कई बार घर में इतना ज्यादा कचरा निकल जाता है कि डस्टबिन भर जाता है. खासकर अगर घर में पार्टी हो, दिवाली या किसी त्योहार की सफाई की हो या किसी फंक्शन के बाद ढेर सारा कचरा बच जाता है. उस समय समझ नहीं आता है कि आखिर ये कचरा कहां फेंका जाए. आप मन ही मन इस असमंजस में होते ही हैं, तभी आपकी नजर पड़ोसी के आधे खाली डस्टबिन पर जाती है. जैसे ही आप आधा खाली डस्टबिन देखते हैं, तो आप अपना कचरा उसमें फेंकने का प्लान बन लेते हैं. ऐसे में मन में ख्याल आता है, 'इसमें एक-दो कचरे की थैली डाल देने में क्या ही जाएगा?' लेकिन अगर आप भी ऐसा सोचते हैं तो थोड़ा रुक जाइए.
डस्टबिन बाहर रखा देखकर उसमें अपना कचरा डाल देना बेशक सोचने में बहुत ही मामूली बात लगती हो, लेकिन है नहीं. एक्सपर्ट्स के मुताबिक, बिना पूछे पड़ोसी के डस्टबिन का इस्तेमाल करना उनके लिए परेशानी खड़ी कर सकता है और इससे पड़ोस के रिश्ते भी खराब हो सकते हैं.
बिना पूछे पड़ोसी के डस्टबिन में कचरा डालना क्यों गलत है?
भले ही डस्टबिन घर के बाहर या सड़क किनारे रखा हो और उसमें काफी जगह खाली दिखाई दे रही हो, इसका मतलब ये नहीं है कि कोई भी उसमें अपना कचरा डाल सकता है. डस्टबिन में कुछ भी डालने से पहले पड़ोसी से पूछना जरूरी है.
सोचिए, अगर आपका पड़ोसी आपके घर के बाहर रखे डस्टबिन में उसके घर का कचरा डालने आ जाए तो आपको कैसा लगेगा? हो सकता है आप मन ही मन सोंचे कि 'मेरे डस्टबिन में ये क्यों अपना कचरा डाल रहा है?'. ऐसा ही वो भी सोच सकता है. इसके साथ ही हो सकता है आपके पड़ोसी ने अपने डस्टबिन में जगह देखकर कुछ खास सामान उसमें डालने का प्लान बनाया हो और आपने उसमें अपनी कचरे की थैलियां डाल दी. इससे उनके लिए परेशानी हो सकती है. एक्सपर्ट्स का कहना है कि बिना पूछे ऐसा करना पड़ोसी के भरोसे और निजी सीमा का सम्मान न करने जैसा है.
पड़ोसी को महंगा पड़ सकता है आपका कचरा फेंकना
बात सिर्फ इस बात की नहीं है कि डस्टबिन किसका है. कुछ जगहों पर कचरे की मात्रा या वजन के हिसाब से पैसे लिए जाते हैं. ऐसे में अगर आप पड़ोसी के डस्टबिन में अपना कचरा डालते हैं, तो उनका कचरा बढ़ जाएगा और उन्हें इसके लिए ज्यादा पैसे भी देने पड़ सकते हैं.
कुछ जगहों पर गलत तरीके से कचरा फेंकने पर जुर्माना भी लग सकता है. यानी कचरा आपने डाला, लेकिन इसका नुकसान या परेशानी आपके पड़ोसी को झेलनी पड़ सकती है.
क्या बिना पूछे कचरा डालना गैरकानूनी भी हो सकता है?
अगर आपके मन में ये सवाल उठता है कि क्या पड़ोसी के डस्टबिन में कचरा डालना गैरकानूनी होता है? तो आपको ये जानना जरूरी है कि ये नियम हर जगह एक जैसा नहीं होता और स्थानीय कानूनों पर निर्भर करता है. लेकिन कुछ जगहों पर किसी दूसरे के डस्टबिन का बिना पूछे इस्तेमाल करना अवैध डंपिंग या अन्य नियमों के तहत आता है और आपके लिए परेशानी खड़ी कर सकता है.
इसलिए ये सोचकर कि 'कचरा तो वैसे भी उठने वाला है', किसी और के डस्टबिन में अपनी थैली डाल देना समझदारी नहीं है.
अगर अपना डस्टबिन भर गया है तो क्या करें?
मान लीजिए आपके घर में सफाई के बाद एक्स्ट्रा कचरा निकल गया है और डस्टबिन में जगह नहीं बची. ऐसे में सबसे आसान तरीका है कि पड़ोसी से सीधे पूछ लें. आप फोन, मैसेज या आमने-सामने पूछ सकते हैं, 'मेरे घर में थोड़ा ज्यादा कचरा हो गया है, अगर आपके डस्टबिन में जगह हो तो क्या मैं एक-दो बैग रख दूं?'
अगर पड़ोसी हां कह दें, तभी कचरा डालें. इससे बात भी साफ रहेगी और बाद में किसी तरह की गलतफहमी भी नहीं होगी.
पड़ोसी ने हां कह दी तो भी इन बातों का रखें ध्यान
अगर पड़ोसी ने कचरा डालने की परमीशन दे दी है, तो इसका मतलब ये नहीं कि आप पूरा डस्टबिन भर दें. कोशिश करें कि सिर्फ उतना ही कचरा डालें जितना पहले तय हुआ था.
इसके साथ ही ये भी ध्यान रखें कि कचरे की थैली अच्छी तरह बंद होनी चाहिए और उसमें से पानी, गंदगी या बदबूदार चीजें बाहर नहीं निकलनी चाहिए. खासकर खाने का कचरा या ऐसी चीजें जिनसे तेज बदबू आ सकती है, उन्हें दूसरे के डस्टबिन में डालने से पहले जरूर पूछें.
पड़ोसी ने मना कर दिया तो क्या करें?
अगर पड़ोसी ने मना कर दिया है तो इसे दिल पर लेने की जरूरत नहीं है. आखिर डस्टबिन उनका है और उसमें क्या रखा जाए, इसका फैसला करने का हक भी उन्हीं का है.