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52.16 लाख कैश, 12 लग्जरी घड़ियां और सोना... पूर्व CM हरीश रावत के PA पर ED की बड़ी कार्रवाई

उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के PA चंदन सिंह जीना के ठिकाने पर ED ने 2016 के ग्राम पंचायत विकास अधिकारी परीक्षा में कथित गड़बड़ी से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में छापेमारी की. ED के मुताबिक, कार्रवाई में 32 लाख रुपये कैश, सोने के सिक्के और चेन, 12 लग्जरी घड़ियां बरामद हुईं. परिवार के 52.16 लाख रुपये वाले बैंक खाते फ्रीज किए गए हैं.

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पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत. (Photo: ITG)
पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत. (Photo: ITG)

उत्तराखंड की 2016 की ग्राम पंचायत विकास अधिकारी परीक्षा में कथित गड़बड़ी से जुड़े मामले में प्रवर्तन निदेशालय यानी ED ने बड़ी कार्रवाई की है. एजेंसी ने शुक्रवार को बताया कि उसने पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के पर्सनल असिस्टेंट चंदन सिंह जीना के ठिकाने पर छापेमारी की है. यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग की जांच के तहत की गई. ED के मुताबिक, गुरुवार को देहरादून में कई जगहों पर छापेमारी की गई. इन ठिकानों में चंदन सिंह जीना के अलावा उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग यानी UKSSSC के तत्कालीन चेयरमैन, सचिव और परीक्षा नियंत्रक से जुड़े परिसर भी शामिल थे. इसके अलावा OMR शीट की प्रोसेसिंग का काम करने वाली निजी कंप्यूटर एजेंसी के मालिक और कथित बिचौलियों के ठिकानों पर भी तलाशी ली गई.

ED ने चंदन सिंह जीना के आवास से 32 लाख रुपये की बेहिसाबी नकदी बरामद करने का दावा किया है. इसके साथ करीब 200.5 ग्राम वजन के सोने के सिक्के और चेन भी मिली हैं. एजेंसी के अनुसार, 12 लग्जरी कलाई घड़ियां भी बरामद की गईं. इनमें Rolex, Rado, Piaget, Movado, Tissot और Casio Edifice जैसे ब्रांड की घड़ियां शामिल हैं. चंदन सिंह जीना इस समय हरीश रावत के पर्सनल असिस्टेंट के तौर पर काम कर रहे हैं. इससे पहले वह 2014 से 2017 के बीच हरीश रावत के मुख्यमंत्री कार्यकाल के दौरान OSD यानी ऑफिसर ऑन स्पेशल ड्यूटी के पद पर भी रह चुके हैं. ED की कार्रवाई के बाद चंदन सिंह जीना या हरीश रावत की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी.

बैंक खातों में मिले 52.16 लाख, किए गए फ्रीज

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ED ने बताया कि चंदन सिंह जीना और उनके परिवार के सदस्यों के बैंक खातों में मौजूद 52.16 लाख रुपये की रकम को फ्रीज कर दिया गया है. इसके अलावा चंदन सिंह जीना का मोबाइल फोन भी जब्त किया गया है. एजेंसी अब मोबाइल की फोरेंसिक जांच करेगी. ED का आरोप है कि जांच के दौरान चंदन सिंह जीना की ओर से बड़ी रकम नकद खर्च किए जाने की जानकारी सामने आई, लेकिन इन खर्चों का कोई स्पष्ट स्रोत नहीं बताया गया. एजेंसी के मुताबिक, बरामद नकदी और नकद खर्च उनकी ज्ञात आय के स्रोत से मेल नहीं खाते.

ED की मनी लॉन्ड्रिंग जांच उत्तराखंड पुलिस और विजिलेंस ब्यूरो की चार FIR से शुरू हुई है. ये FIR साल 2016 में UKSSSC की ओर से आयोजित ग्राम पंचायत विकास अधिकारी परीक्षा में कथित अनियमितताओं से जुड़ी हैं. ED के मुताबिक, जांच में OMR आंसर शीट को लेकर भी गंभीर आरोप सामने आए हैं. एजेंसी का दावा है कि UKSSSC की सुरक्षित कस्टडी में रखी OMR शीट को कथित तौर पर तत्कालीन सचिव के निजी आवास तक पहुंचाया गया.

ED के अनुसार, तत्कालीन सचिव के आवास पर उन OMR शीट के रोल नंबर नोट किए गए, जिनमें उत्तर वाले हिस्से पूरी तरह नहीं भरे गए थे. इसके बाद ये रोल नंबर निजी कंप्यूटर एजेंसी के कर्मचारियों को दिए गए. एजेंसी का आरोप है कि निजी कंप्यूटर एजेंसी के कर्मचारियों ने कथित तौर पर इन OMR शीट में उत्तर के बुलबुले भरने और उनमें बदलाव करने का काम किया. इसके बाद शीट को दोबारा सील किया गया. ED का दावा है कि यह पूरा काम अवैध रकम के बदले किया गया और इस रकम को कथित बिचौलियों के जरिए पहुंचाया गया.

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कई ठिकानों पर एक साथ हुई कार्रवाई

ED ने देहरादून में जिन जगहों पर तलाशी ली, उनमें UKSSSC के तत्कालीन चेयरमैन, सचिव और परीक्षा नियंत्रक से जुड़े परिसर शामिल हैं. इसके अलावा उस निजी कंप्यूटर एजेंसी के मालिक के ठिकाने पर भी तलाशी ली गई, जिस पर OMR शीट की प्रोसेसिंग का काम किया गया था. एजेंसी ने कुछ कथित बिचौलियों से जुड़े परिसरों की भी तलाशी ली. ED के मुताबिक, कुछ पूर्व UKSSSC अधिकारियों और उनसे जुड़े लोगों के यहां से भी बेहिसाबी नकदी और सोने के आभूषण बरामद हुए हैं.

ED की कार्रवाई में चंदन सिंह जीना के ठिकाने से मिली नकदी और सोने के सामान के साथ लग्जरी घड़ियां भी जांच के दायरे में हैं. एजेंसी ने कहा है कि उनके और परिवार के सदस्यों के बैंक खातों में मौजूद रकम को फ्रीज किया गया है. मोबाइल फोन को फोरेंसिक जांच के लिए जब्त किया गया है. एजेंसी का कहना है कि जांच के दौरान सामने आए नकद खर्च और बरामद रकम के स्रोत को लेकर सवाल हैं. 2016 की ग्राम पंचायत विकास अधिकारी परीक्षा में कथित अनियमितताओं से शुरू हुई यह जांच अब मनी लॉन्ड्रिंग के पहलू तक पहुंच चुकी है. ED अलग-अलग ठिकानों से मिले दस्तावेज, नकदी, सोने के सामान, बैंक खातों और अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही है.
 

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