सुरक्षा कारणों की वजह से गुरुवार सुबह दिल्ली मेट्रो के 16 स्टेशन बंद कर दिए गए, जिसका सीधा असर सुप्रीम कोर्ट की कार्यवाही पर भी पड़ा. चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि वकीलों के समय पर कोर्ट न पहुंच पाने की वजह से आज कोई प्रतिकूल आदेश नहीं दिया जाएगा, और अगर दोपहर तक हालात नहीं सुधरे तो वे खुद इसमें दखल देंगे.
इसी बीच दिल्ली हाईकोर्ट ने 20 जुलाई के 'संसद चलो मार्च' की एनआईए जांच की मांग वाली याचिका पर भी सुनवाई के लिए सहमति दे दी है.
सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन के वकील समय पर अदालत नहीं पहुंच पाए, क्योंकि मेट्रो के कई अहम स्टेशन बंद कर दिए गए थे. इस पर चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने साफ किया कि वकीलों की गैरमौजूदगी की वजह से सुप्रीम कोर्ट आज कोई ऐसा आदेश नहीं देगा जो किसी पक्ष के खिलाफ जाए.
उन्होंने यह भी कहा कि अगर दोपहर के खाने तक हालात नहीं सुधरे तो वे खुद इस मामले में दखल देंगे. इसके तुरंत बाद सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (SCBA) ने कोर्ट का रुख किया और मांग की कि वकीलों, मुकदमे से जुड़े लोगों और कोर्ट स्टाफ को सीमित आवाजाही की इजाजत दी जाए ताकि वे अदालत तक पहुंच सकें.
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अब बात करते हैं मेट्रो बंद होने की वजह की. दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) ने बताया कि सुरक्षा कारणों से लोक कल्याण मार्ग, राजीव चौक, पटेल चौक, रामकृष्ण आश्रम मार्ग, बाराखंभा रोड, सुप्रीम कोर्ट, सेवा तीर्थ, जनपथ, मंडी हाउस, सेंट्रल सचिवालय, आईटीओ, दिल्ली गेट, इंद्रप्रस्थ, खान मार्केट, जोर बाग और शिवाजी स्टेडियम स्टेशन अगले आदेश तक बंद कर दिए गए हैं.
हालांकि राजीव चौक, मंडी हाउस और सेंट्रल सचिवालय स्टेशन पर इंटरचेंज की सुविधा चालू रखी गई है. यह फैसला जंतर मंतर पर चल रहे कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के विरोध प्रदर्शन में भीड़ बढ़ने के बाद लिया गया.