थाईलैंड के शहर पटाया में अधिकारी सेक्स वर्करों और वेश्यावृत्ति नेटवर्क के खिलाफ़ शहर-भर में कार्रवाई कर रहे हैं. यह कार्रवाई अमेरिकी नौसेना के एयरक्राफ्ट कैरियर USS अब्राहम लिंकन के आने से पहले की जा रही है. ये युद्धपोत 250 दिनों से समुद्र में था, जहां से अमेरिकी सैनिक ईरान के खिलाफ अभियान में हिस्सा ले रहे थे.
मध्य पूर्व में ईरान के खिलाफ महीनों तक चले ऑपरेशन में मदद करने के बाद लगभग 5000 अमेरिकी नाविक, मरीन और पायलट 2 से 6 सितंबर के बीच पटाया के पास पहुंचेंगे.
थाईलैंड का पटाया शहर बैंकॉक से करीब 150 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व में स्थित है. यह शहर अपने समुद्र तट, नाइटलाइफ, मनोरंजन, पर्यटन और क्लब के लिए प्रसिद्ध है. यहां दुनियाभर से पर्यटक आते हैं. शहर का वॉकिंग स्ट्रीट और आसपास के मनोरंजन क्षेत्र खास तौर पर लोकप्रिय हैं.
थाईलैंड में कागज़ों पर तो वेश्यावृत्ति गैर-कानूनी है और सार्वजनिक रूप से ग्राहकों को बुलाने, वेश्यालय चलाने और सेक्स वर्क से कमाई करने जैसी गतिविधियों पर रोक लगाने वाले कानून भी हैं. लेकिन असल में यह बड़े पैमाने पर होता है और वहां की सरकार इसे बर्दाश्त भी करती है, खासकर पटाया में.
अमेरिकी FBI ने इस शहर को "दुनिया के प्रमुख सेक्स टूरिज्म डेस्टिनेशन में से एक" बताया था.
इसके बावजूद थाई मीडिया की खबरों के मुताबिक अधिकारियों ने USS अब्राहम लिंकन के आने से पहले इन वेश्यावृत्ति नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है. इस कार्रवाई में शहर भर में वेश्याओं समेत 50 लोगों को हिरासत में लिया गया है.
यह कार्रवाई ऐसे समय में हो रही है जब पटाया के कारोबारियों को उम्मीद है कि 5000 अमेरिकी सैनिकों के आने से वहां की सुस्त टूरिज्म इकॉनमी में जान आएगी. 28 फरवरी को मिडिल ईस्ट में युद्ध शुरू होने के बाद से ही वहां की टूरिज्म इकोनॉमी पर बुरा असर पड़ा है.
USS अब्राहम लिंकन के आने से पहले सेक्स वर्कर्स के खिलाफ कार्रवाई
पटाया पुलिस शहर में सेक्स वर्कर्स के खिलाफ कार्रवाई कर रही है और यह कार्रवाई USS अब्राहम लिंकन के शहर में आने से ठीक पहले हो रही है.
यह एयरक्राफ्ट कैरियर पिछले साल नवंबर में अमेरिका के पश्चिमी तट पर सैन डिएगो से निकला था और ईरान के खिलाफ अमेरिकी सैन्य अभियानों में मदद करते हुए 250 से ज़्यादा दिन समुद्र में बिता चुका है. इतने लंबे समय तक तैनात रहने के दौरान जहाज पर हालात बहुत खराब हो गए थे; क्रू मेंबर्स ने बुनियादी सामान की कमी, खराब सुविधाओं, बहुत ज़्यादा काम के घंटों और यहां तक कि आत्महत्या की कोशिशों की भी शिकायत की थी.
अब लिंकन को पटाया के पास लैम चाबांग बंदरगाह पर रुकना है, जिससे इसके 5,000 नाविकों, मरीन और पायलटों के परेशान क्रू को ज़मीन पर कुछ समय बिताने का ज़रूरी मौका मिलेगा.
मीडिया आउटलेट 'थाई PBS' ने बताया कि पटाया के अधिकारियों, पुलिस और अमेरिकी सेना के प्रतिनिधियों ने 31 अगस्त को सिटी हॉल में बैठक की, ताकि 2 सितंबर को USS अब्राहम लिंकन पर आने वाले लगभग 5,000 नाविकों और मरीन के लिए सुरक्षा इंतज़ामों को अंतिम रूप दिया जा सके.
आउटलेट ने बताया कि आने वाले सर्विस मेंबर्स को कैनबिस आउटलेट्स, ड्रग स्टोर्स और कुछ वॉटर स्पोर्ट्स से दूर रहने के लिए कहा जाएगा. वे वॉकिंग स्ट्रीट (पटाया का रेड-लाइट एरिया) जा सकते हैं, लेकिन उन्हें सलाह दी गई है कि वे रात 2 बजे के बाद बीयर बार या नाइटलाइफ़ वाली दूसरी जगहों पर न रुकें.
