तमिलनाडु में एमके स्टालिन के आपातकाल के दौरान जेल जाने के रिकॉर्ड को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है. तमिलनाडु के मंत्री आर. निर्मल कुमार ने दावा किया कि स्टालिन के मीसा (MISA) के तहत हिरासत में लिए जाने का कोई आधिकारिक सरकारी आदेश मौजूद नहीं है. इस बयान पर DMK सांसद ए. राजा भड़क गए. उन्होंने निर्मल कुमार पर निजी टिप्पणी की. ए. राजा के इस बयान के बाद विवाद और बढ़ गया है.
आर. निर्मल कुमार ने शनिवार को मदुरै में कहा कि अगर स्टालिन को 1975 से 1977 के आपातकाल के दौरान MISA के तहत गिरफ्तार किया गया था, तो उसका आधिकारिक हिरासत आदेश जरूर होना चाहिए. उन्होंने सवाल उठाया कि क्या स्टालिन या DMK के पास उस आदेश की कॉपी है.
इस दौरान निर्मल कुमार ने कहा कि पुराने अखबारों की खबरें, गवाहों के बयान या पार्टी के दस्तावेज सरकारी हिरासत आदेश की जगह नहीं ले सकते. उनके मुताबिक, आधिकारिक आदेश के बिना स्टालिन की MISA गिरफ्तारी के दावे पर सवाल उठना स्वाभाविक है. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इस पुराने मामले के जरिए स्टालिन को राजनीतिक शहीद के तौर पर पेश किया जा रहा है.
क्या कहते हैं स्टालिन?
स्टालिन लंबे समय से दावा करते रहे हैं कि आपातकाल के दौरान उन्हें MISA के तहत जेल भेजा गया था. हाल ही में एक वीडियो में उन्होंने अपने जेल के दिनों को याद किया था. स्टालिन ने बताया था कि हिरासत के दौरान उनके साथ मारपीट की गई थी. इस घटना में उनका जबड़ा टूट गया था.
वहीं निर्मल कुमार का कहना है कि करीब 40 साल से इस मुद्दे पर बहस चल रही है, लेकिन अब तक स्टालिन की MISA गिरफ्तारी का आधिकारिक आदेश सामने नहीं आया है. उनका दावा है कि अगर ऐसी गिरफ्तारी हुई थी तो उसका सरकारी रिकॉर्ड मौजूद होना चाहिए.
विधानसभा से सड़क तक पहुंचा विवाद
MISA को लेकर विवाद कुछ दिन पहले तमिलनाडु विधानसभा में भी सामने आया था. सीएम विजय ने सदन में सरकारिया आयोग के दस्तावेजों का हवाला दिया था. इस दौरान उन्होंने जबड़े पर चोट लगने का इशारा भी किया. इसके बाद सदन में विरोध हुआ, नारेबाजी हुई. हंगामे के बीच DMK के कुछ विधायकों को बाहर निकाल दिया गया. अब विजय के उस भाषण के खिलाफ DMK की ओर से विरोध प्रदर्शन किए जा रहे हैं. शहर में रैलियां निकालकर उनके बयान की आलोचना की जा रही है.
ए. राजा ने किया निजी हमला
इसी विवाद के बीच ए. राजा ने निर्मल कुमार के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने मंत्री पर निजी टिप्पणी की, जिसे लेकर अब नया विवाद खड़ा हो गया है. इस पूरे मामले में राजनीतिक बयानबाजी लगातार तेज होती जा रही है.
इस सियासी टकराव के बीच निर्मल कुमार ने आने वाले उपचुनाव को लेकर भी DMK पर निशाना साधा. उन्होंने उम्मीदवार पारंथमन को 'बाहरी' बताते हुए आरोप लगाया कि वह अपने पुराने इलाके एग्मोर के लिए काम नहीं कर सके.
निर्मल कुमार ने चुनाव में पैसे के इस्तेमाल का भी आरोप लगाया. उन्होंने दावा किया कि वोटरों को प्रभावित करने के लिए बड़े पैमाने पर पैसा खर्च किया जा रहा है. हालांकि, फिलहाल इस पूरे राजनीतिक विवाद की सबसे बड़ी वजह स्टालिन की MISA गिरफ्तारी के रिकॉर्ड को लेकर उठे सवाल हैं.