वंदे मातरम् को लेकर जारी सियासी विवाद के बीच कांग्रेस ने गोवा में आयोजित अपने कार्यक्रम में राष्ट्रगीत वंदे मातरम् के केवल दो पैराग्राफ गाए. कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे मंच पर मौजूद थे. इसके बावजूद वंदे मातरम् के सिर्फ शुरुआती दो अंतरों को गाया गया. इसे लेकर एक बार फिर राजनीतिक बहस का माहौल बन रहा है.
कांग्रेस के इस रुख से पार्टी ने ऐसा मैसेज देने की कोशिश की है कि वह आगे भी अपने कार्यक्रमों में इसी स्वरूप को जारी रखने वाली है. हालांकि, पार्टी की ओर से इसे लेकर भविष्य के कार्यक्रमों के लिए किसी औपचारिक नीति का ऐलान किए जाने की जानकारी सामने नहीं आई है. ऐसे में गोवा के कार्यक्रम को पार्टी के रुख के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है.
वंदे मातरम् को लेकर क्या है विवाद?
वंदे मातरम् के गायन को लेकर राजनीतिक बयानबाजी पहले से जारी है. इसी बीच गोवा में कांग्रेस के कार्यक्रम के दौरान पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की मौजूदगी ने इस घटनाक्रम को और महत्वपूर्ण बना दिया है. कार्यक्रम में वंदे मातरम् शुरू होने के बाद इसके केवल दो अंतरे गाए गए और इसके बाद गायन समाप्त कर दिया गया.
कांग्रेस मुख्यालय में हुआ वंदे मातरम् विवाद भी गहराया
असल में स्वतंत्रता दिवस पर कांग्रेस मुख्यालय में वंदे मातरम के गायन को लेकर विवाद बढ़ गया है. इस मामले में कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ दिल्ली पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई है. शिकायत में दोनों नेताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच करने की मांग की गई है.
दिल्ली पुलिस में दी गई है शिकायत
यह शिकायत 16 अगस्त को अधिवक्ता कुणाल विनायक और शुभ शर्मा की ओर से संबंधित थाने के थाना प्रभारी को दी गई. शिकायत में कहा गया है कि 15 अगस्त को दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय में स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम के दौरान वंदे मातरम के गायन के समय सोनिया गांधी ने कुछ ऐसे इशारे किए, जिन्हें शिकायतकर्ता ने गीत के गायन पर आपत्ति के तौर पर देखा. शिकायत में सार्वजनिक रूप से सामने आए वीडियो और मीडिया रिपोर्ट्स का भी हवाला दिया गया है.
शिकायत में राष्ट्रीय सम्मान के अपमान से जुड़े प्रस्तावित संशोधन विधेयक, 2026 का भी हवाला दिया गया है. इसमें कहा गया है कि प्रस्तावित संशोधन के तहत राष्ट्रगान या राष्ट्रीय गीत के गायन को जानबूझकर रोकने या ऐसे कार्यक्रम में बाधा डालने पर तीन साल तक की जेल, जुर्माना या दोनों का प्रावधान किया जा सकता है.
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मॉनसून सत्र के आखिरी दिन पूरा गाया गया था वंदे मातरम्
बता दें कि मॉनसून सत्र के आखिरी दिन गुरुवार को लोकसभा की कार्यवाही पहली बार पूरे 'वंदे मातरम्' के साथ शुरू हुई थी. जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और सभी सांसद मौजूद थे. राष्ट्रगीत के छह स्टैंजा बजाए जाने के बाद, लोकसभा की कार्यवाही अनिश्चित काल के लिए स्थगित कर दी गई थी और सत्र समाप्त हो गया था. यह कदम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की ओर से वंदे मातरम् को कानूनी सुरक्षा देने वाले कानून को मंजूरी देने के कुछ दिनों बाद पहल के तौर पर उठाया गया था.
यह कानून राष्ट्रगीत के गायन में जानबूझकर बाधा डालने या उसे रोकने को दंडनीय अपराध बनाता है, और इसे राष्ट्रगान के समान ही कानूनी दर्जा देता है. सरकार ने पहले ही आधिकारिक कार्यक्रमों में इसके गायन से जुड़े नियम जारी किए थे. 28 जनवरी के एक आदेश में केंद्रीय गृह मंत्रालय ने निर्देश दिया था कि राष्ट्रपति के आगमन, तिरंगा फहराने और राज्यपालों के संबोधन जैसे मौकों पर गीत के छह स्टैंजा गाए जाएं.