
भोपाल के डीबी मॉल स्थित एक 5 स्टार होटल में सीनियर IAS अधिकारी की पत्नी समेत कुछ लोग लिफ्ट में फंस गए. सूचना मिलते ही नगर निगम की फायर ब्रिगेड, विद्युत और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची और सभी को सुरक्षित बाहर निकाला. रेस्क्यू के बाद निगम की टीम ने होटल की लिफ्ट और उससे जुड़े सुरक्षा इंतजामों की जांच की. जांच में लिफ्ट में ऑटोमेटिक रेस्क्यू डिवाइस (ARD) नहीं मिली. इसके अलावा लिफ्टों के निर्धारित मासिक मेंटेनेंस से जुड़े रिकॉर्ड की भी जांच की गई.
अधिकारियों के मुताबिक, होटल की लिफ्ट का 31 अगस्त 2026 को निर्धारित मासिक मेंटेनेंस भी नहीं कराया गया था. इसके बाद निगम की टीम ने होटल में फायर सेफ्टी उपकरणों, आपातकालीन निकासी मार्ग और एग्जिट गेट समेत अन्य सुरक्षा व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया.
जांच के दौरान फायर सेफ्टी से जुड़ी व्यवस्थाएं भी निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं मिलीं. इन कमियों के बाद नगर निगम ने होटल की तीन लिफ्टों को अस्थायी रूप से सील कर दिया.

होटल के दस्तावेजों की भी जांच
नगर निगम की टीम ने होटल के खाद्य सुरक्षा लाइसेंस समेत अन्य संबंधित दस्तावेजों की भी जांच की. निगम के मुताबिक, होटल का इससे पहले भी निरीक्षण किया जा चुका है और निर्धारित सुरक्षा मानकों के अनुरूप व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के लिए नोटिस दिए गए थे.
इसके बावजूद लिफ्टों के रखरखाव और फायर सेफ्टी से जुड़ी कमियां सामने आने के बाद यह कार्रवाई की गई.

अब दूसरे होटल और अस्पतालों की भी होगी जांच
घटना के बाद नगर निगम ने शहर की अन्य बहुमंजिला इमारतों, होटलों और अस्पतालों में लगी लिफ्टों की जांच करने का फैसला किया है. इन निरीक्षणों के दौरान लिफ्टों के समय पर मेंटेनेंस, सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता और संबंधित दस्तावेजों की जांच की जाएगी.
निगम आयुक्त संस्कृति जैन के निर्देश पर होने वाले इस निरीक्षण अभियान में यदि कहीं सुरक्षा मानकों का पालन नहीं पाया गया तो संबंधित संस्थान के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. निगम ने होटल, अस्पताल और बहुमंजिला इमारतों के संचालकों को लिफ्टों का नियमित रखरखाव और सभी सुरक्षा व्यवस्थाएं निर्धारित मानकों के अनुसार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं.