केंद्र और राज्य सरकारें भले ही आम जनता को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देने के बड़े-बड़े दावे करती हों, लेकिन उधम सिंह नगर जिले के काशीपुर स्थित सरकारी अस्पताल ने इन दावों की पोल खोलकर रख दी है. यहां एक डॉक्टर बिजली न होने के कारण मोमबत्ती की रोशनी में मरीजों का इलाज करते नजर आ रहे हैं.
ये मामला काशीपुर के एल डी भट्ट राजकीय चिकित्सालय का है. अस्पताल में बिजली गुल होने के बाद अंधेरा छा गया. बेहतर इलाज की उम्मीद लेकर पहुंचे मरीजों का डॉक्टर को मोमबत्ती जलाकर ओपीडी में इलाज करना पड़ा.
इस मामले का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है जिसमें देखा जा सकता है कि डॉक्टर मोमबत्ती की हल्की रोशनी में पर्चे लिख रहे हैं और मरीजों की जांच कर रहे हैं. वीडियो के सामने आने के बाद ये पूरे क्षेत्र में चर्चा और जन आक्रोश का विषय बन गया है.
अस्पताल ने दी सफाई
मामले के तूल पकड़ने के बाद एल डी भट्ट अस्पताल के चीफ मेडिकल सुपरिटेंडेंट (CMS) डॉ. एस के दीक्षित ने सफाई पेश की है. उन्होंने अस्पताल के पास पावर बैकअप न होने की बात से इनकार किया.
डॉ. एस के दीक्षित ने कहा, 'हमारे अस्पताल में पावर बैकअप के लिए दो जनरेटर और पर्याप्त इनवर्टर मौजूद हैं. इमरजेंसी में जनरेटर पूरे अस्पताल को बैकअप देते हैं. सोशल मीडिया पर आया वीडियो ओपीडी का है. ये उस समय बनाया गया जब बिजली कटी थी और वैकल्पिक व्यवस्था शुरू होने में 10 मिनट का समय लगा. आगे ऐसी असुविधा न हो, इसके लिए हम जल्द ही ऑनलाइन UPS का इंतजाम करने जा रहे हैं.'
प्रशासन ने दिया कार्रवाई का भरोसा
दूसरी तरफ, जिला प्रशासन ने भी इस घटना का संज्ञान लिया है. उधम सिंह नगर के SDM पंकज उपाध्याय ने बताया कि ये मामला अभी उनके संज्ञान में आया है. उन्होंने कहा कि वो काशीपुर के चीफ मेडिकल सुपरिटेंडेंट से बात करके पूरे घटनाक्रम की जानकारी जुटाएंगे. अगर जांच में किसी भी तरह की लापरवाही सामने आती है, तो जिम्मेदार अधिकारियों पर उचित कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी.