असम में विधानसभा चुनाव हो रहे हैं. चुनावी मौसम में नेताओं के दल-बदल का सिलसिला भी जोरों पर है. सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने विपक्षी कांग्रेस को हाल ही में तगड़ा झटका दिया था. असम की नगांव लोकसभा सीट से 2024 के आम चुनाव में कांग्रेस के टिकट पर जीते प्रद्युत बोरदोलोई ने 17 मार्च को कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था. वह बीजेपी में शामिल हो गए थे.
प्रद्युत बोरदोलोई ने लोकसभा की सदस्यता से भी अपना इस्तीफा स्पीकर ओम बिरला को भेज दिया था. स्पीकर ने इसे मंजूर कर लिया है. लोकसभा स्पीकर ने मंगलवार को सदन में इस बात की जानकारी दी. स्पीकर ने कहा कि असम के नगांव से सांसद प्रद्युत बोरदोलोई का सदन की सदस्यता से इस्तीफा मंजूर कर लिया हूं. यह इस्तीफा 20 मार्च से प्रभावी माना जाएगा.
गौरतलब है कि प्रद्युत बोरदोलोई ने 17 मार्च को कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था. इसके बाद वह बीजेपी में शामिल हो गए और इसके अगले ही दिन बीजेपी ने उनको असम चुनाव के लिए दिसपुर विधानसभा सीट से उम्मीदवार बना दिया था. प्रद्युत बोरदोलोई ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को पत्र लिखकर कांग्रेस छोड़ने का ऐलान किया था.
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प्रद्युत बोरदोलोई की पहचान एक जमीनी और कार्यकर्ताओं के बीच लोकप्रिय नेता की रही है. प्रद्युत बोरदोलोई नगांव और आसपास के इलाकों में मतदाताओं के बीच भी मजबूत पैठ रखने वाले नेताओं में गिने जाते हैं. साल 1998 में मार्घेरिटा विधानसभा सीट से विधायकी जीतकर चुनावी राजनीति का आगाज करने वाले प्रद्युत साल 2001 से 2015 तक तरुण गोगोई की अगुवाई वाली कांग्रेस सरकार में मंत्री भी रहे.
बोरदोलोई ने तरुण गोगोई की अगुवाई वाली सरकारों में महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी संभाली. कांग्रेस ने प्रद्युत को साल 2019 के चुनाव में नगांव लोकसभा सीट से चुनाव मैदान में उतारा और वह बड़े अंतर से जीतकर संसद पहुंचने में सफल रहे. साल 2024 के चुनाव में भी उन्होंने जीत का सिलसिला बरकरार रखा था.