नेशनल मिशन फॉर क्लीन गंगा (NMCG) ने सोमवार को मध्य प्रदेश के युवा सुरेंद्र सिंह चौधरी की पहल की तारीफ की. उन्होंने राजगढ़ जिले में अजनार नदी को साफ करने का बीड़ा उठाया था. मिशन ने कहा कि वे देश भर के लोगों को नदियों का ध्यान रखने और अपना योगदान देने के लिए प्रेरित कर रहे हैं.
X पर एक पोस्ट में NMCG ने बताया कि मध्य प्रदेश के छात्र चौधरी, जिन्हें उनके दोस्त 'बिट्टू तबाही' के नाम से जानते हैं, अजनार नदी में उतरे और उसे साफ करना शुरू कर दिया, जब उन्होंने देखा कि वह कचरे की परतों से अटी पड़ी है.
जल शक्ति मंत्रालय के तहत आने वाले इस मिशन ने कहा, "बिट्टू तबाही ने कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई, कोई याचिका नहीं लगाई और न ही अधिकारियों के कार्रवाई करने का इंतजार किया. जब उन्होंने अजनार नदी को कचरे की परतों के नीचे दबते देखा, तो वे खुद नदी में उतरे और उसे साफ करना शुरू कर दिया."
इंस्टाग्राम पर चौधरी के 17 लाख से ज्यादा फॉलोअर्स हैं और वे अक्सर अपने और अपने दोस्तों के नदी के हिस्सों को साफ करने के वीडियो पोस्ट करते हैं, जिसमें वे कई बार अकेले भी काम करते हैं. उन्होंने इस साल 26 जनवरी (गणतंत्र दिवस) को यह अभियान शुरू किया था.
NMCG ने नदी की सफाई की कोशिश के 'पहले और बाद' के दृश्यों वाला 35 सेकंड का एक वीडियो भी शेयर किया और कहा कि चौधरी के कामों ने दूसरों को भी आगे आने के लिए प्रेरित किया है.
Surendra Singh, a student from Madhya Pradesh known to his friends as 'Bittu Tabahi', didn't file a complaint, didn't start a petition, and didn't wait for the authorities to act. When he saw the Ajnar River choking under layers of garbage, he waded in and started cleaning it… pic.twitter.com/aWEYfJB5NI
— Namami Gange (@cleanganganmcg) September 7, 2026
मिशन ने कहा, "बिट्टू तबाही ने किसी ट्रेंड का पालन नहीं किया. उनके कामों ने दूसरों को आगे आने के लिए प्रेरित किया," और साथ ही कहा कि अब कई लोग उनके दिखाए रास्ते पर चल रहे हैं.
NMCG ने कहा, "एक युवा के उस शांत और बिना किसी दिखावे वाले काम ने नदी के किनारे से कहीं आगे तक का सफ़र तय किया है. उनकी कहानी ने देश भर के लोगों का ध्यान खींचा है, इसलिए नहीं कि यह नाटकीय थी, बल्कि इसलिए कि यह गहराई से मानवीय थी. इसने ऐसी बात कही जिसे हममें से कई लोग महसूस तो करते हैं, लेकिन शायद ही कभी उस पर अमल करते हैं."
मिशन ने कहा कि भारत में नदियों के लिए संसाधनों या नीतियों की कोई कमी नहीं है, लेकिन चौधरी जैसे और युवाओं की जरूरत है जो झुककर कचरा उठाने और खुद काम शुरू करने के लिए तैयार हों. "उनकी मिसाल अब भारतीयों को जागरूक होने, ध्यान देने और अपना योगदान देने के लिए प्रेरित कर रही है. ऐसे देश में जहां पानी की सुरक्षा हमारे समय की सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक है, प्रेरणा की यह लहर उतनी ही अहम हो सकती है जितनी कि खुद सफाई की प्रक्रिया.
"एक और पोस्ट में कहा गया, 'अब किसी और का इंतजार करने का विकल्प नहीं है.' इस पोस्ट के साथ एक वीडियो भी था जिसमें अलग-अलग जगहों पर लोग सफाई अभियान चलाते हुए दिख रहे थे."