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कैबिनेट विस्तार में नए को मौका, कई की छुट्टी... कैसी होगी मोदी 3.O की नई टीम

मोदी कैबिनेट में फेरबदल की चर्चा सोशल मीडिया से लेकर पावर कॉरिडोर तक चल रही है. मॉनसून सत्र 20 जुलाई से शुरू होने की संभावना है, कयास लगाए जा रहे हैं कि उससे पहले मंत्रिमंडल का विस्तार हो सकता है. लेकिन सबसे ज्यादा कयास कैबिनेट में शामिल होने वाले और हटने वाले नामों को लेकर है.

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मोदी कैबिनेट में विस्तार को लेकर अटकलें लगाई जा रही हैं. (Photo: ITG)
मोदी कैबिनेट में विस्तार को लेकर अटकलें लगाई जा रही हैं. (Photo: ITG)

मोदी 3.0 यानी नरेंद्र मोदी के तीसरे कार्यकाल का पहला मंत्रिमंडल विस्तार कब होगा? रिपोर्ट है कि सबकुछ तय हो चुका है. कौन मंत्री बनेगा? किसका पत्ता कटेगा? किसका प्रमोशन होगा, किसका केवल विभाग बदलकर फिर से मौका मिलेगा, किस फॉर्मूले से सीट पक्की होगी, किस पैटर्न से कुर्सी खिसकेगी? ये सबकुछ तय हो चुका है.

मोदी मंत्रिमंडल में कई की छुट्टी होने वाली है. जिनके पास कई विभाग हैं, कुछ के विभाग कम होने वाले हैं. महिलाओं को प्राथमिकता और पिछड़ों पर जोर रहने वाला है. और खबर है कि नए चेहरे मंत्रिमंडल में एंट्री लेकर चौंकाने वाले हैं. 

मोदी मंत्रिमंडल के विस्तार की तारीख से लेकर मंत्रिमंडल के चेहरों तक पर आकलन किए जा रहे हैं. सोशल मीडिया से लेकर अलग अलग सियासी गलियारों में सूत्रों के हवाले से कई बातें कही जा रही है. 

मोदी मंत्रिमंडिल में फेरबदल कब होगा. इसे जानने से पहले हाल-फिलहाल का राजनीतिक कैलेंडर देख लीजिए. 

कब होगा मंत्रिमंडल विस्तार

30 जून और एक जुलाई को राष्ट्रपति आंध्र प्रदेश के दौरे पर रहेंगी. एक जुलाई से तीन जुलाई तक जापान की पीएम का भारत दौरा है. चार जुलाई को प्रधानमंत्री का राजस्थान दौरा है. पांच जुलाई का दिन खाली है. छह जुलाई से इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के छह दिन के दौरे पर पीएम मोदी निकल जाएंगे और वे 11 जुलाई तक इस दौरे पर रहेंगे. 

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11 जुलाई के बाद पीएम लौटेंगे तो क्या तब मंत्रिमंडल विस्तार हो सकता है? या फिर इस बीच एक तारीख 5 जून की है. जब प्रधानमंत्री मंत्रिमंडल विस्तार कर सकते हैं.  या फिर 11 तारीख के बाद कभी भी मंत्रिमंडल विस्तार किया जा सकता है. 

क्या मॉनसून सत्र से ऐन पहले मंत्रिमंडल विस्तार होगा?

संसद का मॉनसून सत्र 20 जुलाई से शुरु हो सकता है. क्या मॉनसून सत्र से ऐन पहले 11 जुलाई से 20 जुलाई के बीच मंत्रिमंडल विस्तार हो सकता है? जवाब है हां. ऐसा संभव है. क्योंकि 2021 में सात जुलाई को मंत्रिमंडल फेरबदल हुआ था. जबकि 14 जुलाई से तब मानसून सत्र शुरु होना था. और तब रविशंकर प्रसाद, प्रकाश जावडेकर जैसे बड़े मंत्रियों को हटाकर नए मंत्रियों को जगह दी गई थी. यानी ऐसा पहले होता आया है. इसलिए अबकी बार भी ऐसा हो सकता है.

कितने नए मंत्री मोदी मंत्रिमंडल में शामिल किए जा सकते हैं?

मोदी मंत्रिमंडल में कितने मंत्री शामिल किए जा सकते हैं ये इस बात पर निर्भर करता है कि कितने मंत्री हटाए जाएंगे. कितने मंत्रियों की पोस्ट खाली हो रही है. 

पंकज चौधरी वित्त राज्य मंत्री हैं. वे अब यूपी बीजेपी अध्यक्ष बन चुके हैं. एक व्यक्ति एक पद के चलते इनकी मंत्री पद वाली सीट खाली हो सकती है. ताकि पूरा फोकस 2027 के विधानसभा चुनाव पर रखा सके. 

