Tulsi Plant Care Tips: घर में तुलसी का पौधा सिर्फ पूजा के लिए ही नहीं, बल्कि अपने हरे-भरे पत्तों और औषधीय गुणों की वजह से भी लोगों को पसंद आता है. लेकिन कई बार अच्छी-खासी हरी तुलसी अचानक मुरझाने लगती है. पत्तियां पीली पड़ जाती हैं, किनारों से सूखने लगती हैं और धीरे-धीरे एक-एक करके झड़ने लगती हैं. उस वक्त समझ नहीं आता कि आखिर पौधे को हुआ क्या है.
तुलसी को बचाने के चक्कर में लोग अक्सर सबसे पहले पानी बढ़ा देते हैं. उन्हें लगता है कि शायद पौधा प्यासा है, लेकिन हर बार इसकी वजह पानी की कमी हो, ये जरूरी नहीं. कई बार मिट्टी में जरूरी पोषक तत्वों की कमी, खराब जल निकासी, धूप की कमी या पौधे की सही तरह से देखभाल न होना भी इसकी वजह बन सकता है. अगर आपकी तुलसी भी कमजोर, पीली या मुरझाई हुई नजर आ रही है, तो जल्दबाजी में बाहर से महंगी-महंगी दवाई या खाद खरीदने की जरूरत नहीं है. थोड़ी सही देखभाल और घर में आसानी से मिलने वाली कुछ चीजों की मदद से पौधे को फिर से हरा-भरा बनाने की कोशिश की जा सकती है. बस जरूरत है ये समझने की कि तुलसी को इस समय क्या चाहिए और क्या नहीं.
1. चाय बनाने के बाद बची पत्ती फेंकें नहीं
तुलसी के पौधे के लिए घर में बची हुई चायपत्ती इस्तेमाल की जा सकती है. लेकिन इसे सीधे गमले में डालने की बजाय पहले अच्छी तरह पानी से धो लें, ताकि उसमें दूध और चीनी का कोई भी कण न रहें. इसके बाद चायपत्ती को अच्छी तरह सुखाकर थोड़ी मात्रा में मिट्टी में मिलाएं.
इससे मिट्टी को बहुत से पोषक तत्व मिलते हैं और पौधे की ग्रोथ में मदद मिल सकती है. ध्यान रखें कि गीली या बिना धोई हुई चायपत्ती गमले में न डालें, वरना बदबू और फंगस की समस्या हो सकती है.
2. नीम की सूखी पत्तियां भी आएंगी काम
अगर आपके घर में नीम का पेड़ है तो उसकी सूखी पत्तियों को फेंकने के बजाय आप तुलसी के पौधे के लिए इसका इस्तेमाल किया जा सकता है. इन्हें सुखाकर बारीक पीस लें और थोड़ी मात्रा में तुलसी की मिट्टी में मिला दें.
नीम का इस्तेमाल पौधों की मिट्टी में आमतौर पर कीड़ों और फंगस से बचाव के लिए किया जाता है. इससे मिट्टी को भी कुछ पोषण मिलता है और पौधे को हेल्दी रखने में मदद मिल सकती है.
3. लकड़ी की राख डालते समय रखें मात्रा का ध्यान
घर में लकड़ी जलने के बाद बची साफ राख भी पौधों के लिए इस्तेमाल की जाती है. तुलसी के गमले की मिट्टी में करीब एक चम्मच लकड़ी की राख मिलाई जा सकती है.
राख में पोटैशियम जैसे मिनरल्स होते हैं, लेकिन इसकी मात्रा ज्यादा नहीं होनी चाहिए. ज्यादा राख मिट्टी के pH को बदल सकती है और पौधे को नुकसान पहुंचा सकती है. इसलिए इसे सिर्फ थोड़ी मात्रा में ही इस्तेमाल करें.
सिर्फ खाद डालना काफी नहीं, धूप भी जरूरी है
तुलसी को हरा-भरा रखने के लिए सिर्फ खाद डालना ही काफी नहीं है. पौधे को रोजाना करीब 4-5 घंटे अच्छी धूप मिलना भी जरूरी है. ऐसे में कोशिश करें कि उसे सुबह की धूप मिले और जगह ऐसी हो जहां हवा का बहुत तेज झोंका सीधे पौधे पर न पड़े. अगर पौधा लगातार ऐसी जगह पर रखा है, जहां छाया रहती है तो नई पत्तियों की ग्रोथ कमजोर हो सकती है.
मिट्टी सूखे तभी पानी डालें
तुलसी के पौधे को बचाने की कोशिश में सबसे आम गलती जरूरत से ज्यादा पानी देना है. गमले में पानी जमा रहने से जड़ों को नुकसान हो सकता है. उसे सूखने से बचाने के लिए लगातार पानी ना दें. पानी देने से पहले उंगली से मिट्टी की ऊपरी लेयर चेक कर लें. अगर ऊपर की मिट्टी सूखी महसूस हो रही है, तभी हल्का पानी दें. मिट्टी पहले से गीली है तो दोबारा पानी डालने की जरूरत नहीं.
मंजरी को समय-समय पर हटाते रहें
तुलसी में जब फूल या बीज वाली मंजरी ज्यादा आने लगे तो उसे समय-समय पर हटा सकते हैं. इससे पौधे की एनर्जी नई पत्तियों और शाखाओं की तरफ जाने में मदद मिलती है. साथ ही सूखी और पीली पत्तियों को भी हटाते रहें, ताकि पौधे पर बेकार हिस्सों का बोझ न रहे और नई ग्रोथ के लिए जगह बनी रहे.
तुलसी को हरा रखने का आसान फॉर्मूला
अगर तुलसी मुरझा रही है तो एक साथ बहुत सारे उपाय करने की बजाय उसकी बेसिक जरूरतों पर ध्यान दें, जैसे मिट्टी में थोड़ी ऑर्गेनिक खाद, पर्याप्त सुबह की धूप, जरूरत के हिसाब से पानी और समय-समय पर सूखी पत्तियों व मंजरी की सफाई. सही देखभाल के साथ कमजोर दिख रहा पौधा दोबारा घना और हरा नजर आ सकता है.