'थाई PBS' की रिपोर्ट के मुताबिक पर्यटन से जुड़े सभी व्यवसायों को निर्देश दिया गया है कि वे अमेरिकी मेंबर्स को को "कमर्शियल सेक्स सर्विस", खासकर "चाइल्ड सेक्स सर्विस" न दें. अधिकारियों ने व्यवसायों को यह भी चेतावनी दी है कि वे आने वाले लोगों का फायदा न उठाएं और सेवाओं के लिए उनसे ज़्यादा पैसे न वसूलें.
कैसे पनपा पटाया?
थाईलैंड की खाड़ी के पूर्वी तट पर बसा पटाया कभी मछुआरों का एक छोटा सा गांव हुआ करता था, जो बाद में पर्यटकों के लिए एक खास जगह बन गया. वियतनाम युद्ध (1955-1975) के दौरान अमेरिकी सैनिकों के तट पर छुट्टी बिताने आने से इसके विकास को बढ़ावा मिला. अब शहर के कई लोगों को उम्मीद है कि 5000 अमेरिकी सैनिकों के आने से यहां की सुस्त पड़ी टूरिज्म इकोनॉमी में फिर से जान आ जाएगी.
थाई समाचार आउटलेट 'द बैंकॉक पोस्ट' ने पटाया के मेयर पोरामासे नगाम्पिचेस के हवाले से कहा, "हर अमेरिकी सैनिक हर दिन 1000 से 3,000 baht खर्च कर सकता है. यह मौजूदा एक्सचेंज रेट के हिसाब से $30–$90 डालर है.
इसी तरह थाई समाचार आउटलेट 'द नेशन' ने पटाया नाइटलाइफ़ बिज़नेस एसोसिएशन की प्रेसिडेंट लिसा हैमिल्टन के हवाले से बताया कि पोर्ट पर सैनिकों के आने की खबर स्थानीय कारोबारियों के लिए उम्मीद की किरण है. उन्होंने कहा कि 2026 में कारोबार के हालात शहर में उनके 20 से ज़्यादा सालों के अनुभव में सबसे खराब थे.
लेकिन कई लोगों को यह चिंता भी है कि अमेरिकी सैनिकों से मिलने वाला पैसा पटाया के गैर-कानूनी सेक्स वर्कर नेटवर्क के गलत कामों में भी जा सकता है.
बैंकॉक यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ़ ह्यूमैनिटीज एंड टूरिज्म मैनेजमेंट के एसोसिएट प्रोफेसर पिपतपोंग फकफेयर के हवाले से 'बैंकॉक पोस्ट' ने कहा, "स्वास्थ्य और सुरक्षा का खतरा है, क्योंकि बड़ी संख्या में ग्राहकों के आने से यौन शोषण और यौन संचारित रोगों (STD) के फैलने की संभावना बढ़ सकती है."
इसलिए पटाया पुलिस शहर के समुद्र तट और नाइटलाइफ़ वाले इलाकों में गश्त बढ़ा रही है और वेश्यावृत्ति नेटवर्क के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रही है. 'द नेशन' ने मंगलवार को रिपोर्ट दी कि पटाया में वेश्यावृत्ति से जुड़े अपराधों के लिए 40 से 50 लोगों को पकड़ा गया है.
'बैंकॉक पोस्ट' की रिपोर्ट के अनुसार, 29 अगस्त को पटाया बीच पर पुलिस के एक ऑपरेशन में सड़क पर वेश्यावृत्ति के आरोप में कम से कम 25 महिलाओं को हिरासत में लिया गया जिनमें 18 थाई, पांच लाओ और दो युगांडा की महिलाएं शामिल थीं.
पटाया पुलिस प्रमुख एनेक स्राथोंगयू ने कहा कि कानून लागू करना मुश्किल है क्योंकि सेक्स वर्कर "अधिकारियों की जानकारी के बिना सार्वजनिक जगहों पर ग्राहकों को बुला सकती हैं."
इसलिए अमेरिकी जहाज़ों के आने से पटाया की संघर्ष कर रही टूरिज़्म अर्थव्यवस्था को बहुत ज़रूरी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है, लेकिन इसने शहर के गैर-कानूनी सेक्स व्यापार को भी फिर से जांच के दायरे में ला दिया है. अधिकारियों के सामने अब हज़ारों अमेरिकी कर्मियों का स्वागत करने के साथ-साथ शोषण को रोकने और उन कानूनों को सख्ती से लागू करने की चुनौती है, जिन्हें लंबे समय से ढिलाई से लागू किया जा रहा था.