
Rice weevils in sealed containers: भारत के लगभग हर घर में चावल खाया जाता है लेकिन आपने कई बार महसूस किया होगा चाहे आप चावल को कितना भी अच्छी तरह से बंद डिब्बे में रखें, उसमें कभी न कभी कीड़े निकल ही आते हैं. ऐसे में कई बार लगता है कि डिब्बा तो बंद था, उसे टाइट पैक किया था लेकिन फिर भी उसमें कीड़े कहां से आ गए?
क्या आपने डिब्बा खुला छोड़ दिया था या फिर हमारे किचन की साफ-सफाई में कोई गड़बड़ है? सच्चाई यह है कि इसका आपकी लापरवाही से कोई लेना-देना नहीं है. दरअसल, ये कीड़े खेत से ही चावल में आते हैं.
ये है पूरी प्रोसेस
आईएफएल साइंस के मुताबिक, इन कीड़ों को राइस वीविल्स (Rice weevils) कहा जाता है. चावल के दानों के अंदर ही ये कीड़े रहते हैं. दरअसल, जब धान खेत में होता है तभी मादा कीड़ा चावल के एक दाने में छेद करके उसके अंदर अंडा दे देती हैं और उसे एक खास पदार्थ से बंद कर देती है.

यह अंडा इतना सूक्ष्म होता है कि हमारी आंखों से इसे देख पाना लगभग नामुमकिन है. जब यह चावल के पैकेट आपके घर आते हैं तो आप सिर्फ चावल नहीं बल्कि उन अंडों को भी घर ले आते हैं.
नमी और गर्मी बनती है पनपने का जरिया
सिंगापुर फूड एजेंसी के मुताबिक, ये कीड़े तब तक चावल के अंदर ही रहते हैं जब तक उन्हें अनुकूल माहौल नहीं मिलता. गर्मी और उमस भरे हालात में ये छिपे हुए अंडे लारवा में बदल जाते हैं और चावल को अंदर से खाना शुरू कर देते हैं.
फिर जब लारवा बड़ा होकर वयस्क बन जाता है तो वह चावल के दाने को काटकर बाहर निकलता है. यही कारण है कि अचानक एक दिन आपको बंद डिब्बे में कीड़े रेंगते हुए दिखाई देते हैं. वे बाहर से नहीं आए, बल्कि वे उसी पैकेट के अंदर पले-बढ़े हैं.
क्या ये कीड़े सेहत के लिए हानिकारक हैं?
TSPSC सोंगहे के मुताबिक, अगर आपने गलती से ऐसे चावल खा लिए हैं तो घबराने की जरूरत नहीं है. ये कीड़े जहरीले नहीं होते और न ही इनसे कोई बीमारी फैलती है. आप चावल को अच्छी तरह धोकर इनका इस्तेमाल कर सकते हैं. बस चावल को साफ पानी से धोना जरूरी है ताकि वे ऊपर तैरकर अलग हो जाएं.