अब भुवनेश्वर में दुर्गा प्रतिमाओं के विसर्जन के दौरान तेज आवाज में डीजे बजाना अपराध के बराबर माना जाएगा. ऐसा करने पर पूजा समितियों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया जाएगा. पुलिस ने बुधवार, 21 अक्टूबर को सभी दुर्गा पूजा समितियों को इस बारे में चेतावनी दी.
भुवनेश्वर के डीसीपी सरवण विवेक एम के मुताबिक, अब विसर्जन जुलूसों में डीजे संगीत पर रोक रहेगी. वहीं इस आदेश का उल्लंघन करने वाली किसी भी समिति को सख्त कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा. विसर्जन के दौरान पुलिसकर्मियों के कुल 48 दस्ते तैनात किए जाएंगे.
डीसीपी सरवण विवेक एम ने पूजा समितियों से विसर्जन जुलूस के दौरान केवल पारंपरिक वाद्य यंत्रों का इस्तेमाल करने की अपील की. उन्होंने कहा कि तेज आवाज वाले डीजे संगीत का इस्तेमाल करने की इजाजत नहीं होगी. डीजे की रोक का पालन सुनिश्चित करने के लिए पुलिसकर्मियों को जुलूस वाली जगहों पर तैनात किया जाएगा.
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वहां मौजूद पुलिसकर्मी इस बात पर नजर रखेंगे कि कोई भी पूजा समिति विसर्जन जुलूस में डीजे संगीत का इस्तेमाल न करे. डीसीपी ने कहा कि अगर कोई समिति आदेश का उल्लंघन करते हुए पाई गई तो उसके खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया जाएगा. पुलिस ने सभी समितियों से तय निर्देशों का पालन करने और जुलूसों में पारंपरिक संगीत तक सीमित रहने को कहा है.
विसर्जन के लिए छह अस्थायी तालाब बनाए गए
दुर्गा प्रतिमाओं के विसर्जन के लिए भुवनेश्वर में अलग-अलग स्थानों पर छह अस्थायी तालाब बनाए गए हैं. इन तालाबों में प्रतिमाओं का विसर्जन किया जाएगा. इस दौरान भी पुलिस के जवान मौके पर तैनात होंगे. जुलूसों के शुरुआती स्थानों पर मौजूद रहकर डीजे संगीत पर लगी रोक का पालन करेंगे.