बारिश और सर्दियों के मौसम में भुट्टा खाना लगभग हर किसी को पसंद होता है. लेकिन भुट्टा खाने के बाद अमूमन हम सभी उसके छिलकों को बेकार समझकर कूड़ेदान में फेंक देते हैं. खासतौर पर एक ही भुट्टे से कई छिलके निकलते हैं इसलिए वो घर में काफी ज्यादा मात्रा में जमा हो जाते हैं जिन्हें लोग फेंक देते हैं. अगर आप भी अब तक ऐसा ही करते आए हैं तो ठहरिए. भुट्टे के छिलके कोई फालतू कचरा नहीं बल्कि बड़े काम की चीज हैं.
गार्डनिंग में पौधों की देखभाल से लेकर, आइसक्रीम का कोन बनाने, रसोई के कामों और घर की सजावट तक ये छिलके कई तरह से इस्तेमाल किए जा सकते हैं. आइए जानते हैं भुट्टे के छिलकों के ऐसे ही 8 कमाल के इस्तेमाल, जो आपके पैसे तो बचाएंगे ही, साथ ही आपके घर के कामों को भी आसान बनाएंगे.
छिलकों से बनाएं आइसक्रीम कोन
आप छिलकों को रैपिंग पेपर की तरह आइसक्रीम कोन के रूप में इस्तेमाल कर सकते हैं. इसके लिए आपको उबलते पानी में थोड़ा सा नमक और बेकिंग सोडा मिलाना है और फिर छिलकों को उसमें कुछ देर के लिए छोड़ देना है. बाद में इन्हें अच्छी तरह सुखा लें. इसका तरह ये बिलकुल साफ हो जाएंगे. अब इन्हें अच्छी तरह रैप करके पिन अप कर लें और फिर इसमें कोई भी आइसक्रीम डालकर एंज्वॉय करें. बच्चों को भी ये यूनिक आइडिया काफी पसंद आएगा. आपको इन छिलकों को खाना नहीं है.
पौधों के लिए नेचुरल खाद : सूखे छिलकों को गमलों की मिट्टी के ऊपर बिछाने से मिट्टी की नमी बरकरार रहती है और खरपतवार नहीं उगती. इसके अलावा छिलकों को छोटे-छोटे टुकड़ों में काटकर गीले कचरे के साथ कंपोस्ट बिन में डालें. यह नाइट्रोजन और कार्बन का अच्छा स्रोत बनकर बेहतरीन जैविक खाद तैयार करता है.
बर्तनों की सफाई: भुट्टे के हरे और थोड़े खुरदरे छिलकों को समेटकर चिमनी, स्टोव या बर्तनों की जिद्दी चिकनाई साफ करने के लिए स्क्रबर की तरह इस्तेमाल कर सकते हैं.
स्टीम कुकिंग के लिए बेस: मोमोज, इडली या ढोकला स्टीम करते समय स्टीमर की प्लेट पर बटर पेपर की जगह भुट्टे के छिलके बिछाएं. इससे खाना चिपकता नहीं और हल्का देसी फ्लेवर भी आता है.
सजावटी सामान और क्राफ्ट: सुखाए गए छिलकों से सुंदर आर्टिफिशियल फूल, कोस्टर, गुड़िया और घर की सजावट के लिए वॉल हैंगिंग बनाए जा सकते हैं.
दीये की बाती: भुट्टे के छिलकों के लंबे धागों या बारीक रेशों को सुखाकर और लपेटकर पारंपरिक तेल के दीयों के लिए प्राकृतिक बाती बनाई जा सकती है.
पैकिंग और कुशनिंग मटीरियल: किसी कांच के सामान या टूटने वाली वस्तु को पैक करते समय सूखे छिलकों को डिब्बे में कुशनिंग की तरह इस्तेमाल किया जा सकता है.
बास्केट और मैट बुनाई: सूखे छिलकों को पानी में हल्का नम करके उनसे छोटी-छोटी टोकरियां, टेबल मैट या रस्सी बुनी जा सकती है, जो दिखने में बेहद आकर्षक और इको-फ्रेंडली होती हैं.
छिलकों का पेस्ट: ताजे पत्तों को पीसकर पेस्ट बनाएं. इसमें थोड़ा शहद मिलाएं. इसे चेहरे पर लगाएं. 15 मिनट बाद धो लें. यह त्वचा को ठंडक देता है.