Roof Cooling Tips: गर्मी अपने प्रचंड रूप में हैं और पारा लगातार बढ़ता जा रहा है. 25 मई से नौतपा की शुरुआत भी हो चुकी है, ऐसे में धूप सीधे आसमान से आग बरसा रही है. इसकी वजह से शाम तक घरों की छतें दिनभर धूप में तपकर भट्टी जैसी गर्म हो जाती हैं और रात के समय नीचे के कमरों को तंदूर बना देती हैं. अगर आपके घर में AC नहीं है, या आप बिजली का भारी-भरकम बिल बचाना चाहते हैं, तो अपनी छत को ठंडा करने के लिए ये ट्रिक्स ट्राई कर लें.
पूरे दिन तेज धूप की वजह से छत इस कदर गर्म हो जाती है कि उन पर नंगे पैर चलना भी मुश्किल हो जाता है. छत के तपने की वजह से ही पूरा घर गर्म होता है और रात को पंखे से भी गर्म हवा ही आती है. ऐसे में आप इन आसान और सस्ती ट्रिक्स को अपनाकर आप बिना AC के भी अपने घर को अंदर से पांच से आठ डिग्री तक कूल रख सकते हैं.
चूने का पेंट करें
छत पर चूने का पेंट करें, क्योंकि सफेद रंग सूरज की किरणों को रिफ्लेक्ट करता है. वैज्ञानिक भाषा में कहें तो यह अल्बेडो इफेक्ट की तरह काम करता है, जो धूप को सोखने के बजाय वापस आसमान की तरफ भेज देता है. बाजार से मोटा चूना लाएं, उसे पानी में भिगोएं और उसमें थोड़ा सा फेविकोल या नमक मिला लें. अब इस मिक्सचर के दो से तीन कोट पूरी छत पर कर दें. यह सबसे सस्ता और बेहद असरदार तरीका है.
हरी नेट या तिरपाल बांधें
नर्सरी या पौधों की दुकानों पर मिलने वाली हरी जालीदार नेट धूप की तीव्रता को 70 प्रतिशत तक कम कर देती है. इसलिए गर्मियों में इसे छत पर लगाना काफी फायदेमंद साबित हो सकता है. अपने घर की छत से चार से पांच फीट की ऊंचाई पर बांस या पाइप के सहारे इस हरी नेट को कसकर बांध दें. इससे छत की फर्श पर सीधी धूप नहीं पड़ेगी और नीचे के कमरों की सीलिंग ठंडी रहती है.
छत पर टेरेस गार्डन बनाएं
मिट्टी और पौधे प्राकृतिक रूप से गर्मी को सोख लेते हैं, इसलिए अपनी छत पर खासतौर पर गर्मियों में तो टेरेस गार्डन जरूर बनाना चाहिए. छत पर हरियाली होने से वहां का तापमान अपने आप कम हो जाता है. छत के उन हिस्सों में गमले या ग्रो-बैग्स रखें जहां सबसे ज्यादा धूप आती है. आप चाहें तो घास की हरी मैट भी बिछा सकते हैं. सुबह-शाम पौधों में पानी देने से छत एकदम ठंडी रहेगी और नीचे कमरे भी बिल्कुल नहीं तपेंगे.
खस की चटाइयां या बोरे बिछाएं
अपने घर की छत पर खस की चटाइयां या बोरे बिछाएं. यह एक बेहद देसी और आजमाया हुआ देसी नुस्खा है, जो तुरंत राहत देता है. छत पर जूट के खाली बोरे या खस की चटाइयां बिछा दें. दोपहर के समय करीब 12 से 4 बजे के बीच इन पर थोड़ा पानी छिड़क दें. पानी के वाष्पीकरण से छत का तापमान बिल्कुल गिर जाएगा.
थर्मोकोल शीट्स का इस्तेमाल
थर्मोकोल गर्मी का बहुत खराब संवाहक होता है, यानी यह गर्मी को आगे नहीं बढ़ने देता. इसलिए छत को ठंडा रखने के लिए थर्मोकोल शीट्स का इस्तेमाल काफी असरदार होगा. अगर आपकी छत पर कोई आता-जाता नहीं है, तो आप भारी वजन वाली थर्मोकोल शीट्स को छत पर बिछाकर उन पर ईंटें रख सकते हैं. यह धूप को सीधे फर्श तक पहुंचने से रोकती हैं.
कई लोग दोपहर की धूप ढलते ही 5 बजे छत पर पानी छिड़कना शुरू कर देते हैं, जिससे छत की उमस और भाप नीचे के कमरों में बैठ जाती है. इसलिए पानी हमेशा सूरज डूबने के बाद यानी शाम 7 बजे के बाद छिड़कें. इससे छत की गर्मी पूरी तरह शांत हो जाएगी और रात को कमरा बिल्कुल ठंडा रहेगा.