
मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि इंदौर में राहुल गांधी का 19 सितंबर का 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम एक गैर-राजनीतिक कार्यक्रम है. उन्होंने चेतावनी दी कि अगर तय जगह के लिए इजाजत नहीं मिली, तो यह कार्यक्रम सड़क पर किया जाएगा.
कांग्रेस ने इस कार्यक्रम के लिए रीजनल पार्क के सामने लगभग 12,000 वर्ग मीटर के मैदान को तीन दिन के लिए अस्थायी रूप से किराए पर लेने के लिए इंदौर विकास प्राधिकरण (IDA) के पास 10.08 लाख रुपये जमा किए हैं. हालांकि, पार्टी का कहना है कि उसे कार्यक्रम के लिए अभी तक अंतिम इजाजत नहीं मिली है और सरकारी प्रक्रिया चल रही है.
पटवारी ने इंदौर में पत्रकारों से कहा, छात्रों की गूंज एक गैर-राजनीतिक कार्यक्रम है. इसे राजनीतिक नजरिए से नहीं देखा जाना चाहिए. कांग्रेस नियमों के अनुसार प्रशासन, पुलिस या किसी अन्य विभाग से इजाजत लेगी. अगर हमें इजाजत नहीं दी गई, तो हम सड़क पर कार्यक्रम करेंगे."
पटवारी ने जोर देकर कहा कि अगर कार्यक्रम के लिए 10 करोड़ रुपये भी मांगे जाते, तो कांग्रेस वह भी जुटा लेती, क्योंकि "शिक्षा की रक्षा के लिए संघर्ष देश की आजादी की लड़ाई जैसा है".
MP पीसीसी चीफ ने कहा कि जब अटल बिहारी वाजपेयी लोकसभा में विपक्ष के नेता थे, तब मध्य प्रदेश की तत्कालीन कांग्रेस सरकार इंदौर में उनके कार्यक्रमों के लिए मुफ्त में इजाजत देती थी.
पटवारी ने कहा, "अगर मौजूदा लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के कार्यक्रम के प्रति सत्ताधारी बीजेपी का रवैया ठीक नहीं है, तो यह देश की राजनीति के लिए अच्छा नहीं है."
कांग्रेस ने शुरू में इंदौर के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम आयोजित करने की इजाज़त मांगी थी, लेकिन इजाजत न मिलने के बाद कार्यक्रम की तारीख 12 सितंबर से बदलकर 19 सितंबर कर दी गई.
मेयर पुष्यमित्र भार्गव ने कहा था कि मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के पहले के आदेश के तहत स्टेडियम केवल खेल आयोजनों या राज्य-स्तरीय सरकारी कार्यक्रमों के लिए ही आवंटित किया जा सकता है.
'छात्रों की गूंज' कांग्रेस का छात्रों तक पहुंचने का अभियान है, जिसके जरिए राहुल गांधी पेपर लीक, महंगी शिक्षा, सरकारी भर्तियों में गड़बड़ी और बेरोजगारी जैसे मुद्दे उठा रहे हैं.
इस अभियान के तहत अब तक कोटा, देहरादून, प्रयागराज और पुणे में चार कार्यक्रम हो चुके हैं.

पटवारी ने यह भी चेतावनी दी कि अगर तीन महीने के भीतर भोपाल और इंदौर के विकास के लिए मास्टर प्लान की घोषणा नहीं की गई, तो कांग्रेस 50,000 कार्यकर्ताओं के साथ इंदौर से भोपाल तक मार्च करेगी और मुख्यमंत्री मोहन यादव से उनके आवास पर मुलाकात की मांग करेगी.