गए. कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि इस बार उन्होंने अलग रणनीति के साथ काम शुरू किया है. जिसमें सभी जिलों के पदाधिकारी और बड़े नेताओं से संबंधित जिले की लोकसभा सीट के लिए तीन-तीन नाम व्यक्तिगत रूप से मांगे गए हैं, जिससे एक-दूसरे के नाम के बारे में किसी को पता ना चले. 

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क्या हैं चुनावी समीकरण

कांग्रेस दावा कर रही है कि वह इस बार भाजपा को कड़ी चुनौती देगी. बात अगर पिछले 2 लोकसभा चुनावों की करें तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चेहरे पर गुजरात की जनता ने सभी 26 की 26 सीटें बीजेपी को दी थीं. साल 2022 के विधानसभा चुनाव में भी जनता ने भाजपा को 156 सीटें दी थीं. साल 2022 के विधानसभा चुनाव में भाजपा की आंधी में जीते कांग्रेस के 17 विधायकों में से 2 विधायकों ने पिछले 1 महीने में इस्तीफा देकर कांग्रेस की लोकसभा की तैयारी को झटका दिया है. एक के बाद एक नेताओं के कांग्रेस छोड़ने से कार्यकर्ताओं के मनोबल पर काफी नकारात्मक असर होता है. यह पिछले कई चुनाव में भी देखा गया है. ऐसे में कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष शक्ति सिंह गोहिल के सामने बड़ी चुनौती ये है कि वह कैसे कांग्रेस को एकजुट रख पाएंगे और भाजपा को लोकसभा चुनाव में टक्कर दे पाएंगे.

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