सुष्मिता देव (Sushmita Dev) भारतीय राजनीति का एक जाना-पहचाना नाम हैं. वह वर्तमान में पश्चिम बंगाल से राज्यसभा सांसद हैं और अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस (TMC) से जुड़ी हुई हैं. इसके साथ ही वह पार्टी की राष्ट्रीय प्रवक्ता के रूप में भी सक्रिय भूमिका निभाती हैं. इससे पहले वह भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की वरिष्ठ नेता रही हैं और कई वर्षों तक कांग्रेस संगठन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल चुकी हैं.
सुष्मिता देव का जन्म 25 सितंबर 1972 को हुआ था. उनका संबंध एक राजनीतिक परिवार से है. उनके पिता स्वर्गीय संतोष मोहन देव भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के वरिष्ठ नेता थे. वह कई बार सांसद रहे और केंद्र सरकार में कैबिनेट मंत्री के पद पर भी कार्य कर चुके थे. उनकी माता बिथिका देव भी राजनीति से जुड़ी रही हैं और असम विधानसभा में सिलचर क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं.
शिक्षा की बात करें तो सुष्मिता देव ने दिल्ली विश्वविद्यालय के मिरांडा हाउस से बी.ए. (ऑनर्स) की पढ़ाई पूरी की. इसके बाद उन्होंने कानून की पढ़ाई की और एलएलबी (कॉरपोरेट एवं कमर्शियल लॉ) की डिग्री हासिल की. आगे की कानूनी शिक्षा के लिए उन्होंने यूनाइटेड किंगडम का रुख किया, जहां उन्होंने इंस ऑफ कोर्ट्स स्कूल ऑफ लॉ, लंदन और किंग्स कॉलेज लंदन में अध्ययन किया. वह पेशे से वकील भी रही हैं.
सुष्मिता देव ने सक्रिय राजनीति में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के साथ अपना सफर शुरू किया. वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने असम की सिलचर लोकसभा सीट से चुनाव लड़ा और जीत हासिल कर संसद के निचले सदन लोकसभा की सदस्य बनीं. सांसद के रूप में उन्होंने सिलचर क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया.
कांग्रेस में रहते हुए उन्हें कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां मिलीं. वह अखिल भारतीय महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष भी रहीं. हालांकि, वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव में सिलचर सीट से उन्हें भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के उम्मीदवार राजदीप रॉय के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा.
2019 के चुनावी परिणामों के बाद कांग्रेस और सुष्मिता देव के बीच राजनीतिक दूरी बढ़ी. अंततः अगस्त 2021 में उन्होंने कांग्रेस पार्टी छोड़ दी और अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस में शामिल हो गईं.
तृणमूल कांग्रेस के जिन तीन नेताओं ने हाल ही में राज्यसभा सांसद के पद से इस्तीफा दिया था, वो आज BJP में शामिल हो गए हैं. बीजेपी जॉइन करते ही पार्टी ने सुखेंदु रॉय, सुष्मिता देब और प्रकाश चिक बराइक को बंगाल में खाली हुई तीन राज्यसभा सीटों के लिए उम्मीदवार घोषित कर दिया है.
पश्चिम बंगाल में 24 जुलाई को राज्यसभा की तीन खाली सीटों पर उपचुनाव होने जा रहा है. तीन पूर्व टीएमसी सांसदों ने इस्तीफा देकर बीजेपी का दामन थाम लिया है और अब वही नेता बीजेपी से उम्मीदवार बनाए गए हैं. खास बात ये है कि इन्हीं तीन नेताओं के इस्तीफे की वजह से ये राज्यसभा सीटें खाली हुई थीं, जिनपर अब उपचुनाव कराया जा रहा है.
पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी को एक बहुत बड़ा झटका लगा है. टीएमसी के तीन पूर्व राज्यसभा सांसद सुखेंदु शेखर राय, सुष्मिता देव और प्रकाश चिक बड़ाइक ने BJP में शामिल हो गए हैं.
टीएमसीसी के सदस्यों ने इस्तीफा दिया और इसके बाद वे बीजेपी से जुड़ जाएंगे और बीजेपी की ओर से राज्यसभा के कैंडिडेट बनाए जाएंगे. इस पर आरोप लगेगा कि बीजेपी राज्यसभा में अपनी संख्या बढ़ाने के लिए इस तरह के इस्तीफे करवा रही है और फिर अपने ही कैंडिडेट्स को राज्यसभा में भेज रही है. यह राजनीतिक विवाद बीजेपी की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है जिसमें विपक्षी नेता शामिल हैं.
