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संसद परिसर में विपक्ष का हल्लाबोल... राहुल गांधी बोले- 'छात्रों पर अत्याचार बर्दाश्त नहीं, जांच के लिए बने SC की हाई-पावर्ड कमेटी'

संसद परिसर में विपक्षी सांसदों ने नीट पेपर लीक मामले में छात्रों पर हुई कथित पुलिस बर्बरता और राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी को लेकर प्रदर्शन किया. राहुल गांधी ने न्याय की मांग करते हुए सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में स्वतंत्र समिति बनाने की बात कही. प्रियंका गांधी वाड्रा, धर्मेंद्र यादव, सागरिका घोष और महुआ माजी सहित कई सांसद मकर द्वार पर जुटे और नारेबाजी की.

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संसद परिसर में विपक्षी सांसदों ने प्रदर्शन किया (Photo: PTI)
संसद परिसर में विपक्षी सांसदों ने प्रदर्शन किया (Photo: PTI)

संसद परिसर में गुरुवार को विपक्षी सांसदों ने जोरदार प्रदर्शन किया. यह प्रदर्शन दो मुद्दों को लेकर किया गया. पहला मुद्दा नीट पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ पुलिस की कथित बर्बरता है और दूसरा मुद्दा अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी है. 

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा कि छात्रों को न्याय मिलना चाहिए. उन्होंने मांग की कि इस मामले की जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में एक स्वतंत्र और उच्चस्तरीय समिति का गठन किया जाना चाहिए. वहीं, प्रियंका गांधी ने कहा है कि छात्रों पर बर्बरता के मामले में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को सदन में आकर जवाब देना चाहिए.

प्रियंका गांधी वाड्रा समेत कई विपक्षी सांसद संसद भवन के मकर द्वार के सामने इकट्ठा हुए और सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की. सांसदों ने 'चढ़ावा चोर, गद्दी चोर', 'गृह मंत्री सदन में आओ' और 'किसने आदेश दिया' जैसे नारे लगाए. 

प्रदर्शन के दौरान सांसद अपने साथ एक दान पेटी भी लेकर आए थे. वे उस पेटी में पैसे डालते हुए नजर आए, ताकि प्रतीकात्मक तरीके से राम मंदिर में हुई कथित चढ़ावा चोरी की तरफ सबका ध्यान खींचा जा सके.

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यह भी पढ़ें: संसद परिसर में दान पात्र लेकर क्यों पहुंचे सपा सांसद? मकर द्वार पर विपक्ष का हल्ला बोल

इस प्रदर्शन में प्रियंका गांधी के अलावा समाजवादी पार्टी के धर्मेंद्र यादव, टीएमसी की सागरिका घोष और झामुमो की महुआ माजी सहित कई अन्य विपक्षी सांसद भी शामिल हुए. सभी सांसद एक बड़े बैनर के पीछे कतार में खड़े हुए, जिस पर लिखा था 'किसने आदेश दिया'. 

यह सवाल सीधे तौर पर उस आदेश की तरफ इशारा करता है, जिसके तहत नीट पेपर लीक के खिलाफ हाल ही में हुए छात्र आंदोलन के दौरान सुरक्षाबलों को छात्रों के खिलाफ सख्त और घातक बल इस्तेमाल करने के निर्देश दिए गए थे. सांसदों का कहना है कि आखिर यह आदेश किसने दिया, इसका जवाब सरकार को देना ही होगा.

इंडिया गठबंधन ने साफ कर दिया है कि वह सरकार को दो मुद्दों पर घेरने की तैयारी में है. पहला मुद्दा राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी है और दूसरा मुद्दा पिछले हफ्ते छात्रों के प्रदर्शन के दौरान उन पर की गई कथित बर्बर कार्रवाई है. विपक्ष का कहना है कि इन दोनों मामलों में सरकार को जवाब देना होगा और जो भी दोषी हैं, उन पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए.

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