बिजनौर के स्योहारा थाना क्षेत्र के सदाफल गांव में पालतू गाय के कथित कटान का मामला सामने आने के बाद पुलिस ने सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है. पुलिस के मुताबिक, जांच में सामने आया कि गिरफ्तार आरोपियों में शामिल फरियाद ने अपनी पालतू गाय को जंगल ले जाकर छह अन्य लोगों के साथ मिलकर उसका कथित तौर पर कटान किया. इसके बाद मांस को छोटे-छोटे पैकेट में भरकर गांव और आसपास के इलाके में बेचने का आरोप है. पुलिस के मुताबिक, इस मामले की अहम कड़ी फरियाद पुत्र इमामी को बताया जा रहा है. आरोप है कि उसने अपनी पालतू गाय को चोरी-छिपे जंगल की ओर ले जाकर घटना को अंजाम दिया. इसके बाद गांव में यह बात फैलाई कि वह अपनी गाय को जंगल में छोड़ आया है और अब उसे नहीं पालना चाहता. पुलिस की जांच के अनुसार, गांव में यह धारणा बनाने की कोशिश की गई कि गाय अब छुट्टा पशु हो गई है. इसी बीच जंगल में गाय के पहुंचने और बाद में उसके अवशेष मिलने की घटना ने पूरे मामले को संदिग्ध बना दिया.
पुलिस के मुताबिक, विवेचना के दौरान ग्राम सदाफल के जंगल से मिले गौवंशीय अवशेषों के संबंध में सात लोगों की कथित संलिप्तता सामने आई. इनमें फरियाद के अलावा शराफत, छोटू उर्फ सुहैल, बाबू, नन्हे उर्फ इस्लामुद्दीन, अशरफ उर्फ चुन्नू और एहसान शामिल हैं.
पुलिस का आरोप है कि सभी ने जंगल में गाय का कटान किया और उसके बाद मांस वहां से ले गए. पुलिस के अनुसार, मांस को करीब एक-दो किलो के पैकेट में तैयार कर गांव और आसपास के क्षेत्र में बेचने की बात भी सामने आई है. इस हिस्से की विस्तृत पुष्टि पुलिस की विवेचना और बरामदगी से जुड़े साक्ष्यों के आधार पर होनी है.
शिकायत के बाद शुरू हुई जांच
पुलिस को इस मामले की जानकारी शिकायत के जरिए मिली. 10 सितंबर 2026 को मोहित जोशी पुत्र करनवीर सिंह, निवासी मोहल्ला जोशियान, स्योहारा ने थाने में तहरीर दी. इसमें सदाफल गांव के जंगल में गाय काटे जाने और उसके अवशेष मौके पर छोड़े जाने की शिकायत की गई.
तहरीर के आधार पर थाना स्योहारा में मु0अ0सं0 350/2026 दर्ज किया गया. पुलिस ने गोवध निवारण अधिनियम की धारा 3/5/8 के तहत मुकदमा कायम किया. इसके बाद पुलिस ने 10 सितंबर को सदाफल के जंगल से गौवंशीय अवशेष बरामद किए. पुलिस के मुताबिक, विवेचना आगे बढ़ने पर सातों आरोपियों की कथित संलिप्तता सामने आई.
पुलिस ने बरामद गौवंशीय अवशेषों को विधि विज्ञान प्रयोगशाला यानी FSL भेज दिया है. वैज्ञानिक जांच के जरिए अवशेषों की प्रकृति और उनसे जुड़े तथ्यों की पुष्टि की जाएगी. ऐसे में मामले में आगे की पुलिस कार्रवाई के लिए FSL रिपोर्ट को अहम माना जा रहा है. पुलिस के मुताबिक, आरोपियों की गिरफ्तारी के दौरान पशु कटान में इस्तेमाल होने वाले उपकरण भी बरामद किए गए हैं. इनमें एक कुल्हाड़ी, एक चापड़, तीन छुरियां, एक लकड़ी का गट्टा और रस्सी के दो टुकड़े शामिल हैं. पुलिस का कहना है कि बरामद सामान को मामले की विवेचना में साक्ष्य के तौर पर शामिल किया जा रहा है.
इस मामले में गिरफ्तार किए गए सभी सात आरोपी ग्राम सदाफल के ही रहने वाले हैं. पुलिस ने 11 सितंबर 2026 को कार्रवाई करते हुए सभी को गिरफ्तार कर लिया. गिरफ्तार आरोपियों की पहचान फरियाद पुत्र इमामी, शराफत पुत्र मुश्तकीम, छोटू उर्फ सुहैल पुत्र राजू, बाबू पुत्र कलवा, नन्हे उर्फ इस्लामुद्दीन पुत्र मुश्तकीम, अशरफ उर्फ चुन्नू पुत्र अकबर और एहसान पुत्र गामा के रूप में हुई है. पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, फरियाद का पहले भी आपराधिक इतिहास है. उसके खिलाफ वर्ष 2022 में थाना स्योहारा में धारा 60(1) आबकारी अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज हुआ था. अब वर्ष 2026 में उसके खिलाफ गोवध निवारण अधिनियम के तहत यह दूसरा मामला दर्ज हुआ है.
इन पुलिसकर्मियों ने की गिरफ्तारी
आरोपियों की गिरफ्तारी थाना स्योहारा पुलिस टीम ने की. कार्रवाई में उपनिरीक्षक उमेश चंद, उपनिरीक्षक नरेंद्र कुमार, उपनिरीक्षक प्रमोद कुमार शर्मा, हेड कांस्टेबल सरित सिंह, हेड कांस्टेबल मनोज कुमार, कांस्टेबल अमित कुमार, कांस्टेबल परीक्षित लांबा और कांस्टेबल कपिल कुमार शामिल रहे.पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है.