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LIVE: CJP के सौरव-रांका की आज होगी रिहाई? थोड़ी देर में सुनवाई

कॉकरोच जनता पार्टी के सौरव दास और आशुतोष रांका की न्यायिक हिरासत आज समाप्त हो रही है. थोड़ी देर में इस मामले में SEM कोर्ट में सुनवाई होने वाली है. वहीं, दिल्ली हाई कोर्ट में उनकी हिरासत बढ़ाने के आदेशों को चुनौती देने वाली याचिका वापस ले ली गई है.

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 सौरव दास और आशुतोष रांका की न्यायिक हिरासत आज खत्म होने वाली है. (Photo: PTI)
सौरव दास और आशुतोष रांका की न्यायिक हिरासत आज खत्म होने वाली है. (Photo: PTI)

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के सौरव दास और आशुतोष रांका की न्यायिक हिरासत आज खत्म होने वाली है. थोड़ी देर में इस मामले में स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट (SEM) के सामने इस मामले में सुनवाई होने वाली है. सौरव दास और आशुतोष रांका सुनवाई के लिए SEM कोर्ट पहुंच गए हैं. सुनवाई से जुड़े अपडेट यहां पढ़ें...

-दिल्ली पुलिस सौरव दास और आशुतोष रांका की न्यायिक हिरासत बढ़ाने की मांग कर रही है. 

बता दें, CJP एक्टिविस्ट सौरव दास और आशुतोष रांका की हिरासत बढ़ाने के आदेशों को चुनौती देते हुए दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दायर की गई थी. लेकिन सुनवाई के दौरान सौरव दास और आशुतोष रांका ने अपनी याचिका वापस ले ली है. 

HC से सौरव-रांका को फटकार

सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने बार-बार सवाल उठाया कि जब कानून में अपील और दूसरे वैकल्पिक उपाय मौजूद हैं, तो याचिकाकर्ता सीधे संविधान के अनुच्छेद 226 के तहत अदालत क्यों आए हैं. कोर्ट ने बॉन्ड की शर्तों के उल्लंघन, जमानतदारों को खारिज करने और मजिस्ट्रेट के अधिकारों से जुड़े कानूनी पहलुओं पर भी सवाल किए.

सुनवाई के दौरान कोर्ट ने दोनों से उनकी उम्र पूछी. जब उनके वकील ने बताया कि सौरव दास की उम्र 27 साल और आशुतोष रांका की उम्र 31 साल है तो कोर्ट ने साफ कहा कि वे Gen Z नहीं हैं. कोर्ट ने यह भी सवाल किया कि किस उम्र के लोग मिलेनियल्स कहलाते हैं? कोर्ट ने कहा कि प्रदर्शन में बच्चे भी शामिल थे. लेकिन अब मामला कुछ और हो गया है. कोर्ट की ओर से कहा गया कि लोग वहीं हैं लेकिन मुद्दा बदल गया है. 

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यह भी पढ़ें: '27 और 31... आप Gen-Z नहीं हैं', जब सौरव दास-आशुतोष रांका से HC में पूछी गई उम्र, उठे तीखे सवाल

सौरव-रांका पर कौन सी धाराएं लगी

गौरतलब है, दोनों के खिलाफ कनॉट प्लेस थाने में दर्ज एफआईआर में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 223A, 332 और 61(2) लगाई गई हैं. ये धाराएं सरकारी आदेश का पालन नहीं करने, अपराध करने के इरादे से घर या परिसर में घुसने और आपराधिक साजिश से जुड़ी हैं.

वहीं, संसद मार्ग थाने में दर्ज दूसरी एफआईआर में धारा 221, 115(2), 132, 121(1) और 3(5) लगाई गई हैं. ये धाराएं सरकारी कर्मचारी के काम में बाधा डालने, चोट पहुंचाने, ड्यूटी से रोकने के लिए हमला या बल प्रयोग करने और साझा मंशा से जुड़े मामलों में लागू होती हैं. 

(इनपुट - सांभवी श्रीवास्तव)

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