भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की राज्यसभा सांसद सुष्मिता देव ने तृणमूल कांग्रेस से बगावत करने वाले सांसदों के एनसीपीआई में विलय और एनसीपीआई के राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) का समर्थन करने पर बयान दिया है. सुष्मिता देव ने कहा है कि एनसीपीआई, एनडीए के साथ इसलिए आई है क्योंकि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना नेता मानती है.
सुष्मिता देव ने कहा है कि एनसीपीआई राहुल गांधी को अपना नेता नहीं मानती, इसलिए ही हमारे साथ आई है. उन्होंने कहा कि यह उनका अपना निर्णय है. सुष्मिता देव ने इसे लेकर टीका-टिप्पणी का विरोध करते हुए कहा कि इस मामले में लोकसभा स्पीकर का फैसला अभी नहीं आया है. जब तक लोकसभा स्पीकर इसे लेकर कोई फैसला नहीं दे देते, तब तक किसी को भी टिप्पणी नहीं करना चाहिए.
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दल-बदल को लेकर उन्होंने कहा कि अब अगर इसकी बात हो रही है, तो राहुल गांधी से सम्मानपूर्वक एक सवाल पूछना चाहती हूं. सुष्मिता देव ने कहा कि जब आपने तेलंगाना में केसीआर की पार्टी के विधायकों का कांग्रेस में विलय कराया था और उस मामले में स्पीकर ने दो साल तक कोई फैसला नहीं दिया. उन्होंने कहा कि इसके बाद केसीआर की पार्टी को कोर्ट जाना पड़ा.
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सुष्मिता देव ने कहा कि इसे लेकर राहुल गांधी का क्या कहना है? गौरतलब है कि एनडीए संसदीय दल की हर हफ्ते होने वाली बैठक मंगलवार को संसद भवन में हुई. इस बैठक में पहली बार वह सांसद भी शामिल हुए, जिन्होंने पिछले दिनों टीएमसी से बगावत कर एनसीपीआई में विलय कर लिया था.