इथियोपिया अफ्रीका का सबसे पुराना स्वतंत्र देश है. सिर्फ इटली के मुसोलिनी ने पांच साल के लिए इस पर कब्जा किया था. अगर इस पांच साल को छोड़ दें तो इस पर कभी किसी का उपनिवेश नहीं रहा. आज इथियोपिया एक लोकतांत्रिक गणराज्य के रूप में है.
यह जनसंख्या के हिसाब से दूसरा सबसे बड़ा देश है. पूर्वी अफ्रीका के हॉर्न ऑफ अफ्रीका क्षेत्र में स्थित चारों तरफ से जमीन से घिरा देश है. इसकी सीमाएं उत्तर में इरिट्रिया, उत्तर -पूर्व में जिबूती, दक्षिण-पूर्व में सोमालिया, दक्षिण में केन्या, पश्चिम में दक्षिण सूडान और उत्तर-पश्चिम में सूडान से लगती हैं.
यह महाद्वीप के औपनिवेशिक काल के दौरान अफ्रीकी स्वतंत्रता के प्रतीक रहा है. संयुक्त राष्ट्र का संस्थापक सदस्य होने के साथ-साथ कई अंतरराष्ट्रीय संगठनों का अफ्रीकी आधार भी था. इथियोपिया एक बहुजातीय राज्य है. इसमें 80 से अधिक विभिन्न जातीय समूह निवास करते हैं. देश में ईसाई धर्म सबसे व्यापक रूप से प्रचलित धर्म है.
इसकी एक अनूठी सांस्कृतिक विरासत है. यह इथियोपियन ऑर्थोडॉक्स चर्च का घर है, जो सबसे पुराने ईसाई संप्रदायों में से एक है. इसके अलावा यहां हमेशा राजशाही रही. इसका अंत 1974 के तख्तापलट में हुआ था.
इथियोपिया से जुड़े फैक्ट्स
राजधानी - अदीस अबाबा
क्षेत्रफल - 1,104,300 वर्ग किमी
जनसंख्या - 138 मिलियन लगभग
मुद्रा - बिर्र Birr (ETB)
भाषाएं - अफ़ार, अम्हारिक्, ओरोमो, सोमाली, तिग्रीन्या
जातीय समूह - ओरोमो, अमहारा, सोमाली, तिग्रेयन, सिदामा, गुरेज, वेलायता, हदीया, अफ़ार, गामो और अन्य अन्य
धर्म - ईसाई धर्म, इस्लाम और पारंपरिक धर्म
इथियोपिया का भारत से संबंध
भारत और इथियोपिया के बीच ऐतिहासिक संबंध 2,000 वर्षों के लिखित इतिहास से मिलते हैं. दोनों देशों के बीच व्यापार अक्सुमी साम्राज्य के दौरान खूब फला-फूला. छठी शताब्दी ईस्वी में भारतीय व्यापारी प्राचीन अडुलिस बंदरगाह के माध्यम से रेशम और मसालों के बदले सोना और हाथी दांत का व्यापार करते थे.
16 वीं शताब्दी ईस्वी में, पुर्तगालियों ने इथियोपिया के ईसाई राजा को मुस्लिम आक्रमणकारियों को खदेड़ने में मदद की. उनके साथ साथ गोवा से कई भारतीय भी आए थे. 1868 में, जनरल रॉबर्ट नेपियर ने यूरोपीय राजनयिकों और मिशनरियों को रिहा कराने के लिए एक अभियान चलाया. उनलोगों को सम्राट तेवोद्रोस द्वितीय ने मकदला स्थित अपने बंकर किले में कैद कर रखा था. इस अभियान 30,000 सैनिकों की इस सेना में 13,000 भारतीय सैनिक थे, जिनमें से अधिकांश सिख थे.
इथियोपिया पर इतालवी कब्जे (1936-41) को खत्म करने वाली ब्रिटिश सेना में भी भारतीय सैनिकों की एक बड़ी टुकड़ी थी. स्वतंत्रता प्राप्त करने के तुरंत बाद, सरदार संत सिंह के नेतृत्व में एक सद्भावना मिशन इथियोपिया भेजा गया. 1948 में दूतावास स्तर पर राजनयिक संबंध स्थापित हुए. 1950 में पूर्ण राजनयिक संबंध स्थापित हुए, जिसमें सरदार संत सिंह पहले राजदूत थे.
इथियोपिया में कितने भारतीय रहते हैं?
इथियोपिया में भारतीय समुदाय के शुरुआती बसने वाले लोग 19वीं शताब्दी के बाद गुजरात से गए थे. साम्राज्यवादी काल के दौरान, इथियोपिया के सबसे दूर-दराज वाले इलाकों सहित पूरे इथियोपिया के स्कूलों में हजारों भारतीय शिक्षक भी थे.
आज इथियोपिया के शिक्षा क्षेत्र में भारतीय समुदाय की बड़ी उपस्थिति है. विभिन्न इथियोपियाई विश्वविद्यालयों और उच्च शिक्षण संस्थानों में लगभग 150 भारतीय संकाय सदस्य कार्यरत हैं. इथियोपिया में भारतीय प्रवासियों की अनुमानित संख्या लगभग 2500 है. इस देश में कई भारतीय कंपनियां हैं. साथ ही, कई इथियोपियाई कंपनियां भी हैं जो भारतीय श्रमिकों को काम पर रखती हैं. भारत से इथियोपिया जाने के सबसे व्यवहारिक जरिया हवाई मार्ग ही है. नई दिल्ली से अदीस अबाबा के लिए अलग- अलग एयरलाइंस की डाइरेक्ट और कनेक्टिंग फ्लाइट्स संचालित होती हैं.
इथियोपिया के इतिहास से जुड़े तथ्य
- 40 लाख से 200,000 साल पहले इथियोपिया होमिनीड और लगभग 200,000 साल पहले आधुनिक मनुष्यों के लिए सबसे महत्वपूर्ण स्थलों में से एक था. यानी होमोनीड और आधुनिक इंसान का पहला घर संभवत: इथियोपिया ही था.
- पहली शताब्दी से 960 ईस्वी तक यहां अक्सुम साम्राज्य का शासन था. मुख्य रूप से वर्तमान उत्तरी इथियोपिया में स्थित यह साम्राज्य इरिट्रिया, जिबूती, पूर्वी सूडान तक फैला हुआ था.
- लगभग 350 ईस्वी में अक्सुम राज्य ने ईसाई धर्म को राजकीय धर्म के रूप में अपनाया. 1270 में येकुनो अम्लाक, जो अंतिम अक्सुमाइट राजा ने इथियोपियाई साम्राज्य की स्थापना की, जो 1974 तक चला.
- 1855-1868 तक सम्राट तेवोद्रोस द्वितीय का शासनकाल रहा. इन्होंने आधुनिक इथियोपियाई राज्य की नींव रखी. 1896 में अद्वा में इथियोपियाई सेना ने आक्रमणकारी इतालवी सेना को पराजित किया.
- 1935-1941 तक इटली ने सम्राट हैले सेलासी को गद्दी से हटा दिया और इथियोपिया पर कब्जा कर लिया. फिर ब्रिटिश, राष्ट्रमंडल और इथियोपियाई सेनाओं ने उसे खदेड़ दिया था.
- 1962 में हैले सेलासी ने इरिट्रिया पर कब्जा कर लिया, जो इथियोपिया का एक प्रांत बन गया. 1974 में सरकार अकाल से निपटने में विफल रही. तब सैन्य तख्तापलट में हैले सेलासी को सत्ता से हटा दिया गया.