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दो साल बाद मुलाकात, हार पर हार... आज की बैठक में क्या है INDIA ब्लॉक का एजेंडा?

2024 के लोकसभा चुनाव में विपक्षी इंडिया गठबंधन ने बीजेपी को बहुमत के आंकड़े तक पहुंचने नहीं दिया था, लेकिन उसके बाद से बीजेपी ने कमबैक किया है. एक के बाद एक चुनाव जीतने में सफल रही है. बंगाल सहित पांच राज्यों के चुनाव नतीजे के बाद एक बार फिर से विपक्षी दल के नेता बैठक कर रही है, जिसमें बीजेपी से मुकाबले की रणनीति पर मंथन करेंगे.

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कांग्रेस के अगुवाई में विपक्षी इंडिया ब्लॉक की बैठक (Photo-ITG)
कांग्रेस के अगुवाई में विपक्षी इंडिया ब्लॉक की बैठक (Photo-ITG)

देश के पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव के बाद विपक्षी INDIA ब्लॉक के नेताओं की दो साल के बाद सोमवार को बैठक होने जा रही है. इस बैठक में विपक्ष की तकरीबन 23 पार्टियों के नेता शिरकत करेंगे, लेकिन डीएमके और आम आदमी पार्टी ने कांग्रेस के चलते दूरी बना रखी है. माना जा रहा है कि मोदी सरकार के सड़क से संसद तक घेरने और बीजेपी से मुकाबला करने की रणनीति पर फिर से विचार करेंगे. 

पश्चिम बंगाल में टीएमसी और तमिलानाडु में डीएमके के सत्ता से बाहर होने के बाद बदले हुए सियासी माहौल में INDIA ब्लॉक की बैठक हो रही है. यह बैठक दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में दोपहर 12 बजे होगी, जिस पर सभी की निगाहें लगी हुई हैं. 

INDIA ब्लॉक की बैठक ऐसे समय हो रही है, जब एक महीने पहले ही पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों के नतीजे आए थे और इसमें 'INDIA' ब्लॉक की दो अहम पार्टियां डीएमसी और टीएमसी को करारी शिकस्त मिली. बदलते राजनीतिक समीकरण के बीच हो रही इस बैठक को विपक्ष की 'एकजुटता' के तौर पर देखा जा रहा है, लेकिन सवाल ये है कि बैठक का एजेंडा क्या होगा और ममता बनर्जी क्या अब कांग्रेस का नेतृत्व स्वीकार करेंगी?

INDIA ब्लॉक की बैठक में कौन होगा 
कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने बताया कि इंडिया ब्लॉक की बैठक में विपक्ष की 23 पार्टियों के नेता शामिल होंगे. कांग्रेस की तरफ से पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी शिरकत करेंगे. इसके अलावा सपा प्रमुख अखिलेश यादव, आरजेडी से तेजस्वी यादव, शिवसेना (यूबीटी) से समेत कई विपक्षी पार्टियों के प्रतिनिधियों के शामिल होने की संभावना है.

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INDIA ब्लॉक की बैठक में विपक्षी पार्टियों के बड़े नेताओं के साथ-साथ वामपंथी और छोटी पार्टियों के नेता भी शामिल हो सकते हैं. इंडिया गठबंधन की बैठक में आम आदमी पार्टी और डीएमके शामिल नहीं होंगी, उनकी नाराजगी कांग्रेस से है. इसके चलते उन्होंने इंडिया ब्लॉक की बैठक में शामिल नहीं होने का फैसला लिया है. 

इंडिया गठबंधन में टीवीके की एंट्री
विपक्षी गठबंधन इंडिया ब्लॉक की बैठक से तमिलनाडु की डीएमके दूरी बना रही है तो हाल ही में मुख्यमंत्री बने थलापति विजय की पार्टी तमिलगा वेट्री कझगम (TVK) के 'INDIA' गठबंधन में शामिल होने की संभावना है. शिवसेना (यूबीटी) के सांसद संजय राउत ने कहा कि DMK के दूरी बनाने के बाद गठबंधन को TVK के रूप में एक 'दोस्त' मिल गया है. ऐसे में देखना है कि टीवीके की तरफ से कौन नेता शिरकत करता है. 

DMK की दूरी, AAP अलग हो गई

इंडिया गठबंधन की बैठक से डीएमके ने जहां दूरी बना ली है तो आम आदमी पार्टी ने 'INDIA' ब्लॉक से खुद को अलग कर लिया है. डीएमके के प्रवक्ता सरवनन अन्नादुरई ने कहा कि उनकी पार्टी ने इंडिया ब्लॉक मीटिंग का बॉयकॉट करने का फैसला किया है, क्योंकि हम ऐसी जगह नहीं रहना चाहते जहां कांग्रेस मौजूद हो. इसी तरह से आम आदमी पार्टी भी बैठक में शामिल नहीं हो रही है. 

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जयराम रमेश ने कहा कि कुछ पार्टियों ने अपने कारणों से बैठक में शामिल न हो पाने की बात कही है, हालांकि उन्होंने मोदी सरकार की नीतियों और कामों का कड़ा विरोध जताया है, जो भारतीयों से वोट देने का अधिकार छीन रही हैं, रोज संविधान पर हमले कर रही हैं, भारतीयों की रोजी-रोटी को नुकसान पहुंचा रही हैं, लगातार महंगाई बढ़ा रही हैं, युवाओं को धोखा दे रही हैं और विदेश नीति के जरिए राष्ट्रीय हितों से समझौता कर रही हैं.

