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पहाड़ी से गिर रहे बोल्डर, उत्तराखंड के टिहरी में 32 गांवों का संपर्क टूटा, 35 घंटे से सड़क बंद

भारी बारिश के कारण उत्तराखंड के टिहरी जिले में शहीद विनोद पाल सिंह बिष्ट छतियारा-खवाड़ा मोटर मार्ग 35 घंटे से बंद है. इससे 32 गांवों की आवाजाही प्रभावित हुई है. मांदरा और कर्णगांव के आसपास लगातार भूस्खलन हो रहा है. इससे बड़े-बड़े पत्थर सड़क पर गिर रहे हैं. सफर खतरनाक हो गया है.

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उत्तराखंड के टिहरी जिले में बड़े-बड़े पत्थर सड़क पर गिर रहे हैं. 32 गांवों का संपर्क टूट गया है. (File Photo-PTI)
उत्तराखंड के टिहरी जिले में बड़े-बड़े पत्थर सड़क पर गिर रहे हैं. 32 गांवों का संपर्क टूट गया है. (File Photo-PTI)

उत्तराखंड के टिहरी जिले में लगातार हो रही भारी बारिश ने लोगों की मुश्किल बढ़ा दी है. शहीद विनोद पाल सिंह बिष्ट छतियारा-खवाड़ा मोटर मार्ग पिछले 35 घंटे से बंद है. सड़क पर भारी मात्रा में मलबा और बड़े-बड़े पत्थर गिर रहे हैं. इसकी वजह से तकरीबन 32 गांवों की आवाजाही प्रभावित हो गई है.

मांदरा गांव के नीचे और कर्णगांव के ऊपर लगातार भूस्खलन हो रहा है. पहाड़ी से मलबे के साथ बड़े बोल्डर भी सड़क पर आ रहे हैं. इससे इस रास्ते पर सफर करना बेहद खतरनाक हो गया है. कर्णगांव के पास हालात ज्यादा खराब बताए जा रहे हैं. यहां पहाड़ी से लगातार बड़े पत्थर सड़क पर गिर रहे हैं. इस वजह से सड़क से आवाजाही करना जोखिम भरा हो गया है. प्रशासन की ओर से सड़क खोलने का काम किया जा रहा है.

मांदरा गांव के नीचे भी लंबे समय से भूस्खलन की समस्या बनी हुई है. ग्रामीणों के मुताबिक, यहां 2013 से लगातार जमीन खिसक रही है. कई साल बीतने के बाद भी इस जगह का स्थायी समाधान नहीं हो पाया है. ग्रामीणों का कहना है कि हर बार बारिश के मौसम में परेशानी बढ़ जाती है. सड़क बंद होने से लोगों को जरूरी काम के लिए भी बाहर निकलना मुश्किल हो जाता है. सबसे ज्यादा परेशानी मरीजों और गर्भवती महिलाओं को हो रही है.

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32 गांवों के लोगों की कनेक्टिविटी 35 घंटे से बंद

केपार्स के ग्राम प्रधान रतन सिंह ने बताया कि सड़क करीब 35 घंटे से बंद है. सड़क खोलने के लिए पर्याप्त बड़ी मशीनें और संसाधन उपलब्ध नहीं हैं. इस कारण काम में परेशानी आ रही है.

उन्होंने कहा कि सड़क बंद होने से करीब 32 गांवों के लोग प्रभावित हैं. मरीजों को अस्पताल पहुंचाना मुश्किल हो गया है. गर्भवती महिलाओं को भी समय पर इलाज दिलाने में परेशानी हो रही है.

ग्राम प्रधान ने सरकार से मांग की है कि मांदरा गांव के नीचे हो रहे भूस्खलन का स्थायी समाधान किया जाए. साथ ही सड़क खोलने के लिए पर्याप्त मशीनरी उपलब्ध कराई जाए.

ऋषिकेश से मंगाई गई मशीनरी

एसडीएम मंजू राजपूत ने बताया कि छतियारा-खवाड़ा मोटर मार्ग को जल्द खोलने की कोशिश की जा रही है. इसके लिए ऋषिकेश से ब्रेकर और कंप्रेसर मंगाए गए हैं. मशीनरी पहुंचने के बाद मलबा हटाने का काम किया जा रहा है.

प्रशासन को उम्मीद है कि सड़क को आज ही यातायात के लिए खोल दिया जाएगा. हालांकि पहाड़ी से लगातार बोल्डर गिरने के कारण काम के दौरान भी सावधानी बरती जा रही है.

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एसडीएम ने बताया कि हिंदाव और बूढ़ाकेदार क्षेत्र में कुछ परिवारों के घरों के आंगन के आगे दरारें आ गई थीं. सुरक्षा को देखते हुए इन परिवारों को दूसरी जगह शिफ्ट कर दिया गया है. भिगुन गांव का जियोलॉजिकल सर्वे भी कराया जा चुका है. सर्वे की रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी. प्रशासन संवेदनशील इलाकों पर नजर बनाए हुए है.

मांदरा गांव में होगा जियोलॉजिकल सर्वे

मांदरा गांव के नीचे लगातार हो रहे भूस्खलन को लेकर भी प्रशासन ने गंभीरता दिखाई है. एसडीएम ने बताया कि इस क्षेत्र का जियोलॉजिकल सर्वे कराने के आदेश दिए गए हैं.

विशेषज्ञ मौके का अध्ययन करेंगे. इसके बाद रिपोर्ट तैयार की जाएगी. रिपोर्ट के आधार पर भूस्खलन रोकने के स्थायी उपाय तय किए जाएंगे. प्रशासन का कहना है कि केवल अस्थायी तौर पर मलबा हटाना पर्याप्त नहीं है. संवेदनशील हिस्से का स्थायी इलाज जरूरी है.

बारिश के कारण पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार भूस्खलन का खतरा बना हुआ है. ऐसे में प्रशासन ने लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है. खासकर उन इलाकों में जाने से बचने को कहा गया है जहां पहाड़ी से पत्थर गिर रहे हैं.

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