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क्या ट्रेन में शराब लेकर जा सकते हैं? कितनी बोतल की है इजाजत, पकड़े गए तो क्या होगा?

ट्रेन में शराब लेकर सफर करने को लेकर लोगों के बीच कई तरह की गलतफहमियां हैं. जानिए सीलबंद बोतल होने पर क्या नियम हैं, पकड़े जाने पर क्या कार्रवाई हो सकती है और दिल्ली मेट्रो में शराब ले जाने का नियम रेलवे से अलग क्यों है.

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 शराब से जुड़े नियम रेलवे के अलावा अलग-अलग राज्यों में भी लागू होते हैं.
शराब से जुड़े नियम रेलवे के अलावा अलग-अलग राज्यों में भी लागू होते हैं.

अगर आप ट्रेन से सफर करने वाले हैं और आपके मन में यह सवाल है कि क्या ट्रेन में शराब की बोतल लेकर जा सकते हैं, तो इसका जवाब जानना जरूरी है. कई लोग मानते हैं कि अगर बोतल सीलबंद है और मात्रा कम है, तो उसे ट्रेन में ले जाने में कोई परेशानी नहीं होगी. लेकिन ऐसा मानना आपको मुश्किल में डाल सकता है. दरअसल, ट्रेन में शराब ले जाने के नियम काफी सख्त हैं. सिर्फ बोतल सील बंद होने या कम मात्रा में होने से यह जरूरी नहीं कि आप उसे ट्रेन में लेकर सफर कर सकते हैं. शराब से जुड़े नियम रेलवे के अलावा अलग-अलग राज्यों में भी लागू होते हैं.

ट्रेन में शराब लेकर चलना पड़ सकता है भारी
रेलवे अधिनियम, 1989 की धारा 165 के तहत रेलवे में ऐसी चीजें ले जाने पर कार्रवाई का प्रावधान है, जिनका ले जाना नियमों के खिलाफ है. शराब को लेकर भी यात्रियों को सावधानी बरतनी चाहिए. अगर कोई यात्री शराब लेकर ट्रेन में सफर करता हुआ पकड़ा जाता है और उसका मामला संबंधित कानून के तहत आता है, तो उस पर जुर्माना लगाया जा सकता है. कुछ परिस्थितियों में जेल की सजा का भी प्रावधान हो सकता है. इसलिए यह मान लेना सही नहीं है कि सिर्फ एक या दो सीलबंद बोतल होने पर कोई कार्रवाई नहीं होगी.

खुली बोतल मिली तो बढ़ सकती है परेशानी
अगर शराब की बोतल खुली हुई है और यात्री ट्रेन में शराब पी रहा है या नशे की हालत में हंगामा कर रहा है, तो मामला और गंभीर हो सकता है. ऐसी स्थिति में रेलवे सुरक्षा बल या संबंधित अधिकारी सार्वजनिक शांति और व्यवस्था से जुड़े नियमों के तहत कार्रवाई कर सकते हैं. यानी ट्रेन में सफर करते समय शराब पीना या नशे में यात्रियों को परेशान करना अलग से परेशानी खड़ी कर सकता है.

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शराब को लेकर सबसे ज्यादा सावधानी तब जरूरी है, जब आपकी ट्रेन एक राज्य से दूसरे राज्य जा रही हो. दरअसल, शराब की बिक्री, खरीद, भंडारण और उसे एक जगह से दूसरी जगह ले जाने के नियम हर राज्य में अलग हो सकते हैं. कुछ राज्यों में शराब पर कड़े प्रतिबंध हैं. उदाहरण के लिए बिहार और गुजरात में शराब से जुड़े नियम काफी सख्त हैं. ऐसे राज्य में शराब लेकर पहुंचने पर सिर्फ रेलवे का नियम ही नहीं, बल्कि उस राज्य का आबकारी कानून भी लागू हो सकता है. इस वजह से दूसरे राज्य से शराब खरीदकर ट्रेन से अपने राज्य में ले जाने से पहले वहां के नियमों की जानकारी जरूर लेनी चाहिए.

फिर दिल्ली मेट्रो में दो बोतल की अनुमति कैसे?
अब यहां एक बात लोगों को अक्सर कंफ्यूज करती है. अगर ट्रेन में शराब ले जाना इतना मुश्किल है, तो दिल्ली मेट्रो में सील बंद शराब की बोतल ले जाने की अनुमति कैसे है? दरअसल, दिल्ली मेट्रो और भारतीय रेलवे के नियम एक जैसे नहीं हैं. दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन यानी DMRC ने 2023 में यात्रियों को कुछ शर्तों के साथ शराब की सील बंद बोतल ले जाने की अनुमति दी थी. इसके तहत दिल्ली की सीमा के भीतर यात्रा करते समय एक यात्री अधिकतम दो सीलबंद बोतल ले जा सकता है. लेकिन जब यात्रा दिल्ली से किसी दूसरे राज्य में होती है, तो वहां के आबकारी नियम भी लागू हो सकते हैं. यही वजह है कि दिल्ली से गुरुग्राम जाने जैसी यात्रा में शराब की मात्रा को लेकर अलग नियम लागू हो सकते हैं.

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सफर से पहले नियम जरूर जांचें
कुल मिलाकर, ट्रेन में शराब लेकर चलने को लेकर कोई एक ऐसा नियम नहीं है जिसे हर राज्य और हर स्थिति में लागू कर दिया जाए. रेलवे के नियमों के साथ-साथ उस राज्य के आबकारी कानून भी महत्वपूर्ण होते हैं, जहां से आप यात्रा कर रहे हैं और जहां पहुंच रहे हैं. इसलिए अगर आप ट्रेन से शराब लेकर जाने की सोच रहे हैं, तो सफर से पहले संबंधित रेलवे और राज्य के आबकारी नियम जरूर जांच लें. सिर्फ सील बंद बोतल होने या मात्रा कम होने के भरोसे यात्रा करना आपको कानूनी परेशानी में डाल सकता है.

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