एक्टिविस्ट तहसीन पूनावाला ने आरोप लगाया है कि दिल्ली पुलिस ने शनिवार को उन्हें उनके घर में नजरबंद कर दिया और जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के लिए जाने से रोक दिया. पूनावाला का कहना है कि वह चीनी की बढ़ती कीमतों और केंद्र सरकार की E20 फ्यूल पॉलिसी के खिलाफ शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने जा रहे थे. उन्होंने चीनी और एथेनॉल से जुड़ी नीतियों को 'शुगर स्कैम' और 'एथेनॉल स्कैम' बताते हुए आरोप लगाया कि इनसे राजनीतिक रूप से प्रभावशाली लोगों के परिवारों को फायदा हो रहा है, जबकि आम लोगों पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है.
पूनावाला ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कई वीडियो शेयर किए हैं. इनमें वह पुलिसकर्मियों से पूछते नजर आ रहे हैं कि उन्हें जंतर-मंतर जाने से क्यों रोका जा रहा है. वीडियो में एक पुलिस अधिकारी उन्हें बताते हैं कि प्रदर्शन स्थल पर जाने की उनकी अनुमति 'कैंसिल' कर दी गई है. अधिकारी ने कानून-व्यवस्था का हवाला देते हुए कहा कि उनके वहां पहुंचने पर समर्थक इकट्ठा हो सकते हैं और उनके बीच 'कुछ गलत लोग' भी शामिल हो सकते हैं.
इस पर पूनावाला ने सवाल किया कि क्या केवल इस आशंका के आधार पर पुलिस उन्हें बाहर निकलने से रोक सकती है.
मैं हाउस अरेस्ट हूं- तहसीन पूनावाला
इंडिया टुडे डिजिटल से बातचीत में पूनावाला ने कहा कि उनका बनाया 'सिटिजन एडवोकेसी ग्रुप 'टीम भारत' ने बढ़ती चीनी की कीमतों के खिलाफ शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने का फैसला किया था. उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली पुलिस उनके घर पहुंची और उन्हें हिरासत में ले लिया.
पूनावाला ने कहा, 'मैं हाउस अरेस्ट हूं. कोई दस्तावेज नहीं दिया गया है.' इसके साथ ही उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि उन्होंने बाहर तैनात पुलिसकर्मियों को एक गिलास गन्ने का जूस भी ऑफर किया. उन्होंने X पर इसका वीडियो भी शेयर किया. पूनावाला ने गन्ने के जूस के जरिए चीनी की बढ़ती कीमतों और एथेनॉल नीति पर तंज कसते हुए कहा कि आने वाले समय में गन्ने का जूस भी महंगा हो सकता है.
पूनावाला ने दावा किया कि पुलिस ने शुक्रवार को जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शन का हवाला देते हुए कानून-व्यवस्था की समस्या की आशंका जताई. इस पर उन्होंने सवाल किया कि शुक्रवार को प्रदर्शन कर रहे बच्चे 'वंदे मातरम्' और 'हनुमान चालीसा' गा रहे थे, ऐसे में वे कैसे गलत थे और उसके आधार पर उन्हें क्यों रोका जा रहा है.
E20 पॉलिसी पर भी पूनावाला का विरोध
पूनावाला का विरोध केंद्र की E20 फ्यूल पॉलिसी को लेकर भी है. इस नीति के तहत पेट्रोल में 20 फीसदी तक एथेनॉल मिलाया जाता है. उन्होंने आरोप लगाया कि यह नीति वाहनों को नुकसान पहुंचा रही है. साथ ही उन्होंने दावा किया कि एथेनॉल और चीनी से जुड़ी नीतियों का असर आम लोगों के घरेलू बजट पर पड़ रहा है.
हालांकि, पूनावाला की ओर से शेयर किए गए वीडियो में पुलिस द्वारा उन्हें कोई लिखित हिरासत या नजरबंदी आदेश देते हुए नहीं दिखाया गया है. वीडियो में पुलिसकर्मी उन्हें जंतर-मंतर नहीं जाने के लिए कहते और संभावित कानून-व्यवस्था की स्थिति का हवाला देते नजर आते हैं.
यह पहली बार नहीं है जब E20 पॉलिसी के खिलाफ प्रदर्शन को लेकर पूनावाला और दिल्ली पुलिस आमने-सामने आए हैं. 31 जुलाई को भी उन्होंने एपीजे अब्दुल कलाम रोड से तीस जनवरी मार्ग स्थित गांधी स्मृति तक अकेले मार्च और दिनभर की भूख हड़ताल का ऐलान किया था. इससे पहले उन्होंने आरोप लगाया था कि पुलिस ने संसद तक प्रस्तावित टीम भारत की 'गाड़ी मार्च' को अनुमति नहीं दी थी.