दिल्ली के जंतर-मंतर पर तो युवाओं का प्रदर्शन खत्म हो गया लेकिन पंजाब में सियासी पारा हाई हो गया है. पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस के इस्तीफे की मांग होने लगी है. पंजाब की विपक्षी पार्टियां- कांग्रेस और शिरोमणि अकाली दल धर्मेंद्र प्रधान का उदाहरण देते हुए शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस का इस्तीफा मांग रही है. हालांकि सीएम भगवंत मान ने इन आरोपों को 'बेबुनियाद' करार दिया.
शिरोमणि अकाली दल ने साफ कर दिया है कि वे राज्य के छात्रों के साथ मजबूती से खड़े हैं. SAD का दावा है, "पिछले 4 वर्षों में पंजाब में छह बड़े पेपर लीक हुए हैं, ऐसे में शिक्षा मंत्री को जवाबदेही लेनी चाहिए और इस्तीफा देना चाहिए."
पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष राजा वाड़िंग का कहना है कि जब राष्ट्रीय स्तर पर जवाबदेही तय हो सकती है तो राज्य स्तर पर क्यों नहीं? हरजोत सिंह बैंस का इस्तीफा होना चाहिए. उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में जब भी छात्र पेपर लीक के खिलाफ आवाज उठाते हैं तो भगवंत मान सरकार उनपर लाठियां चलवा देती है.
पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष ने यह भी याद दिलाया कि AAP नेता मनीष सिसोदिया ने कहा था कि राज्य में अगर कोई पेपर लीक होता है तो जिम्मेदारी तय की जाएगी. उनका कहना है कि आम आदमी पार्टी अपने वादों को याद करे और जिम्मेदारी तय करते हुए पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस का इस्तीफा हो.
'पांच सालों में एक भी पेपर लीक नहीं...'
विपक्ष के आरोपों पर मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा, 'उनके नेतृत्व में पिछले पांच सालों में एक भी पेपर लीक नहीं हुआ है. हालिया फार्मेसी अधिकारी परीक्षा के दौरान रियल-टाइम हाई-टेक पेन कैमरा और वायरलेस डिवाइसों के जरिए नकल की कोशिश की गई थी.'
CM मान ने दावा किया कि पंजाब पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए 31 आरोपियों को गिरफ्तार किया, जिनमें 21 उम्मीदवार और 10 हैंडलर शामिल हैं.
नकल माफिया पर कड़ी कार्रवाई और जीरो टॉलरेंस
भगवंत मान ने बताया कि जांच में सामने आया कि नकल माफिया उम्मीदवारों से 3.5 लाख रुपए से 10 लाख रुपए तक वसूल रहा था. ईयरपीस, मॉडिफाइड मोबाइल और वायरलेस डिवाइसों के जरिए परीक्षा हॉल में बैठे उम्मीदवारों को रियल-टाइम में उत्तर डिक्टेट किए जा रहे थे.
मेरिट के आधार पर ही मिलेगी नौकरी!
सीएम मान ने कहा कि जांच में ये साफ हो चुका है कि न तो कोई पेपर लीक हुआ और न ही इसमें किसी अधिकारी की संलिप्तता पाई गई है. इस दौरान उन्होंने ये भी बताया कि पंजाब में सरकारी नौकरी सिर्फ योग्यता और मेरिट के आधार पर ही मिलेगी. नकल और भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत दोषियों पर बिना किसी भेदभाव के सख्त कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी.
वहीं, भगवंत मान के बयान पर पलटवार करते हुए कांग्रेस नेता प्रगत सिंह ने कहा, 'मुख्यमंत्री का ये दावा कि उनकी सरकार में एक भी पेपर लीक नहीं हुआ है, रिकॉर्ड से मेल नहीं खाता.'
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद पंजाब में शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस के इस्तीफे की मांग तेज़ हो गई है. पंजाब में अगले वर्ष विधानसभा चुनाव भी होने वाले हैं, ऐसे में विपक्ष इस मुद्दे पर आम आदमी पार्टी सरकार को पूरी तरह घेर रही है. लेकिन सवाल यह उठता है कि क्या आम आदमी पार्टी बैकफुट पर आएगी और हरजोत सिंह बैंस का इस्तीफा होगा?
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पिछले दिनों जब दिल्ली के जंतर-मंतर पर NEET पेपर लीक को लेकर प्रदर्शन हो रहे थे, तब छात्रों ने उनसे बिहार आकर प्रदर्शन करने की मांग की थी, जिसके बाद उन्होंने कहा था कि इसके बाद उनका अगला कार्यक्रम बिहार में होगा. लेकिन जब पंजाब के पेपर लीक को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने इस सवाल को टाल दिया.