शिलांग में असम की गाड़ियों पर हुए हमले के बाद दोनों राज्यों के बीच बढ़ा तनाव अब कम करने की कोशिश हो रही है. मेघालय सरकार ने 19 अगस्त की हिंसा पर अफसोस जताया है. साथ ही असम से आने वाले पर्यटकों और वाहनों की सुरक्षा की जिम्मेदारी लेने की बात कही है. मामले की जांच के लिए SIT बनाई गई है. इन भरोसों के बाद असम के कैब ऑपरेटरों ने मेघालय जाने वाली गाड़ियों की नाकाबंदी फिलहाल हटा दी है.
यह पूरा मामला 19 अगस्त को शिलांग में खासी स्टूडेंट्स यूनियन (KSU) की बाइक रैली के दौरान शुरू हुआ था. पुलिस के मुताबिक, हिंसा में असम नंबर की गाड़ियों समेत करीब 31 वाहन क्षतिग्रस्त हुए. दो गाड़ियों में आग लगा दी गई, जबकि 16 लोग घायल हुए. इसके बाद असम के कमर्शियल वाहन ऑपरेटरों ने गुवाहाटी के जोराबाट और खानापारा समेत मेघालय जाने वाले रास्तों पर नाकाबंदी कर दी.
तीन छात्र नेता गिरफ्तार, 15 FIR दर्ज
मीडियो रिपोर्ट्स के मुताबिक, बातचीत के बीच मेघालय पुलिस ने उपद्रवियों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है. रैली निकालने वाले खासी स्टूडेंट्स यूनियन (KSU) के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और महासचिव को गिरफ्तार कर लिया गया है. अब तक 15 पर FIR दर्ज की जा चुकी हैं. पुलिस ने असम की गाड़ियों पर हमला करने वाले 5 नकाबपोश आरोपियों की पहचान भी कर ली है. मामले की पूरी जांच गठित SIT को सौंप दी गई है.
पर्यटकों की सुरक्षा की जिम्मेदारी
मेघालय ने साफ किया है कि असम समेत देश-विदेश के किसी भी हिस्से से आने वाले पर्यटकों की हिफाजत सरकार करेगी. राज्य में घूमने के दौरान लोगों को पूरा सुरक्षा घेरा मिलेगा. सीमा पर किसी भी वाहन को नुकसान न पहुंचे, इसके लिए पुलिस पेट्रोलिंग बढ़ाई गई है. बातचीत में ड्राइवरों के नुकसान की भरपाई करने पर भी सहमति बनी है, जिसके बाद कैब चालकों ने विरोध खत्म किया.
3,770 से ज्यादा गाड़ियां सुरक्षित निकलीं
रिपोर्ट्स के मुताबिक, मेघालय से असम नंबर की 3,770 से ज्यादा गाड़ियों को सुरक्षित बाहर निकाला जा चुका है. असम के 246 लोग मेघालय में फंसे थे, जिनमें से 131 शनिवार रात 8:30 बजे तक सुरक्षित लौट आए. बाकी लोगों को भी सुरक्षित निकालने के लिए दोनों राज्यों की टीमें जुटी हैं. जो भी लोग या गाड़ियां अभी वहां फंसी हैं, उन्हें अगले 48 घंटे में बाहर निकाल लिया जाएगा.
फंसे लोगों की मदद के लिए दोनों राज्यों के बीच साझा व्यवस्था बनाई गई है. इसके तहत व्हाट्सऐप नंबर 9181014888 और लैंडलाइन 0361-2381-511 जारी किया गया है. यह व्यवस्था हालात पूरी तरह सामान्य होने तक जारी रहेगी. लंबे समय के लिए दोनों राज्यों के अधिकारियों की साझा कमेटियां भी बनाई जाएंगी, ताकि सीमा से जुड़े मामलों को जल्दी सुलझाया जा सके.