कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को लेकर बड़ी खबर सामने आई है. दिल्ली से लखनऊ आ रही एयर इंडिया की फ्लाइट की दूसरी बार में सुरक्षित लैंडिंग हो पाई. सामने आया है कि इस फ्लाइट में राहुल गांधी भी सवार थे.
दूसरी कोशिश में सुरक्षित लैंडिंग
जानकारी के मुताबिक, मंगलवार को लैंडिंग के दौरान फ्लाइट को गो-अराउंड करना पड़ा. लखनऊ एयरपोर्ट के सूत्रों के मुताबिक, तेज हवा के दबाव के कारण विमान पहले प्रयास में लैंड नहीं कर सका. इसके बाद पायलट ने दूसरी कोशिश की और विमान की सुरक्षित लैंडिंग कराई.
पहली कोशिश के 10 मिनट बाद हो सकी सफल लैंडिंग
सूत्रों के मुताबिक, एयर इंडिया की फ्लाइट AI-1717 दिल्ली से लखनऊ आ रही थी और राहुल गांधी भी इसमें सवार थे. लखनऊ एयरपोर्ट पर लैंडिंग से पहले दोपहर 3 बजकर 45 मिनट पर विमान ने गो-अराउंड किया. इसके बाद पायलट ने परिस्थितियों का आकलन किया और दोबारा लैंडिंग का प्रयास किया. करीब 10 मिनट बाद, दोपहर 3 बजकर 55 मिनट पर फ्लाइट लखनऊ एयरपोर्ट पर सुरक्षित उतर गई.
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सुरक्षित लैंडिंग के बाद राहुल गांधी समेत सभी यात्री सामान्य रूप से विमान से उतर गए. किसी तरह की अप्रिय घटना की सूचना नहीं है. गो-अराउंड विमानन में अपनाई जाने वाली सामान्य सुरक्षा प्रक्रिया है. अगर लैंडिंग के दौरान पायलट को मौसम, रनवे या किसी अन्य कारण से परिस्थितियां सुरक्षित नहीं लगतीं तो विमान को उतारने के बजाय दोबारा ऊंचाई पर ले जाया जाता है. इसके बाद परिस्थितियां अनुकूल होने पर फिर से लैंडिंग की जाती है.
कोच्चि से अबू धाबी जा रही फ्लाइट में भी आई थी खामी
बता दें कि एक दिन पहले भी एअर इंडिया एक्सप्रेस की एक फ्लाइट में तकनीकि खामी आ गई थी. जानकारी के मुताबिक, कोच्चि से अबू धाबी की ओर उड़ान भर रहे एअर इंडिया एक्सप्रेस के बोइंग 737 विमान में आसमान के बीच बड़ी तकनीकी खराबी आ गई थी. 36 हजार फीट की ऊंचाई पर विमान के एक इंजन में ऑयल का प्रेशर तेजी से गिरने लगा. खतरा बढ़ता देख पायलटों ने हवा में ही इंजन को बंद किया, फिर विमान का रुख मोड़कर कोच्चि एयरपोर्ट पर सुरक्षित लैंडिंग कराई.
इस सूझबूझ से विमान में सवार सभी यात्री सुरक्षित रहे. यह घटना एयर इंडिया एक्सप्रेस की फ्लाइट IX 415 में हुई. विमान ने कोच्चि से अबू धाबी के लिए उड़ान भरी थी. उड़ान भरने के करीब 50 मिनट बाद, जब विमान 36 हजार फीट की ऊंचाई पर था, पायलट और को-पायलट ने इंजन-1 में ऑयल की मात्रा तेजी से घटती देखी. आसमान की इतनी ऊंचाई पर इंजन में ऑयल का तेजी से कम होना गंभीर स्थिति थी. इसे देखते हुए क्रू ने फौरन तय प्रक्रिया (FORDEC असेसमेंट) शुरू की, ताकि आगे का फैसला लिया जा सके.