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Gehu Ragi Atta Mixed Roti: गेहूं के आटे में इस तरह मिलाएं रागी का आटा, रोटी बनेगी हेल्दी और मिलेगी भरपूर ताकत

Gehu Ragi Atta Mixed Roti: रोजाना गेहूं की रोटी खाते हैं तो उसमें थोड़ा रागी का आटा मिलाकर इसे ज्यादा पौष्टिक बना सकते हैं. रागी में कैल्शियम, फाइबर और आयरन जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं जो हड्डियों और पाचन के लिए फायदेमंद हैं.

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गेहूं में इस तरह मिलाएं रागी का आटा (Photo- ITG)
गेहूं में इस तरह मिलाएं रागी का आटा (Photo- ITG)

Gehu Ragi Atta Mixed Roti: भारतीय घरों में ज्यादातर लोग रोजाना गेहूं के आटे की रोटी खाते हैं. गेहूं की रोटी पेट भरने के साथ शरीर को एनर्जी भी देती है. लेकिन आप अपनी रोज की रोटी को थोड़ा और पौष्टिक बनाना चाहते हैं तो गेहूं के आटे में रागी का आटा मिला सकते हैं. रागी में कैल्शियम, फाइबर, आयरन और प्रोटीन जैसे कई पोषक तत्व पाए जाते हैं. यह हड्डियों को मजबूत बनाने और डाइजेशन को बेहतर रखने में मदद कर सकती है.

रागी की रोटी कई लोगों को थोड़ी सूखी या सख्त लगती है. ऐसे में आप इसे सीधे खाने के बजाय गेहूं के आटे के साथ मिलाकर नरम और टेस्टी रोटियां बना सकते हैं. आइए जानते हैं गेहूं और रागी के आटे को मिलाने का सही तरीका.

गेहूं और रागी के आटे का सही अनुपात
अगर आप पहली बार गेहूं के आटे में रागी मिला रहे हैं तो शुरुआत कम मात्रा से करें. इसके लिए 2 कप गेहूं के आटे में आधा कप रागी का आटा मिला सकते हैं. धीरे-धीरे इसकी मात्रा बढ़ाकर गेहूं और रागी का आटा बराबर मात्रा में भी इस्तेमाल कर सकते हैं.

इस तरह तैयार करें आटा
सबसे पहले एक बड़े बर्तन में गेहूं और रागी का आटा डालें. इसमें स्वादानुसार नमक मिलाएं. अब थोड़ा-थोड़ा पानी डालते हुए नरम आटा गूंथ लें. आटे को कुछ देर ढककर रख दें, ताकि यह अच्छी तरह सेट हो जाए. इसके बाद छोटी-छोटी लोइयां बनाकर रोटी बेलें और गर्म तवे पर दोनों तरफ से अच्छी तरह सेंक लें. आप चाहें तो रोटी पर थोड़ा घी भी लगा सकते हैं.

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गेहूं और रागी की रोटी खाने के फायदे

  • रागी में कैल्शियम अच्छी मात्रा में पाया जाता है, जो हड्डियों और दांतों को मजबूत बनाए रखने में मदद करता है.
  • रागी में मौजूद फाइबर डाइजेशन को बेहतर रखने और कब्ज की परेशानी से बचने में मदद कर सकता है.
  • रागी में आयरन, कैल्शियम और दूसरे जरूरी पोषक तत्व होते हैं. गेहूं के साथ इसे मिलाने से रोटी में पोषक तत्वों की विविधता बढ़ जाती है.
  • फाइबर की वजह से इसे खाने के बाद लंबे समय तक पेट भरा हुआ महसूस हो सकता है.

इन बातों का रखें ध्यान
रागी के आटे की मात्रा अपनी पाचन क्षमता और जरूरत के हिसाब से रखें. शुरुआत कम मात्रा से करना बेहतर है. अगर आपको किडनी में पथरी या कोई दूसरी स्वास्थ्य समस्या है तो रोजाना रागी की रोटी खाने से पहले डॉक्टर या डाइटिशियन की सलाह लें.

डिस्क्लेमर: रागी और गेहूं की रोटी संतुलित डाइट का हिस्सा हो सकती है. यह किसी बीमारी का इलाज नहीं है. ब्लड शुगर या दूसरी हेल्थ इश्यू में अपनी डाइट के लिए एक्सपर्ट की सलाह लें.

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