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हादसे के 15 घंटे बाद पहुंचे कैप्टन अमरिंदर बोले- होगी न्यायिक जांच

रावण दहन का यह कार्यक्रम अमृतसर और मनावला के बीच आयोजित  किया गया था. प्रशासन का कहना है कि इस कार्यक्रम के लिए इजाजत नहीं दी गई थी. बावजूद इसके वहां रावण दहन किया गया और इसी दौरान यह हादसा हो गया.

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कैप्टन अमरिंदर सिंह (फोटो- ट्विटर)
कैप्टन अमरिंदर सिंह (फोटो- ट्विटर)

पंजाब के अमृतसर में रावण दहन के दौरान हुए ट्रेन हादसे के बाद मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह शनिवार को अमृतसर पहुंचे. अस्पताल में जख्मी लोगों के हालचाल पूछने के बाद अमरिंदर सिंह ने मीडिया से बात की और बताया कि ये बहुद ही दर्दनाक घटना है और इस हादसे में 59 लोगों की मौत हो गई है, जबकि 57 लोग जख्मी है. उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवारों के साथ हमारी संवेदनाएं हैं.

उन्होंने बताया कि 9 शवों की अब तक पहचान नहीं हो पाई है. वहीं, इस हादसे के लिए कौन जिम्मेदार है, इस पर उन्होंने कहा कि मामले की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए हैं और चार हफ्तों में इसकी रिपोर्ट मांगी गई है.

वहीं, देरी से अमृतसर पहुंचने पर उन्होंने बताया कि मुझे इजरायल जाना था, उस वक्त मैं एयरपोर्ट था, जब यह जानकारी मिली. इससे पहले गुस्साए लोगों और पुलिस के बीच झड़प हो गई. लोगों ने पंजाब सरकार के खिलाफ भी नारे लगाए.

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इस हादसे से पूरा देश स्तब्ध है. प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति से लेकर कांग्रेस अध्यक्ष समेत कई राज्यों के मुख्यमंत्री और मंत्रियों ने हादसे पर दुख जाहिर किया है. रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा भी रात में ही घटनास्थल पर पहुंच गए थे.. लेकिन जिस राज्य में ये दुर्घटना हुई है, उसके मुख्यमंत्री यानी कैप्टन अमरिंदर सिंह हादसे के 15 घंटे गुजरने के बाद अमृतसर पहुंचे.

ये हादसा अमृतसर और मनावला के बीच फाटक नंबर 27 के पास हुआ. शुक्रवार शाम के करीब 7 बजे जोड़ा फाटक पर रेलवे ट्रैक पर लोग मौजूद थे. पटरियों से महज 200 फीट की दूरी पर पुतला जलाया जा रहा था. इस हादसे में अब तक 59 लोगों की मौत हो गई है. जबकि 57 लोग गंभीर रूप से जख्मी हैं, जिनका अस्पताल में इलाज चल रहा है.

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