जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन को लेकर पहले राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सरकार पर आरोप लगाए. इसके बाद BJP ने भी प्रेस कॉन्फ्रेंस कर जवाब दिया. संबित पात्रा ने कहा कि प्रदर्शन के दौरान कोई फायरिंग नहीं हुई. उन्होंने राहुल गांधी से पूछा कि वह झारखंड के छात्रों की परेशानी जानने रांची क्यों नहीं जाते.
जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों के समर्थन में राहुल गांधी बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी. इस दौरान कई राज्यों से आए प्रदर्शनकारी भी उनके साथ मौजूद रहे. उन्होंने आरोप लगाया कि अपने हक की आवाज उठाने वाले युवाओं पर कार्रवाई की गई. उन्हें पीटा गया और धमकाया गया. राहुल ने कहा कि 15 साल की बच्ची पर दबाव बनाकर माफी मंगवाना गलत है.
राहुल ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था की कमियों और पेपर लीक जैसे मुद्दों पर सवाल उठाना अपराध नहीं है. शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले छात्रों की बात सुनी जानी चाहिए.
छात्रों ने साझा की अपनी बात
प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रदर्शनकारियों ने अपनी-अपनी परेशानी रखी. रिया अहिर ने सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही अफवाहों को खारिज करते हुए कहा, "मैं मुंबई पुलिस को रोकने वाली नहीं, बल्कि 30 निर्दोष छात्रों को गैरकानूनी हिरासत से बचाने वाली छात्रा हूं." साथ ही उन्होंने अपने खिलाफ लिखी जा रही आपत्तिजनक बातों पर कड़ी आपत्ति जताई. वहीं, कुछ अन्य प्रदर्शनकारियों ने आंदोलन के दौरान पुलिस की ओर से लाठीचार्ज किए जाने और पैलेट गन इस्तेमाल करने के गंभीर आरोप लगाए.
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