आर माधवन बॉलीवुड के जाने-माने कलाकार हैं. उनकी एक्टिंग के लोग दीवाने हैं. लेकिन आर माधवन के बेटे वेदांत माधवन लाइमलाइट और शोबिज की चकाचौंध से दूर रहते हैं. वेदांत पिता की तरह एक्टिंग में करियर नहीं बनाना चाहते, बल्कि वो एक इंडियन एथलीट हैं.
एशियन गेम्स 2026 के लिए एक्साइटेड वेदांत
वेदांत माधवन एक स्विमर हैं, जो एशियन गेम्स 2026 में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे. बता दें कि कोरोना महामारी के दौरान आर माधवन अपने परिवार के साथ दुबई शिफ्ट हो गए थे, ताकि उनके बेटे वेदांत अपने उभरते स्विमिंग करियर के लिए बेहतर ट्रेनिंग ले सकें. पांच साल बाद, अब वेदांत अपने करियर की सबसे बड़ी प्रतियोगिता 'एशियन गेम्स 2026' में पार्टिसिपेट करने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं. 'एशियन गेम्स 2026' महीने के अंत में जापान में आयोजित होने जा रहे हैं. उनका कहना है उन्हें स्पॉटलाइट से फर्क नहीं पड़ता.
समाचार एजेंसी संग बातचीत में माधव के बेटे वेदांत ने कहा- मैं स्पॉटलाइट में रहने की कोशिश नहीं कर रहा हूं. एक स्विमर के तौर पर मेरा ध्यान सिर्फ अपने लिए और अपने देश के लिए अच्छा प्रदर्शन करने पर है. अगर आप अच्छा परफॉर्म करेंगे, तो आप स्पॉटलाइट में रहेंगे. अगर आप अच्छा परफॉर्म नहीं करेंगे, तो नहीं रहेंगे. इसलिए इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि आप कौन हैं.
स्टार किड होने के प्रेशर पर क्या बोले वेदांत?
'अगर आप तारों को पाने का लक्ष्य रखेंगे, तो कम से कम चांद पर तो पहुंच ही जाएंगे.' एशियन गेम्स में उतरने से पहले वेदांत माधवन इसी मूलमंत्र पर भरोसा कर रहे हैं. वेदांत ने कहा- मुझे लगता है कि अगर आप जिंदगी में सफल होना चाहते हैं, तो आपको एक तरह से खुद पर पूरा भरोसा रखना पड़ेगा, जहां आपके दिमाग में यह बात पहले से तय हो कि चाहे कुछ भी हो जाए, आप ही जीतेंगे.
वेदांत ने यह भी बताया कि प्रेशर से निपटना उन्हें आता है, क्योंकि यह एशियन गेम्स की उनकी ट्रेनिंग का ही हिस्सा रहा है. वेदांत बोले- चाहे आप कोई भी हों, उम्मीदों और दबाव का बोझ हमेशा बना रहता है, क्योंकि हम लगभग 140 करोड़ लोगों का देश हैं. हर कोई आपको देख रहा होता है, इसलिए जिम्मेदारी का एहसास हमेशा रहता है.
'बेशक, मेरी पहचान (आर माधवन का बेटा होने) की वजह से थोड़ा ज्यादा दबाव हो सकता है, लेकिन मैं इसके बारे में नहीं सोचता. हमें इस खास तरीके से ट्रेन किया गया है कि दबाव हमारे ऊपर हावी न हो. जब हम स्विमिंग पूल में उतरते हैं, तो पानी में सिर्फ हम होते हैं और कुछ नहीं.'