Prevent soggy boiled potatoes: सिंगल रहने वाले लड़के-लड़कियों के लिए होस्टल लाइफ में कुकिंग करना किसी टास्क से कम नहीं होता और जब बात आलू उबालने की हो तो वे अक्सर कन्फ्यूज हो जाते हैं. कभी आलू कच्चे रह जाते हैं तो कभी इतने ज्यादा उबल जाते हैं कि उनका हलवा बन जाता है. परफेक्ट उबले आलू शेफ जैसी कुकिंग की पहली सीढ़ी हैं. कुकर में कितनी सीटी लगानी है और पानी का सही रेशियो क्या होना चाहिए, यह जानना बेहद जरूरी है. आइए जानते हैं आलू उबालने के वो सीक्रेट्स जो होस्टलर्स के बहुत काम आएंगे और उनकी कुकिंग को बेहद आसान बना देंगे.
आलू उबालने का सबसे पहला नियम
आलू में कितनी सीटी लगानी है वो आलू के साइज पर डिपेंड करती है. यदि आप मीडियम साइज के आलू उबाल रहे हैं तो प्रेशर कुकर में हाई फ्लेम पर 2 से 3 सीटी लगाना काफी होता है. लेकिन यदि आलू काफी बड़े हैं तो आप उन्हें बीच से 2 हिस्सों में काट सकते हैं जिससे वे जल्दी और बराबर उबलेंगे. छोटे आलू सिर्फ 2 सीटी में अच्छी तरह पक जाते हैं. सीटी आने के बाद गैस तुरंत बंद कर दें और कुकर का प्रेशर अपने आप रिलीज होने दें.
पानी और नमक का परफेक्ट कॉम्बिनेशन
होस्टल में लड़के अक्सर पानी का अंदाजा नहीं लगा पाते. आलू उबालते समय कुकर में इतना पानी जरूर होना चाहिए कि सारे आलू उसमें अच्छी तरह डूब जाएं. इसके साथ ही उबलते समय पानी में एक छोटा चम्मच नमक जरूर डालें. पानी में नमक डालने से वह आलू के अंदर तक जाता है जिससे उसका फीकापन खत्म होता है.
खास बात यह है कि नमक आलू के स्टार्च को सेट करने में मदद करता है जिससे उबलने के बाद आलू गीले या चिपचिपे नहीं होते और उनका छिलका भी आसानी से उतर जाता है.
गीले और ओवरकुक आलू से बचने का सीक्रेट
कई बार आलू उबलने के बाद एकदम मेशी (हलवा जैसे) हो जाते हैं. इससे बचने के लिए जैसे ही कुकर का प्रेशर खत्म हो, आलुओं को तुरंत गर्म पानी से बाहर निकाल लें. यदि आलू उबलने के बाद भी गर्म पानी में छोड़े दिए जाएं तो वे लगातार पकते रहते हैं और पानी सोखकर गीले हो जाते हैं.
आलुओं को पानी से निकालकर कुछ देर हवा में सूखने दें इससे वे एकदम परफेक्ट और टाइट रहेंगे जिससे पराठे या आलू फ्राई शानदार बनेंगे.