जल्द ही नोबेल पुरस्कार विजेताओं का ऐलान होने वाला है. लेकिन, इससे पहले नोबेल पुरस्कार के आधिकारिक अकाउंट पर एक वीडियो शेयर किया गया है, जिसमें कुछ लोग नोबेल पुरस्कार विजेता को पानी के तालाब में फेंक रहे हैं. आप भी सोच रहे होंगे कि आखिर दुनिया के प्रतिष्ठित अवॉर्ड्स में से एक नोबेल पाने वाले को तालाब में क्यों फेंक रहे हैं. दरअसल, ये एक परंपरा का हिस्सा है, जिसकी वजह से उन्हें अवॉर्ड मिलने के बाद तालाब में फेंका गया है. नोबेल पुरस्कारों के ऐलान से पहले जानते हैं कि आखिर ये परंपरा है क्या...
नोबेल विनर को तालाब में फेंकने की परंपरा के बारे में बताने से पहले आपको बताते हैं कि आखिर ये वीडियो है किसका? किसे तालाब में फेंका जा रहा है. ये वीडियो जर्मनी के वैज्ञानिक स्वांते पाबो का है और उनके साथियों ने उन्हें तालाब में फेंका है. उन्हें 2022 में मेडिसिन के लिए नोबेल पुरस्कार दिया गया था. ये उनके सेलिब्रेशन का तरीका है और जश्न मनाने के लिए ऐसा कर रहे हैं. लेकिन, अगर आप ये सोच रहे हैं कि ये वीडियो अभी का या हाल फिलहाल का है तो ऐसा नहीं है.
पुराना है वीडियो
ये वीडियो साल 2022 का ही है, जिसे अब फिर से आधिकारिक अकाउंट पर शेयर किया गया है. जब स्वांते को नोबेल मिला था तो उस साल ही उनके साथ ऐसा किया गया था और पहले भी इस आधिकारिक अकाउंट पर इसे शेयर किया जा चुका है. अब नोबेल पुरस्कार के ऐलान से ठीक पहले इसे शेयर किया गया है. नोबेल पुरस्कारों का ऐलान हर साल अक्टूबर महीने के शुरुआती सप्ताह में किया जाता है और साल 2026 के पुरस्कारों का ऐलान 5 से 12 अक्टूबर के बीच हो सकता है.
क्यों तालाब में फेंकते हैं?
अब आते हैं तालाब में फेंकने की परंपरा के बारे में. बता दें कि ये नोबेल पुरस्कार मिलने के बाद जश्न के लिए की जाने वाली परंपरा नहीं है. ये आमतौर पर किसी सहकर्मी को पीएचडी की डिग्री मिलने पर उसे तालाब में फेंकने की परंपरा है. जिस तरह पायलट बनने पर फर्स्ट फ्लाइट के बाद साथी पायलट शर्ट फाड़ देते हैं, वैसे ही पीएचडी मिलने के बाद साथी तालाब में फेंक देते हैं. ऐसा ही उनकी टीम ने किया. आधिकारिक अकाउंट पर भी इसकी जानकारी दी गई है.
नोबेल पुरस्कार के आधिकारिक पेज पर वीडियो शेयर करने के साथ लिखा है- 'नोबेल पुरस्कार का जश्न एक छलांग के साथ मनाइए! मेडिसिन के नोबेल पुरस्कार विजेता स्वांते पाबो के सहकर्मियों ने जर्मनी के लीपज़िग स्थित मैक्स प्लैंक इंस्टीट्यूट में उन्हें एक तालाब में फेंककर उनका जश्न मनाया. आमतौर पर किसी सहकर्मी को पीएचडी की डिग्री मिलने पर उसे तालाब में फेंकने की परंपरा है, लेकिन टीम ने पाबो के 2022 के नोबेल पुरस्कार को सेलिब्रेट करने के लिए भी यही किया.'
कब होगा नोबेल पुरस्कार का ऐलान?
अब मेडिसिन में नोबेल पुरस्कार का ऐलान सोमवार को किया जाएगा. आप नोबेल पुरस्कार से जुड़ी हर अपडेट के लिए आजतक के साथ जुड़े रहें.
स्वांते को क्यों मिला था नोबेल पुरस्कार?
स्वांते पाबो स्वीडन के वैज्ञानिक हैं और लीपज़िग स्थित मैक्स प्लैंक इंस्टीट्यूट फॉर इवोल्यूशनरी एंथ्रोपोलॉजी के निदेशक रहे हैं. उन्हें 2022 में फिजियोलॉजी या मेडिसिन का नोबेल पुरस्कार दिया गया था. विलुप्त होमिनिन और मानव विकास के जीनोम से संबंधित उन्होंने कई मुद्दों पर गहन रिसर्च की थी. उसी रिसर्च के लिए उन्हें इस नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया. उन्होंने लंबे समय तक निएंडरथल जीनोम पर काम किया है.