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Nana Patekar Death: नाना पाटेकर से लेकर शेफाली जरीवाला तक, कार्डियक अरेस्ट से गई इन सेलिब्रिटी की जान, जानें किनको ज्यादा खतरा

Nana Patekar Death: आज सुबह तड़के दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर का निधन हो गया. उनके निधन की वजह कार्डियक अरेस्ट बताई गई है. इससे पहले शेफाली जरीवाला की भी 42 साल की उम्र में कार्डियक अरेस्ट से जान चली गई थी. यहां हम आपको बता रहे हैं कि किन लोगों को इस बीमारी का ज्यादा खतरा होता है.

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किन्हे है कार्डियक अरेस्ट का खतरा (Photo: ITG)
किन्हे है कार्डियक अरेस्ट का खतरा (Photo: ITG)

दिग्गज एक्टर नाना पाटेकर का 75 साल में निधन हो गया जिसकी खबर सुन हर कोई दुखी है. नाना पाटेकर काफी फिट थे और अपने गोवा वाले घर में थे. इस दुखद खबर ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है. रिपोर्ट्स के मुताबिक नाना पाटेकर को कार्डियक अरेस्ट हुआ था.

कार्डियक अरेस्ट ने ली इन सेलेब्स की जान

ठीक एक साल पहले शेफाली जरीवाला की भी कार्डियक अरेस्ट ने जान ली थी और वो सिर्फ 42 साल की थीं. 2023 में अभिनेता सतीश कौशिक का निधन हुआ था. रिपोर्ट्स के मुताबिक सतीश कौशिक को भी कार्डियक अरेस्ट आया था. 

माइकल जैक्सन का 2009 को 50 साल की उम्र में निधन हुआ था. इस ग्लोबल पॉप आइकन को लॉस एंजिल्स स्थित उनके घर पर जानलेवा कार्डियक अरेस्ट हुआ था.

कन्नड़ फिल्मों के सुपरस्टार पुनीत राजकुमार को 2021 में जानलेवा कार्डियक अरेस्ट हुआ था और उनका 46 साल की उम्र में निधन हो गया था.

राजीव कपूर का 2021 में कार्डियक अरेस्ट के कारण निधन हो गया था. वो 58 साल के थे.

बॉलीवुड की मशहूर कोरियोग्राफर सरोज खान 2020 में मुंबई के एक अस्पताल में कार्डियक अरेस्ट से निधन हो गया था.

ऐसे में कार्डिएक अरेस्ट शब्द एक बार फिर चर्चा में आ गया है. अक्सर लोग हार्ट अटैक और कार्डिएक अरेस्ट को एक ही समझ लेते हैं जबकि दोनों में बड़ा अंतर है और कार्रिडिएक अरेस्ट हार्ट अटैक से ज्यादा खतरनाक भी है. 

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कितना खतरनाक है कार्डिएक अरेस्ट

हार्ट अटैक में दिल तक खून का बहाव रुकता है, जबकि कार्डियक अरेस्ट में दिल की इलेक्ट्रिकल वायरिंग में अचानक गड़बड़ी आने से धड़कन एकदम रुक जाती है. चिंता की बात यह है कि अब केवल बुजुर्ग ही नहीं, बल्कि 30 से 45 साल के युवा और फिट दिखने वाले लोग भी इसका शिकार हो रहे हैं. आइए जानते हैं कि कार्डियक अरेस्ट का सबसे ज्यादा खतरा किन लोगों को है और इससे बचाव के क्या उपाय हैं. 

कार्डिएक अरेस्ट का सबसे ज्यादा खतरा किन लोगों को है? 

अमेरिका के मेडिल सेंटर क्लीवलैंड क्लीनिक की एक रिपोर्ट के अनुसार, कार्डियक अरेस्ट केवल बुजुर्गों को नहीं बल्कि किसी भी उम्र के व्यक्ति को आ सकता है, हालांकि 30 से कम उम्र के व्यक्ति में कार्डियक अरेस्ट होने की संभावना कम होती है. लेकिन पिछले कुछ समय से हमारे सामने ऐसी कई खबरें आई हैं जिनमें भारत में बच्चों में भी सडन कार्डियक अरेस्ट देखा गया.

अगर किसी की फैमिली हिस्ट्री में ये कंडीशन रही है तो ऐसे लोगों में इसका खतरा ज्यादा होता है. यह हृदय रोग से पीड़ित लोगों को भी होने का रिस्क ज्यादा होता है. कार्डियक अरेस्ट आने से पहले शरीर अक्सर हल्के संकेत देता है जिन्हें समय रहते समझ लेने पर मरीज की जान बच सकती है.

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हाई ब्लड प्रेशर और डायबिटीज 

जिन लोगों का ब्लड प्रेशर और ब्लड शुगर लंबे समय तक अनियंत्रित रहता है, उनकी ब्लड वेसल्स यानी रक्त वाहिकाएं कमजोर हो जाती हैं जिससे दिल की इलेक्ट्रिकल एक्टिविटी बिगड़ने का खतरा सबसे अधिक होता है.

अत्यधिक तनाव और कम नींद 

लगातार मानसिक तनाव, अवसाद यानी डिप्रेशन और रोजाना 6 घंटे से कम नींद लेने से शरीर में कॉर्टिसोल हार्मोन बढ़ता है, जो अचानक कार्डिएक अरेस्ट की वजह बन सकता है.

धूम्रपान और शराब का सेवन 

स्मोकिंग और भारी मात्रा में अल्कोहल लेने से नसों में ब्लॉकेज तेजी से बढ़ती है और दिल की मांसपेशियां कमजोर हो जाती हैं.

फैमिली हिस्ट्री

अगर परिवार में किसी को कम उम्र में दिल का दौरा या कार्डियक अरेस्ट आया हो तो अगली पीढ़ी में इसका जोखिम 2 से 3 गुना बढ़ जाता है.

ओवर-वर्कआउट और अनप्लांड हैवी एक्सरसाइज

बिना मेडिकल चेकअप के अचानक बहुत भारी वर्कआउट या सप्लीमेंट्स का अत्यधिक सेवन दिल की धड़कन को अचानक अनियंत्रित कर सकता है.

कार्डियक अरेस्ट से ठीक पहले क्या होता है?
बेहोश होने से पहले मरीज में कार्डियक अरेस्ट के कई लक्षण दिख सकते हैं.

सीने में दर्द
मतली और उल्टी
सांस फूलना

कब और क्यों हार्ट बीट में दिक्कत आती है

कार्डियोमायोपैथी.
किसी बीमारी के लिए ली जा रही दवाएं
हार्ट अटैक
हार्ट फेल होना
कोकेन जैसे ड्रग्स का सेवन
लॉन्ग क्यूटी सिंड्रोम (LQTS)
गंभीर बीमारी या चोट जिसमें बहुत ज्यादा खून बह जाता है

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कार्डिएक अरेस्ट से बचाव के 5 जरूरी टिप्स
30 की उम्र के बाद साल में कम से कम एक बार ECG, लिपिड प्रोफाइल और शुगर टेस्ट जरूर कराएं.

दिल की कोशिकाओं को रिपेयर होने के लिए पर्याप्त नींद बेहद जरूरी है.

रोजाना 15 मिनट मेडिटेशन या योग करें ताकि हार्ट रेट नॉर्मल रहे.

खाने में नमक, चीनी और ट्रांस फैट कम करें; पोटैशियम व फाइबर रिच डाइट लें.

आपात स्थिति में अगर कोई अचानक बेहोश हो जाए तो तुरंत CPR देकर उसकी जान बचाई जा सकती है.

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