पर्यावरण संरक्षण, हरित विकास और जनभागीदारी की दिशा में मध्य प्रदेश ने राष्ट्रीय पटल पर एक बार फिर इतिहास रचा है. राष्ट्रीय स्वच्छ वायु सर्वेक्षण-2026 के परिणामों में 10 लाख से अधिक आबादी वाले देश के शीर्ष पांच शहरों में मध्य प्रदेश के तीन प्रमुख शहरों इंदौर, जबलपुर और भोपाल ने अपनी जगह बनाकर प्रदेश का गौरव बढ़ाया है.
'राष्ट्रीय स्वच्छ वायु दिवस' के अवसर पर सोमवार को नई दिल्ली स्थित इंदिरा पर्यावरण भवन के गंगा प्रेक्षागृह में आयोजित राष्ट्रीय समारोह में यह प्रतिष्ठित पुरस्कार प्रदान किए गए. नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) के अध्यक्ष न्यायमूर्ति प्रकाश श्रीवास्तव और पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के सचिव तन्मय कुमार ने राज्य के प्रतिनिधियों को सम्मानित किया.
इंदौर द्वितीय, जबलपुर तृतीय
10 लाख से अधिक जनसंख्या श्रेणी वाले महानगरों की प्रतिस्पर्धा में मध्य प्रदेश के शहरों ने अपनी श्रेष्ठता सिद्ध की.
इंदौर (द्वितीय स्थान): मैकेनाइज्ड सड़क सफाई, धूल नियंत्रण, हरित क्षेत्र विस्तार और नागरिक सहभागिता के दम पर इंदौर ने देश में दूसरा स्थान हासिल किया. महापौर पुष्यमित्र भार्गव, निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल और एमआईसी सदस्य अश्विनी शुक्ला ने यह सम्मान प्राप्त किया.
जबलपुर (तृतीय स्थान): प्रदूषण नियंत्रण और सुनियोजित पर्यावरण संरक्षण कार्यों के बदौलत जबलपुर तीसरे स्थान पर रहा. महापौर जगत बहादुर सिंह 'अन्नू' और निगम आयुक्त राम प्रसाद अहिरवार की टीम ने पुरस्कार ग्रहण किया.
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भोपाल (चतुर्थ स्थान): प्रदेश की राजधानी भोपाल ने राष्ट्रीय स्तर पर चौथा स्थान अर्जित किया.
ग्वालियर: इस श्रेणी में ग्वालियर 39वें स्थान पर रहा.
भोपाल के वार्ड क्रमांक-60 को मिला राष्ट्रीय सम्मान
वार्ड स्तरीय वायु गुणवत्ता में अभूतपूर्व सुधार, सघन पौधारोपण और नागरिक जागरूकता के प्रभावी प्रयासों के लिए भोपाल नगर निगम के वार्ड क्रमांक-60 को राष्ट्रीय स्तर पर विशेष रूप से अलंकृत किया गया. भोपाल नगर निगम के अपर आयुक्त अमन मिश्रा और एमआईसी सदस्य आरके सिंह बघेल ने यह प्रतिष्ठित पुरस्कार स्वीकार किया.
प्रदेश के अन्य शहरों का प्रदर्शन
केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय की ओर से संचालित इस सर्वेक्षण में देश के 130 प्रमुख शहरों का मूल्यांकन किया गया, जिसमें एमपी के अन्य शहरों ने भी उल्लेखनीय प्रदर्शन किया:
3 से 10 लाख जनसंख्या श्रेणी: उज्जैन ने 16वां और सागर ने 21वां स्थान प्राप्त किया.
3 लाख से कम जनसंख्या श्रेणी: देवास ने राष्ट्रीय स्तर पर 7वाँ स्थान हासिल किया.