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ममता गुट को 'फुटबॉल खिलाड़ी', ऋतब्रत खेमे को 'लिफाफा' चुनाव चिह्न मिला

निर्वाचन आयोग (ECI) ने तृणमूल कांग्रेस के दोनों प्रतिद्वंद्वी गुटों के लिए नए नाम और चुनाव चिह्न आवंटित कर दिए हैं. आयोग ने ममता बनर्जी गुट को 'ममता ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस' नाम और 'फुटबॉल खिलाड़ी' सिंबल दिया है, जबकि बागी गुट को 'डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस' और 'लिफाफा' चुनाव चिह्न मिला है.

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चुनाव आयोग ने ममता और ऋतब्रत गुट को आवंटित किए सिंबल और नाम. (File photo: ITG)
चुनाव आयोग ने ममता और ऋतब्रत गुट को आवंटित किए सिंबल और नाम. (File photo: ITG)

निर्वाचन आयोग (ECI) ने तृणमूल कांग्रेस के दोनों प्रतिद्वंद्वी गुटों के लिए नए नाम और चुनाव चिह्न आवंटित कर दिए हैं. आयोग ने ममता बनर्जी गुट को 'ममता ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस' नाम और 'फुटबॉल खिलाड़ी' सिंबल दिया है, जबकि बागी गुट को 'डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस' और 'लिफाफा' चुनाव चिह्न मिला है.

चुनाव आयोग के आदेश के मुताबिक, ममता बनर्जी द्वारा अधिकृत फॉर्म-बी के तहत दाखिल किए गए नामांकन पत्रों को 'ममता ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस' के उम्मीदवार के रूप में मान्यता दी जाएगी. इन उम्मीदवारों में रबीउल आलम चौधरी, नंदीग्राम से संचिता प्रधान (डे) और असम की नगांव संसदीय सीट से अब्दुल सलाम शामिल हैं.

इन्हें चुनाव आयोग द्वारा 'फुटबॉल खिलाड़ी' चुनाव चिह्न आवंटित किया गया है जो लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 36 के वैधानिक नियमों के अधीन रहेगा.

दूसरी ओर अरूप रॉय द्वारा अधिकृत फॉर्म-बी के आधार पर नामांकन दाखिल करने वाले प्रत्याशियों को 'डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस' का उम्मीदवार माना जाएगा. इसके तहत सफिउज्जमान शेख और नंदीग्राम विधानसभा क्षेत्र से एहतेशमुल हक के नामांकन को 'लिफाफा' चुनाव चिह्न वाले उम्मीदवार के तौर पर दर्ज किया जाएगा. 

आयोग ने स्पष्ट किया कि सभी वैधानिक आवश्यकताओं की पूर्ति होने पर ही ये व्यवस्था लागू होगी. ये आदेश पार्टी के नाम और मूल चुनाव चिह्न को फ्रीज किए जाने के बाद जारी किया गया है.
 

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EC का अधिकारियों को सख्त निर्देश

इसके साथ ही चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल की 70-रेजीनगर, 210-नंदीग्राम विधानसभा सीट और असम की 9-नगांव लोकसभा सीट के रिटर्निंग अफसरों को इस आदेश का कड़ाई से पालन करने का निर्देश दिया है.

आयोग के सचिव अश्वनी कुमार मोहाल द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि स्क्रूटनी के दौरान नामांकन पत्रों की वैधता लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 36 के तहत ही जांची जाएगी.

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