जयराम रमेश ने भी कहा कि भारत की तरह ही 'इंडिया गठबंधन' अपनी विविधता के बावजूद एकजुट है. हालांकि, बैठक से पहले तमाम मतभेद भी सामने आए हैं. केरल चुनाव के दौरान कांग्रेस की ओर से लगाए जा रहे आरोपों के चलते लेफ्ट ने भी दूरी बना रखा है. 

क्या कांग्रेस का नेतृत्व होगा स्वीकार
आम आदमी पार्टी और डीएमके ने कांग्रेस के चलते ही दूरी बना ली है, जिसके चलते सवाल उठ रहा है कि ममता बनर्जी क्या अब कांग्रेस के नेतृ्त्व में काम करना पसंद करेंगी. पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बाद सियासी हालात बदल गए हैं. सत्ता से बाहर होते ही टीएमसी ताश के पत्ते की तरह बिखरती जा रही है, जिसके चलते ही ममता बनर्जी के सुर बदल गए हैं. कांग्रेस के अगुवाई वाले विपक्ष गठबंधन से 2024 के चुनाव में ममता बनर्जी ने दूरी बना ली थी, लेकिन अब ममता विपक्ष को एकजुट रखने की बात करने लगी हैं. 

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लेफ्ट ने राहुल गांधी पर हमला करते हुएकहा कि अगर आप लीड करना चाहते हैं तो आपको सभी को साथ लेकर चलना होगा. अगर आप अपने सहयोगियों को गाली देंगे तो आपके साथ कौन रहेगा. इससे पहले CPI(M) महासचिव एमए बेबी ने कांग्रेस को पत्र लिखकर इस मुद्दे पर सफाई भी मांगी थी. इसके अलावा डीएमके और आम आदमी पार्टी ने कांग्रेस की वजह से बैठक में शिरकत नहीं कर रही हैं. 

बीजेपी प्रवक्ता शहज़ाद पूनावाला ने कहा कि लेफ्ट का पत्र 'इंडिया' गठबंधन की एकता पर सवाल उठाता है. उन्होंने एक वीडियो जारी कर कहा कि यह 'इंडिया' गठबंधन की असल स्थिति है. कोई मिशन नहीं, कोई विज़न नहीं, बस कन्फ्यूज़न, बंटवारा, आरोप-प्रत्यारोप और पदों की चाहत. हालांकि, जयराम रमेश ने कहा कि भारत की तरह ही, "इंडिया जनबंधन" भी अपनी विविधता के बावजूद एकजुट है.

इंडिया गठबंधन की बैठक का एजेंडा
जयराम रमेश ने कहा कि मोदी सरकार की उन नीतियों और कामों को लेकर लोग खुश नहीं है, क्योंकि लाखों भारतीयों से वोट देने का अधिकार छीन रही हैं, रोज़ाना संविधान पर हमला कर रहे हैं.. जांच एजेंसियों के ज़रिए विपक्ष के नेताओं को निशाना बना रही है. 

उन्होंने कहा कि मोदी सरकार की गलत नीतियों के चलते ही करोड़ों लोगों की आजीविका के लिए गंभीर खतरा है और लगातार बढ़ती कीमतों से घर का बजट बिगाड़ रही है. लाखों युवाओं की उम्मीदों और आकांक्षाओं को धोखा दे रही हैं, निवेश के माहौल को खराब कर रही हैं और अपनी विदेश नीति से राष्ट्रीय हित से समझौता कर रही हैं. 

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सीपीआई के महासचिव डी. राजा ने कहा कि 'इंडिया' ब्लॉक की औपचारिक बैठक काफी लंबे समय के बाद हो रही है और वामपंथी पार्टियां अपने मुद्दे उठाएंगी. उन्होंने कहा कि हर पार्टी के सामने कुछ मुद्दे होते हैं जिन्हें वे उठाना चाहती हैं. वामपंथी पार्टियों के भी कुछ मुद्दे हैं जिन्हें हम उठाना चाहते हैं, और दूसरी पार्टियों की अपनी चिंताएं हो सकती हैं. ऐसे में विपक्ष के सभी दल बैठककर आगे की रणनीति पर मंथन करेंगे. 

ममता क्या कांग्रेस की लीडरशिप को मानेंगी

विपक्षी नेताओं की बैठक पिछले साल राहुल गांधी के आवास पर हुई थी. तब 'इंडिया' ब्लॉक के नेता संसद सत्रों से पहले बातचीत के लिए औपचारिक रूप से मिलते रहे हैं.य विपक्षी दलों ने फ्लोर कोऑर्डिनेशन और केंद्र सरकार के ख़िलाफ़ संयुक्त रूप से उठाए जाने वाले मुद्दों पर चर्चा की है.

विधानसभा चुनावों के नतीजों ने विपक्ष के भीतर नए सिरे से आत्म-मंथन को प्रेरित किया है. INDIA गठबंधन की बैठक पर कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी ने कहा कि यह समय की मांग है... कांग्रेस पार्टी और समान विचारधारा वाले अन्य दल - जो देश को बचाना चाहते हैं, संविधान की रक्षा करना चाहते हैं और लोगों को बढ़ती महंगाई से बचाना चाहते हैं. उन्हें एकजुट होना चाहिए.

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2024 के लोकसभा चुनावों से पहले बने INDIA गठबंधन में कई विपक्षी दल शामिल हैं, जिन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर BJP के नेतृत्व वाले NDA को संयुक्त रूप से चुनौती देने का प्रयास किया था. बीजेपी को बहुमत के नंबर से पीछे रखने में सफल रहे थे, लेकिन लोकसभा चुनाव के बाद बीजेपी कमबैक की है. इसके चलते विपक्षी दलों के सामने सियासी चुनौतियां खड़ी हो गई है, जिससे मुकाबला करने की रणनीति पर मंथन किया जाना है. 
 

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