घर को मजबूत बनाने में पिलर का रोल काफी अहम होता है. क्योंकि, पिलर और बीम ही घर को स्ट्रक्चरल मजबूती देते हैं. हमनें घर हर जगह बनते समय स्क्वायर या चौकोर शेप के पिलर बनते देखे होंगे. रेयर ही किसी घर में राउंड यानी गोल पिलर डाले जाते हैं. किसी बड़ी कोठी या खास तरीके से बनाए जाने वाले घरों या मॉल जैसे स्ट्रक्चर में गोल पिलर देखने को मिलते हैं.
इस तरह कुछ मामलों को छोड़ दें तो रेसिडेंशियल कंस्ट्रक्शन में अक्सर चौकोर पिलर या कॉलम बनाए जाते हैं. ऐसे में सवाल उठता है कि क्या चौकोर पिलर ज्यादा मजबूत होते हैं. क्योंकि, हर जगह इसी तरह के पिलर देखने को मिलते हैं. शायद ही कभी घरों के लिए गोल पिलर बनते देखा गया हो. इसका जवाब थोड़ा चौंकाने वाला हो सकता है.
अधिकतर लोग घरों में चौकोर पिलर जरूर बनवाते हैं, लेकिन स्ट्रक्चरल मजबूती के मामले में गोल पिलर या कॉलम चौकोर की तुलना में ज्यादा मजबूत होते हैं. हालांकि, दोनों के अपने-अपने फायदे और इस्तेमाल हैं. आइए इसे आसान भाषा में समझें.
इंजीनियरिंग के नजरिए से गोल पिलर, चौकोर पिलर की तुलना में ज्यादा मजबूत होता है, लेकिन आम घरों के निर्माण में चौकोर पिलर का इस्तेमाल ज्यादा किया जाता है. इसकी वजह भी अलग है, लेकिन इस बारे में आगे बताया जाएगा. अभी गोल यानी राउंड पिलर के बारे में जान लें.
गोल पिलर ज्यादा मजबूत क्यों होते हैं. क्योंकि गोल पिलर पर चारों तरफ से आने वाला भार यानी लोड बराबर रूप से बंटता है. इसमें कोई कोने नहीं होते. इसलिए किसी एक हिस्से पर ज्यादा दबाव नहीं पड़ता.
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चौकोर पिलर में चार कोने होते हैं, जो ज्यादा दबाव पड़ने पर कमजोरी का बिंदु बन सकते हैं और वहां से क्रैक आने का खतरा रहता है. गोल पिलर में ऐसा कोई कोना नहीं होता. गोल पिलर हर दिशा से आने वाले वजन और झटकों को एक समान रूप से सहन करते हैं. इसलिए इनके झुकने का डर कम होता है.
फिर चौकोर पिलर का इस्तेमाल क्यों होता है?
गोल पिलर ज्यादा मजबूत होते हैं, फिर भी चौकोर पिलर का इस्तेमाल ज्यादा होता है. क्योंकि, चौकोर पिलर के लिए शटरिंग यानी लकड़ी के फ्रेम बनाना, सरिया को सीधा करना और एलाइनमेंट में रखना बहुत आसान होता है. गोल पिलर के लिए विशेष फर्मा चाहिए होता है, जो महंगा और कठिन होता है.
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घरों में ईंटों की दीवारें सीधी होती हैं. चौकोर पिलर दीवारों और बीम के साथ आसानी से फिट हो जाते हैं, जिससे जगह खराब नहीं होती और फिनिशिंग अच्छी आती है. चौकोर पिलर के 4 कोने होते हैं. भारी वजन पड़ने पर सारा तनाव उन कोनों पर केंद्रित हो जाता है. इससे उनके टूटने का जोखिम थोड़ा ज्यादा होता है. फिर भी चौकोर पिलर ही बनाए जाते हैं.
गोल पिलर का इस्तेमाल कहां होता है?
गोल पिलर का इस्तेमाल ऐसी जगहों पर किया जाता है. जहां पिलर खुले में हो जैसे हॉल या बरामदे के बीच में या जहां भारी वजन और भूकंप से सुरक्षा मुख्य प्राथमिकता हो. इसके अलावा बड़े पुल, बहुमंजिला इमारतें, फ्लाईओवर और बड़े कमर्शियल प्रोजेक्ट्स में गोल पिलर का इस्तेमाल होता है.