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रवनीत सिंह बिट्टू रेल राज्य मंत्री हैं. 21 जून को उनका राज्यसभा कार्यकाल पूरा हो चुका है. राज्यसभा की नई सीटों के चुनाव में इन्हें जगह नहीं मिली. इससे मैसेज जाता है कि उन्हें पंजाब भेजा सकता है. पंजाब चुनाव में पूर्व सीएम बेअंत सिंह के पोते रवनीत सिंह बिट्टू पूरा ध्यान लगा सकें इसलिए हो सकता है कि इनकी मंत्री पद वाली कुर्सी खाली रहे. 

हर्ष मल्होत्रा सहकारिता राज्यमंत्री रहे. मई महीने में इन्हें दिल्ली बीजेपी का अध्यक्ष बना दिया है. एक व्यक्ति एक पद की नीति के तहत इनकी मंत्री पद वाली कुर्सी खाली हो सकती है. 

अगला नाम जॉर्ज कुरियन का है. अल्पसंख्यक मामलों के राज्य मंत्री हैं और 23 जून को इस्तीफा दे चुके हैं. इस लिहाज से एक पद ये भी खाली है. 

यूपी का उदाहरण अहम है

टीम मोदी में क्या दिखेगा इसका एक सैंपल आप यूपी की बीजेपी टीम से समझ सकते हैं. जहां 47 फीसदी सीट पिछड़ों को दी गई. 13 फीसदी पद एससी-एसटी को दिए गए हैं. 20 फीसदी पद महिलाओं को मिले हैं. बताया जा रहा है कि इसी तरह राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की टीम में महिलाओं और युवाओं को तरजीह मिलेगी.

चुनावी साल के हिसाब से जहां अगले साल 7 राज्य में चुनाव है. ये राज्य हैं- यूपी, उत्तराखंड,पंजाब, गोवा, मणिपुर, हिमाचल प्रदेश और गुजरात.  तो इसका भी ध्यान रखा जाएगा. 

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21 मई की बात है. पीएम मोदी ने मंत्रिपरिषद की बैठक में सुधारों पर बड़े विस्तार से चर्चा की है. क्या यही मंत्र अब बीजेपी की टीम के बाद नरेंद्र मोदी की टीम के विस्तार में दिखेगा.  जहां पिछड़ों, युवाओं को और ज्यादा मौके मिलेंगे. 

रिपोर्ट के अनुसार मोदी मंत्रिमंडल से 75 साल की उम्र के जो करीब हैं, उनमें से कुछ की विदाई की जा सकती है. नए मंत्रियों को शामिल करने में सबसे ज्यादा दो बातों पर फोकस किया जाएगा. पिछड़ा वर्ग और महिला. ये दो फैक्टर मोदी मंत्रिमंडल विस्तार में सबसे अहम बताया जा रहा है. इसके अलावा चुनावी राज्यों की सोशल इंजीनियरिंग पर ध्यान दिया जाएगा. 

अब सवाल है कि परफॉर्मेंस पर फोकस करने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी किस पर नजरें टेढ़ी करेंगे और किस पर नए परफॉर्मेंस के लिए भरोसा करेंगे?

मंगलवार को विभागों के सचिवों की बैठक 

खबर है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को सभी केंद्रीय मंत्रालयों और विभागों के सचिवों की एक बैठक बुलाई है. इस बैठक में 'ईज़ ऑफ़ लिविंग' (जीवन को आसान बनाने) और 'ईज़ ऑफ़ डूइंग बिज़नेस' (कारोबार को आसान बनाने) के लिए किए गए सुधारों समेत कई मुद्दों पर चर्चा होगी.

सूत्रों के मुताबिक कुछ सचिव अपने-अपने मंत्रालयों के कामकाज और सुधार के उपायों व लोगों से जुड़े अन्य कदमों में हुई प्रगति के बारे में जानकारी देते हुए प्रेजेंटेशन देंगे.

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सूत्रों ने बताया कि प्रधानमंत्री सचिवों के साथ मिलकर उन 'नेक्स्ट-जेनरेशन' (अगली पीढ़ी के) सुधारों की समीक्षा करेंगे, जिनके ज़रिए सरकार लोगों का जीवन आसान बनाना और कारोबार को सरल बनाना चाहती है. 

उम्मीद है कि वे सचिवों को गवर्नेंस और सर्विस डिलीवरी पर ध्यान केंद्रित करने की सलाह देंगे और यह सुनिश्चित करने को कहेंगे कि सरकारी कामकाज, खासकर लोगों से जुड़ी योजनाओं में कोई काम पेंडिंग न रहे.

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