घर बनवाते समय फर्श और दीवारों पर टाइल्स लगवाना आजकल आम बात है. इससे घर सुंदर दिखता है और सफाई करना भी आसान हो जाता है. लेकिन क्या आपने कभी ध्यान दिया है कि टाइल्स लगाते समय उनके बीच थोड़ी-सी जगह छोड़ी जाती है?
कई लोगों को लगता है कि यह गैप सिर्फ सीमेंट या ग्राउट भरने के लिए होता है. लेकिन ऐसा नहीं है. टाइल्स के बीच छोड़ी गई यह छोटी-सी जगह घर को बड़े नुकसान से बचाने में मदद करती है.
क्यों रखा जाता है टाइल्स के बीच गैप
अगर टाइल्स को एक-दूसरे से बिल्कुल सटाकर लगा दिया जाए, तो कुछ समय बाद फर्श उखड़ सकता है. टाइल्स में दरारें आ सकती हैं और वे टूट भी सकती हैं. आइए समझते हैं कि टाइल्स के बीच गैप रखना क्यों जरूरी है.
टाइल्स के बीच गैप छोड़ने की सबसे बड़ी वजह तापमान में होने वाला बदलाव है. गर्मी पड़ने पर टाइल्स और उन्हें लगाने के लिए इस्तेमाल होने वाला मटेरियल थोड़ा फैल सकता है. वहीं तापमान कम होने पर इनमें सिकुड़न भी हो सकती है.
ऐसे में अगर टाइल्स को बिल्कुल सटाकर लगा दिया जाए, तो उनके फैलने के लिए जगह नहीं बचेगी. इससे एक-दूसरे पर दबाव पड़ सकता है. नतीजा यह होता है कि टाइल्स अपनी जगह से ऊपर उठने लगती हैं या उनके किनारे टूट सकते हैं. इसीलिए टाइल्स लगाते समय उनके बीच एक निश्चित दूरी रखी जाती है, ताकि तापमान में बदलाव होने पर उनके फैलने और सिकुड़ने से होने वाले दबाव को संभाला जा सके.
कई बार आपने देखा होगा कि घर के फर्श की कुछ टाइल्स अचानक ऊपर उठ जाती हैं या उनके बीच से आवाज आने लगती है. ऐसा होने की कई वजहें हो सकती हैं. इनमें गलत तरीके से टाइल्स लगाना, नीचे पर्याप्त चिपकाने वाला मटेरियल न होना और तापमान में बदलाव के कारण दबाव बढ़ना शामिल है.
अगर टाइल्स के बीच जरूरी गैप नहीं छोड़ा गया है, तो यह दबाव और बढ़ सकता है. इससे टाइल्स के किनारों पर जोर पड़ता है और फर्श उखड़ने की आशंका बढ़ जाती है.
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हालांकि, सिर्फ गैप छोड़ देने से ही टाइल्स उखड़ने की समस्या पूरी तरह खत्म नहीं होती. इसके लिए सही मटेरियल, ठीक तरीके से टाइल्स लगाना और जरूरत के मुताबिक मूवमेंट जॉइंट देना भी जरूरी है.
टाइल्स के बीच कितना गैप जरूरी
टाइल्स के बीच कितना गैप रखना चाहिए, यह उनके आकार, प्रकार और टाइल्स निर्माता व मिस्त्री की सलाह पर निर्भर करता है. आमतौर पर घरों में इस्तेमाल होने वाली टाइल्स के बीच करीब 2 से 3 मिलीमीटर का गैप रखा जाता है. कुछ टाइल्स के लिए इससे कम या ज्यादा दूरी की जरूरत हो सकती है.
रेक्टिफाइड टाइल्स के किनारे मशीन से ज्यादा सटीक तरीके से काटे जाते हैं. इनमें अक्सर कम गैप रखा जा सकता है. वहीं नॉन-रेक्टिफाइड टाइल्स में किनारों के आकार में थोड़ा अंतर होने के कारण ज्यादा जगह की जरूरत पड़ सकती है.
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इसलिए हर टाइल्स के लिए एक ही गैप तय नहीं किया जा सकता. टाइल्स के पैकेट पर दी गई निर्माता की सलाह और मिस्त्री या विशेषज्ञ की सिफारिश के हिसाब से दूरी रखनी चाहिए. इसके लिए टाइल स्पेसर का इस्तेमाल किया जा सकता है, जिससे पूरे फर्श में गैप एक जैसा रहता है.