प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को मुंबई में ग्लोबल फिनटेक फेस्ट 2026 का शुभारंभ किया. इस दौरान उन्होंने लोगों को संबोधित भी किया. पीएम मोदी ने कहा कि भारत के फिनटेक सेक्टर ने बहुत तरक्की की है.
पीएम मोदी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भारत के UPI सफर पर भी बात की. उन्होंने लोगों से क्रेडिट, सेविंग्स, पेंशन, इंश्योरेंस और दूसरी वित्तीय सेवाओं पर ध्यान देने की अपील की. कार्यक्रम में पीएम मोदी ने साफ कहा कि भारत को अब अपने फिनटेक सिस्टम को वैश्विक स्तर पर ले जाना चाहिए और इसमें नई तकनीक का भी इस्तेमाल करना चाहिए.
प्रधानमंत्री मोदी ने कार्यक्रम में बताया कि जापानी क्रेडिट रेटिंग एजेंसी ने हाल ही में भारत की सॉवरेन रेटिंग को A- कैटेगरी में अपग्रेड किया है. उन्होंने कहा कि यह अपग्रेड बहुत ज़रूरी है क्योंकि यह लगभग 30 साल बाद हुआ है. पीएम मोदी का कहना है कि भारत का यह रिफॉर्म का सफर आगे भी तेज रफ्तार से जारी रहने वाला है.
प्रधानमंत्री मोदी ने भारत की फिनटेक यात्रा को बहुत ही शानदार बताते हुए कहा कि इसमें UPI सबसे बड़ी ताकत है. 25 अगस्त को UPI को 10 साल हो गए हैं. ऐसे में, डिजिटल पेमेंट सिस्टम के शुरुआती दिनों को याद करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि बैंकिंग सुविधाओं को UPI ने बहुत ही आसान किया है.
पीएम मोदी ने बताया कि सिर्फ अगस्त में ही UPI ने 2,400 करोड़ से ज़्यादा ट्रांज़ैक्शन रिकॉर्ड किए. उन्होंने फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की टिप्पणी का भी जिक्र किया, जिसमें उन्होंने UPI को एक टैक्स स्टोरी नहीं बल्कि एक “सिविलाइज़ेशनल स्टोरी” बताया.
पीएम मोदी ने कहा कि भारत को UPI को उन देशों से जोड़ने की दिशा में काम करने की जरूरत है जहां उसका बड़े पैमाने पर व्यापार होता है.
पीएम मोदी ने बताया कि कई भारतीय विदेश में काम करते हैं और भारत में अपने परिवारों को पैसे भेजते हैं. हालांकि, उनका कुछ पैसा ट्रांज़ैक्शन कॉस्ट में कट जाता है. पीएम मोदी ने स्पष्ट किया कि UPI इन कॉस्ट को कम करने में मदद कर सकता है और यह पक्का कर सकता है कि पैसा भारतीय परिवारों तक तेज़ी से पहुंचे.
पीएम मोदी ने कहा कि फिनटेक का अगला चरण सिर्फ भुगतान तक सीमित नहीं होना चाहिए. उनका कहना है कि क्रेडिट और दूसरी वित्तीय सेवाओं तक भी पहुंच को आसान बनाना चाहिए.
उन्होंने कहा, “हमने पेमेंट में स्पीड और स्केल दिखाया है. अब हमें नॉन-पेमेंट ट्रांज़ैक्शन का हिस्सा बढ़ाने में मदद करनी है.”
प्रधानमंत्री मोदी ने कार्यक्रम में कहा कि 21वीं सदी का एक चौथाई हिस्सा खत्म हो चुका है. उनका कहना है कि भारत के पास नई संभावनाएं हैं. उन्होंने कहा कि एजेंटिक AI, टोकनाइजेशन और क्वांटम जैसी तकनीकें वित्तीय क्षेत्र में नए अवसर पैदा कर रही हैं. उनका कहना है कि असल चुनौती इन संभावनाओं को हकीकत में बदलने की है.
कार्यक्रम में पीएम मोदी ने फिनटेक कंपनियों को चार लक्ष्यों को तय करने का सुझाव दिया. उनका कहना है कि भारत में साइबर सुरक्षा को मजबूत किया जाना चाहिए और इंडस्ट्री को अपने नैतिक डेटा सुरक्षा मानक बनाने चाहिए. पीएम का कहना है कि फिनटेक रेगुलेटर और इंडस्ट्री के बीच मजबूत इनोवेशन इकोसिस्टम तैयार करने और फिनटेक कंज्यूमर प्रोटेक्शन इंडेक्स बनाने की जरूरत है, जिससे कंपनियों की पारदर्शी रेटिंग की जा सके.