सूत्रों के मुताबिक, सुष्मिता देव भाजपा में शामिल हो सकती हैं. हाल ही में उनकी मुलाकात असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा से हुई है. इससे यह अनुमान लगाया जा रहा है कि उन्होंने पार्टी ज्वाइन करने का निर्णय लिया हो सकता है. भाजपा की तरफ से इस खबर की पुष्टि नहीं हुई है लेकिन गठबंधन में इस बदलाव को लेकर अटकलें तेज हैं.
तृणमूल कांग्रेस और राज्यसभा से इस्तीफा देने के बाद सुष्मिता देव ने संकेत दिया है कि उनका राजनीतिक भविष्य असम में है, न कि पश्चिम बंगाल में. उन्होंने कहा कि वह असम में सक्रिय राजनीति करना चाहती हैं. इस्तीफे के बाद उनकी असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा से मुलाकात ने बीजेपी में शामिल होने की अटकलों को और मजबूत कर दिया है.
TMC दो बड़े नेताओं ने हाल ही में अपने पदों से इस्तीफा दिया है. पहला नाम सुखेन्दु शेखर रॉय का है, जिन्होंने पहले राज्यसभा से इस्तीफा दिया और बाद में टीएमसी पार्टी से भी अपना इस्तीफा सौंपा. दूसरा नाम सुष्मिता देव का है, जिन्होंने भी अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. यह इस्तीफे राजनीति में महत्वपूर्ण बदलाव की ओर संकेत करते हैं.
सुष्मिता देव ने हाल ही में TMC छोड़कर राज्यसभा से इस्तीफा दिया है. अब वे असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा शर्मा से मिली हैं, जिससे राजनीतिक चर्चाएं तेजी से गर्म हो गई हैं.
पश्चिम बंगाल से बड़ी खबर सामने आई है जहां टीएमसी को एक बार फिर मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है. पार्टी के खिलाफ नाराजगी के बीच कई विधायक और सांसद पार्टी छोड़ने लगे हैं. इस कड़ी में अब एक और बड़ा नाम शामिल हो गया है. टीएमसी की पूर्व राज्यसभा सांसद सुष्मिता देव ने अपना राज्यसभा का पद त्याग दिया है. यह कदम टीएमसी के लिए एक नया झटका माना जा रहा है.
TMC से इस्तीफा देने के बाद BJP में शामिल होने वाले दावों पर क्या बोलीं सुष्मिता देव?
सुष्मिता देव ने टीएमसी से इस्तीफा दे दिया है और अब ऐसा माना जा रहा है कि वह बीजेपी में शामिल हो सकती हैं. इस बात को लेकर कई लोग नाराज भी हैं और इस्तीफा भी दे रहे हैं.
पश्चिम बंगाल की राजनीति का 15 साल तक सिरमौर रही टीएमसी मुश्किल में है. कभी ममता बनर्जी के खास रहे नेता एक-एक कर पार्टी से किनारा कर रहे हैं. पिछले 14 दिन में ही पांच बड़े नेताओं ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. इस्तीफा देने वालों में कोई सांसद था, तो कोई पार्टी के किसी प्रकोष्ठ का अध्यक्ष.
पश्चिम बंगाल की सियासी हलचल के बीच तृणमूल कांग्रेस की वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद सुष्मिता देव ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है और अपनी सदस्यता भी छोड़ दी है.
ममता की करीबी राज्यसभा सांसद सुष्मिता देव ने बुधवार को इस्तीफा दे दिया है. सुखेंदु शेखर के बाद वह इस लिस्ट में दूसरी हैं जिन्होंने राज्यसभा की सदस्यता छोड़ दी है. हालांकि उनके इस्तीफे का कारण सामने नहीं आया है.
राज्यसभा सासंद सुष्मिता देव ने बुधवार को संसद की सदस्यता से इस्तीफा देकर ममता बनर्जी को झटका देने के साथ ही सबको चौंका दिया. सूत्रों का कहना है कि सुष्मिता बीजेपी का दामन थाम सकती हैं. लेकिन इस बीच आजतक संवाददाता ने सुष्मिता देव से की खास बातचीत और ये जानना चाहा कि आखिर उनका TMC से मोहभंग क्यों हुआ. देखें ये खास बातचीत '