किराए के घर में रहते समय कई बार छोटी-मोटी चीजें खराब हो जाती हैं. कभी बिजली का स्विच काम करना बंद कर देता है, तो कभी सॉकेट या पंखे का रेगुलेटर खराब हो जाता है. ऐसे में अक्सर मकान मालिक और किराएदार के बीच सवाल उठता है कि इसकी मरम्मत का खर्च कौन उठाएगा? अगर आपके घर में भी ऐसा कुछ खराब हो गया है तो पहले यह समझना जरूरी है कि खराबी किस वजह से हुई है. हर तरह की मरम्मत का खर्च किराएदार के जिम्मे नहीं होता.
सामान्य टूट-फूट है तो मकान मालिक की जिम्मेदारी
अगर घर का कोई स्विच, सॉकेट या बिजली का दूसरा सामान सामान्य इस्तेमाल के दौरान पुराना होकर खराब हो गया है, तो इसकी मरम्मत की जिम्मेदारी आमतौर पर मकान मालिक की होती है. यानी अगर स्विच लंबे समय से इस्तेमाल के कारण खराब हुआ है और इसमें किराएदार की कोई गलती नहीं है, तो किराएदार से इसका खर्च लेना सही नहीं माना जाता. इसी तरह घर की ऐसी जरूरी मरम्मत, जो सामान्य इस्तेमाल के कारण समय के साथ जरूरी हो गई है, उसे लेकर किराएदार को हर बार अपनी जेब से पैसे नहीं देने पड़ते.
किराएदार की गलती से नुकसान हुआ तो खर्च देना पड़ सकता है
अगर स्विच या सॉकेट किराएदार की लापरवाही या गलत इस्तेमाल से टूट गया है, तो मामला अलग हो सकता है. उदाहरण के लिए किसी ने स्विच पर जोर से सामान मार दिया या गलत तरीके से इस्तेमाल करने की वजह से वह टूट गया. ऐसी स्थिति में मरम्मत या बदलने का खर्च किराएदार को देना पड़ सकता है.
किराए के एग्रीमेंट को भी जरूर देखें
घर किराए पर लेते समय मकान मालिक और किराएदार के बीच जो रेंट एग्रीमेंट होता है, उसमें मरम्मत से जुड़ी शर्तें लिखी हो सकती हैं. इसलिए किसी भी खर्च को लेकर विवाद होने पर सबसे पहले एग्रीमेंट देखना चाहिए. कई एग्रीमेंट में छोटी-मोटी मरम्मत किराएदार की जिम्मेदारी और बड़ी मरम्मत मकान मालिक की जिम्मेदारी बताई जाती है. इसलिए सिर्फ मौखिक बात पर भरोसा करने के बजाय लिखित शर्तों को देखना ज्यादा जरूरी है.
विवाद हो तो क्या करें?
अगर स्विच या बिजली की किसी चीज को लेकर मकान मालिक और किराएदार में विवाद हो रहा है, तो पहले यह तय करें कि खराबी सामान्य टूट-फूट से हुई है या किसी की गलती से. इसके बाद रेंट एग्रीमेंट में दी गई शर्तों को देखें. अगर मामला हल नहीं होता है, तो स्थानीय किराया कानून और संबंधित प्राधिकरण के नियम देखना जरूरी है, क्योंकि किराए से जुड़े नियम राज्य और स्थानीय कानून के हिसाब से अलग हो सकते हैं. सामान्य टूट-फूट से स्विच खराब हुआ है तो खर्च आमतौर पर मकान मालिक की जिम्मेदारी हो सकती है, जबकि किराएदार की गलती से नुकसान हुआ है तो खर्च किराएदार को उठाना पड़ सकता है. सबसे पहले अपने रेंट एग्रीमेंट की शर्त जरूर चेक करें.