सत्य निकेतन हादसे में आरोपी हरिराम गुप्ता को पटियाला हाउस कोर्ट से बड़ा झटका लगा है. पटियाला हाउस कोर्ट ने आरोपी हरिराम गुप्ता की जमानत देने से इनकार कर दिया है.
कोर्ट ने कहा कि हरिराम गुप्ता खुद को बिल्डिंग से अलग बता रहे हैं, लेकिन रिकॉर्ड के मुताबिक बिल्डिंग की बिजली कनेक्शन उनके नाम पर हैं और कुछ गवाहों ने निर्माण में उनकी भूमिका की बात कही है.
कोर्ट ने यह भी कहा कि बिल्डिंग से एक लाख रुपये से ज्यादा मासिक किराया मिलने की बात सामने आई है और उसके रखरखाव पर कितना खर्च हुआ इसकी जांच जरूरी है.
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कोर्ट ने माना कि आरोपी की उम्र और स्वास्थ्य संबंधी दलीलें महत्वपूर्ण हैं लेकिन फिलहाल ऐसी कोई स्थिति नहीं बनी है जिससे लगे कि उनकी हालत न्यायिक हिरासत में संभाली नहीं जा सकती.
कोर्ट ने कहा कि जांच शुरुआती दौर में है और चार्जशीट दाखिल नहीं हुई है, इसलिए इस स्तर पर जमानत देना उचित नहीं है. कोर्ट ने जमानत याचिका खारिज करते हुए जेल अधीक्षक को आरोपी की सभी निर्धारित दवाएं समय पर उपलब्ध कराने का निर्देश दिया.
बता दें, सत्य निकेतन हादसे में 7 लोगों की मौत हुई थी, जिनमें 5 छात्र और 2 मजदूर शामिल थे. कई लोग घायल हुए और एक घायल की हालत गंभीर बताई गई.
दिल्ली पुलिस ने आरोपी हरिराम गुप्ता, उनकी पत्नी उर्मिला गुप्ता और बेटे महेश गुप्ता को 7 सितंबर को गिरफ्तार किया था. मामले में जांच अभी जारी है और चार्जशीट दाखिल नहीं हुई है.