बिहार की राजधानी पटना में आयोजित पंचायत आजतक के मंच पर "एनडीए सरकार, समृद्ध बिहार" सत्र में बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अपनी सरकार के डेढ़ सौ दिन का रिपोर्ट कार्ड रखा. उन्होंने बताया कि इन डेढ़ सौ दिनों में 700 मॉडल स्कूल बनाए गए, एक ही दिन में 211 डिग्री कॉलेज खोले गए और इंडस्ट्री के लिए करीब साढ़े नौ सौ से एक हजार एकड़ जमीन उपलब्ध कराई गई. उनका लक्ष्य है कि साल 2030 तक बिहार का कोई भी नौजवान पढ़ाई के लिए राज्य से बाहर न जाए.
पहली बार बीजेपी का मुख्यमंत्री
कार्यक्रम में उनसे पूछा गया कि बिहार इकलौता ऐसा हिंदी भाषी राज्य था जहां बीजेपी का मुख्यमंत्री नहीं बन पाया था, अब पार्टी का सपना तो पूरा हो गया, लेकिन जनता का सपना पूरा करने के लिए क्या किया गया. जवाब में सम्राट चौधरी ने पहले आजतक को बिहार के विकास पर चर्चा कराने के लिए धन्यवाद दिया. उन्होंने कहा कि जनता की उम्मीदें बड़ी होती हैं, इसमें कोई दो राय नहीं, लेकिन पिछले तीन चार महीनों में विकास के काम लगातार आगे बढ़े हैं. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के मार्गदर्शन का जिक्र करते हुए माना कि नीतीश कुमार ने बिजली, सड़क और शिक्षा में बहुत काम किया है, अब उनकी सरकार उसी को तेज रफ्तार दे रही है.
मॉडल स्कूल और विद्यार्थी साथी ऐप
मुख्यमंत्री ने बताया कि मॉडल स्कूलों में करीब साढ़े तीन लाख बच्चे पढ़ रहे हैं. पहले बच्चों का सपना होता था कि वे नेतरहाट, सैनिक स्कूल, देवघर के रामकृष्ण मिशन स्कूल या सिमुलतला में पढ़ें. अब वही व्यवस्था मॉडल स्कूलों में लाई गई है, जहां अच्छे शिक्षकों की तैनाती के साथ नीट की तैयारी की पूरी सुविधा दी जा रही है.
इसके साथ सरकार ने विद्यार्थी साथी ऐप शुरू किया है. सम्राट चौधरी ने कहा कि अगर कोई बच्चा रात एक बजे भी पढ़ना चाहे तो उसे शिक्षक मिलेगा. ऐप पर OTP से लॉगिन करते ही एक मिनट के अंदर शिक्षक उपलब्ध हो जाते हैं और यह सुविधा चौबीसों घंटे चालू रहती है. औसतन रात एक बजे डेढ़ लाख बच्चे इस ऐप से पढ़ाई करते हैं और रविवार को यह संख्या दो लाख तक पहुंच जाती है. पूरा डेटा असल समय में ट्रैक होता है.
एक दिन में 211 डिग्री कॉलेज
उन्होंने बताया कि आजादी के अस्सी साल में पूरे बिहार में सिर्फ 272 डिग्री कॉलेज थे और ब्लॉक स्तर पर कॉलेज नहीं थे. उन्होंने 15 जुलाई को एक ही दिन में 211 डिग्री कॉलेज खोले. शिक्षकों की कमी न रहे, इसके लिए 25 जून से प्रक्रिया शुरू कर एक महीने के रिकॉर्ड समय में बहाली और पोस्टिंग पूरी की गई. मुख्यमंत्री ने कहा कि जब वे खुद इन शिक्षकों से मिले तो पता चला कि कई लोग दिल्ली, बेंगलुरु और मुंबई की नौकरी छोड़कर बिहार आए हैं. उन्होंने यह भी कहा कि नीतीश कुमार ने करीब सात लाख शिक्षकों की बहाली की थी.
उद्योग, बजट और सब्सिडी
नीतीश कुमार की विरासत पर पूछे गए राजनीतिक सवाल पर उन्होंने कहा कि बिहार के निर्माण में श्रीबाबू, कर्पूरी ठाकुर और नीतीश कुमार का बड़ा योगदान रहा है. अब जरूरत तेज रफ्तार की है ताकि बिहार महाराष्ट्र, दिल्ली और कर्नाटक की गति पकड़ सके. उन्होंने बताया कि उपमुख्यमंत्री और वित्त मंत्री रहते उद्योगों के लिए करीब 13 हजार एकड़ जमीन अधिग्रहण की शुरुआत हुई थी. बिहार लैंडलॉक राज्य है और 14 करोड़ की घनी आबादी वाला है. पहले 87 प्रतिशत राजस्व झारखंड से आता था, लेकिन आज झारखंड का बजट एक लाख 39 हजार करोड़ और बिहार का बजट तीन लाख 17 हजार करोड़ का है. उन्होंने कहा कि बिहार आज सबसे ज्यादा सब्सिडी देने वाला राज्य है. सिर्फ बिजली में 23 हजार करोड़ की सब्सिडी दी जाती है, एक करोड़ 92 लाख घरेलू उपभोक्ताओं को 125 यूनिट बिजली मुफ्त मिलती है और किसानों को 55 पैसे की दर से बिजली देने पर करीब छह हजार करोड़ खर्च होते हैं.